Tuesday , 22 August 2017
Home » आयुर्वेद (page 10)

आयुर्वेद

उपवास व्रत का वैज्ञानिक महत्व – कीजिये शरीर का कायाकल्प।

Upwas ke fayde, upwas ka sehat connection, varat ke fayde, varat kyo karte hai उपवास यानि व्रत आज कल लोगों ने इसको अंध श्रद्धा का नाम दे दिया है। मगर ये भारतीय संस्कृति में स्वस्थ रहने की अनूठी प्रक्रिया है। आप इसको अपने जीवन का हिस्सा बना कर अपने शरीर का कायाकल्प कर सकते हैं और अनेकों स्वास्थ्य लाभ प्राप्त …

Read More »

यौन समस्याओं में रामबाण औषिधि है अश्वगंधा।

अश्वगंधा शुक्र धातु और वीर्य को बढ़ा कर चिर यौवन देने वाली महान औषिधि है। अश्वगंधा बलवर्धक वीर्यवर्धक व् शुक्रल अर्थात शुक्र धातु को पुष्ट करने वाली जड़ी बूटी है। पुरुष रोगों में ये बहुत महत्वपूर्ण है। अश्वगंधा को असगंध या वाजीगंधा भी कहा जाता है। इसका सेवन काम शक्ति को बढ़ाता है और यौवन प्रदान करता है। इसकी जड़ों का …

Read More »

ताक़त और शरीर को पुष्ट करने वाला अश्वगंधा।

 Ashwagandha ke fayde, ashwagandha kaise khaye अश्वगंधा (Ashwagandha ) एक प्रकार का पौधा होता है जिसके द्वारा कई आयुर्वेदिक दवाइयां बनाई जाती है और इसका उपयोग हजारों सालों से होता आ रहा है। अश्वगंधा को असगंध या वाजीगंधा भी कहा जाता है। अश्वगंध के पत्ते और जड़ो से अश्व (horse) के मूत्र का smell आता है इसी वजह से इसे अश्वगंध कहा …

Read More »

शंखपुष्पी गुण पहचान और फायदे

शंखपुष्पी गुण पहचान और फायदे Shankhpushpi gun pehchan aur fayde शंखपुष्पी पर शंख की आकृति वाले सफ़ेद रंग के पुष्प आते है, अतः इसे शंखपुष्पी नाम दिया गया है। इसे क्षीर पुष्पी (दूध के समान श्वेत रंग के पुष्प लगने के कारण), मांगल्य कुसुमा (जिसके दर्शन करने से सदैव मंगल हो) भी कहा जाता है। इसे हिंदी में शंख पुष्प, …

Read More »

हाइपर थाइरोइड में बहुत उपयोगी शंखपुष्पी।

hyper thyroid me shankhpushpi ke fayde अवटु ग्रंथि (थाइरोइड ग्लैंड) के अतिस्राव से उत्पन्न कम्पन, घबराहट और अनिद्रा जैसी उत्तेजनापूर्ण स्थिति में शंखपुष्पी काफी अनुकूल प्रभाव डालती है। अवटु ग्रंथि से थायरो टोक्सिन के अतिस्राव से हृदय और मस्तिष्क से हृदय और मस्तिष्क दोनों प्रभावित होते हैं। हाइपर थाइरोइड में शंखपुष्पी का प्रयोग। ऐसी स्थिति में शंखपुष्पी थाइरोइड ग्रंथि के …

Read More »

आधुनिक जीवन शैली में स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी हैं ये टेस्ट।

आधुनिक जीवन शैली में स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी हैं ये टेस्ट। आज कल की जीवन शैली में कुछ पता ही नहीं चलता के कब कौन सा रोग घेर ले। हम जितना भी सावधानी रखें खाने पीने में, मगर जो ज़हर कीटनाशको और यूरिया के नाम पर हमारे खाने में घोला जा रहा है और उस पर सोने पे सुहाग …

Read More »

स्किन को फेयर और आकर्षक बनाने का सर्वोत्तम उपाय – बादाम दूध।

स्किन को फेयर और आकर्षक बनाने का सर्वोत्तम उपाय – बादाम दूध। बादाम दूध त्वचा को कोमल और फेयर बनाने का सर्वोत्तम उपाय है जो किसी भी अन्य मानव निर्मित सौंदर्य प्रसाधन की अपेक्षा चेहरे को अधिक भव्य और आकर्षक बनाता है। और थोड़े से समय में ही आपके रूप को चार चाँद लगा देने वाला है। इसके प्रयोग से …

Read More »

यकृदरि लौह जानकारी और उपयोग।

यकृदरि लौह जानकारी और उपयोग। यकृदरि लौह एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे यकृत और प्लीहा के रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इस दवा में लौह, ताम्र, और अभ्रक भस्म, बिजौरा नीम्बू पेड़ की जड़ तथा हिरण की चमड़ी की भस्म है। यकृदरि लौह, एक लौह-कल्प है और इसमें लौह एक महत्वपूर्ण घटक है। इस दवा के सेवन से …

Read More »

पिप्पल्यादि लौह की जानकारी और उपयोग।

पिप्पल्यादि लौह की जानकारी और उपयोग। पिप्पल्यादि लौह एक आयुर्वेदिक लौह कल्प है। लौह कल्प में मुख्य घटक लोहा होता है। इस दवा को भैषज्य रत्नावली के हिक्का श्वासरोगाधिकार से लिया गया है। इसका प्रयोग खांसी, कफ, अस्थमा, हिचकी/हिक्का रोग, वमन, आदि को दूर करने के लिए होता है। यह छाती में जमा कफ को यह निकालने में मदद करती …

Read More »

शिलाजित्वादि लौह

शिलाजित्वादि लौह शिलाजित्वादि लौह एक आयुर्वेदिक दवा है। यह एक लौह कल्प है जिसमें मुख्य घटक लौह भस्म है। इसके अतिरिक्त इसमें शुद्ध शिलाजीत, माक्षिक भस्म, त्रिकटू और मुलेठी है। इस दवाई को भैषज्य रत्नावली के राजयक्ष्मा रोगधिकार से लिया गया है। राजयक्ष्मा, आयुर्वेद में ट्युबरकोलोसिस या टी.बी. को कहते है। इसके सेवन से खून की कमी, सभी प्रकार के …

Read More »
Share
DMCA.com Protection Status