Saturday , 21 October 2017
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आयुर्वेद

यौन शक्ति दायक और उत्तम वाजीकारक लहसुन पाक अनेक रोगों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दे..!!

यौन शक्ति दायक और उत्तम वाजीकारक लहसुन पाक अनेक रोगों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दे..!! मर्दाना ताक़त, जोड़ो का दर्द , (सन्धिवात ), सायटिका, हिचकी, श्वास, सिर दर्द, अपस्मार, गुल्म, उदर रोग, प्लीहा, कृमि, शौथ, अग्निमान्ध, पक्षाघात, खांसी, शूल आदि के लिए उत्तम औषिधि – लहसुन पाक। लहसुन पाक पोष्टिक आहार के रूप में वाजीकारक योग हैं। विवाहित पुरुषों …

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गाय के दूध के ये गुण नहीं जानते होंगे आप।

गाय का दूध गुणों का भण्डार हैं, इस दूध से अनेक बीमारिया सही होती हैं, जिन कारणों से ही भारत के लोगो में गाय के प्रति अपार स्नेह श्रद्धा और मातृत्व भाव होता हैं। आज हम जानेंगे के दूध के ऐसे अनजाने गुण जो हमने कभी सुने ही नहीं थे और जिन वजहों से ये अमृत तुल्य हैं। जीवन भर गाय …

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क्या हैं उषा पान, क्यों हैं आयुर्वेद में अमृत समान।

क्या हैं उषा पान, क्यों हैं आयुर्वेद में अमृत समान। शरीर के लिए विषतुल्य हानिप्रद गंदगी को शरीर से बाहर निकाल फेंकने के लिए उषा पान जैसा अमोघ अस्त्र भारतीय परम्परा की ही देन हैं, जो भारतीय महाऋषियों के शरीर विषयक सूक्षम एवं विषद अध्ययन की खूबसूरत अभिव्यक्ति हैं। आइये जाने इसके लाभ। “काकचण्डीश्वर कल्पतन्त्र” नामक आयुर्वेदीय ग्रन्थ में रात के पहले …

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त्रिफला आयुर्वेद की अमृत औषिधि

त्रिफला आयुर्वेद की अमृत औषिधि । Trifla churn ke fayde, Trifla ke fayde, Trifla ayurved ki amrit aushidhi हमारा शरीर तीन गुणों का बना हुआ है, आयुर्वेद में इन्हें वात, कफ और पित्त कहा जाता है। जब ये गुण सही मात्रा एवं अनुपात में होते हैं तो हम दैहिक, दैविक एवं भौतिक दुखों से दूर रहते हैं और जब इनका संतुलन ख़राब …

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इसबगोल के विभिन्न रोगो में उपयोग।

इसबगोल के विभिन्न रोगो में उपयोग। ईसबगोल प्लेनटेगो आवेटा तथा प्लेंटेगो सिलियम नामक पौधे के लाल भूरे एवं काले बीजो से इसबगोल प्राप्त होता हैं। यह एक झाड़ी के रूप में उगता है, जिसकी अधिकतम ऊँचाई ढाई से तीन फुट तक होती है। इसके पत्ते महीन होते हैं तथा इसकी टहनियों पर गेहूँ की तरह बालियाँ लगने का बाद फूल आते हैं। …

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शरीर जब सुन्न हो जाये करे ये उपाय – Numbness home remedy

Numbness home remedy रक्त-वाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर सुन्न हो जाता है। कभी-कभी बैठे-बैठे या काम करते हुए शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्न हो जाती है। कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं। इस कारण शरीर के अंग सुन्न पड़ जाते हैं। शरीर के किसी अंग के …

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गोंद के औषधीय गुण

गोंद के औषधीय गुण – gond ke fayde, babool ka gond, palash ka gond, guggul ka gond, guggul, neem ki gond, किसी पेड़ के तने को चीरा लगाने पर उसमे से जो स्त्राव निकलता है वह सूखने पर भूरा और कडा हो जाता है उसे गोंद कहते है। यह शीतल और पौष्टिक होता है। उसमे उस पेड़ के ही औषधीय गुण भी …

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वात रोग – आयुर्वेद

वात रोग – आयुर्वेद । आयुर्वेदिक ग्रन्थों के अनुसार वात 80 प्रकार का होता है एवं इसी से सामंजस्य रखता हुआ एक और रोग है जिसे बाय या वायु कहते हैं। यह 84 प्रकार का होता है। यहाँ प्रश्न यह उठता है कि जब वात एवं वायु के इतने प्रकार हैं, तो, यह कैसे पता लगाया जाय कि यह वात …

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ब्राह्मी अनेक जटिल रोगो के लिए चमत्कारिक दवा।

ब्राह्मी अनेक जटिल रोगो के लिए चमत्कारिक दवा ब्राह्मी बुद्धि तथा उम्र को बढ़ाने वाली अनेक जटिल रोगो की दवा हैं, ब्राह्मी – मंदबुद्धि, महामूर्ख, अज्ञानी को श्रुतिधर, त्रिकालदर्शी बनाने वाली महा औषधि हैं। ब्राह्मी मस्तिष्क, सफेद दाग, पीलिया, प्रमेह, खून की खराबी, खांसी, पित्त, सूजन, गले, दिल, मानसिक रोग जैसे पागलपन, कब्ज, गठिया, याददाश्त, नींद, तनाव, बालों आदि रोगो के लिए …

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शतावरी आयुर्वेद गुणों से भरपूर महा औषधि ।

शतावरी आयुर्वेद गुणों से भरपूर महा औषधि । शतावरी एक चमत्कारी औषधि है जिसका उपयोग कई रोगों के इलाज में किया जाता है। शतावरी की खूबसूरत लता के रूप में घरों और बंगलों में भी लगाई जाती है। यह पौधा झाड़ीनुमा होता है, जिसमें  फूल मंजरियों में एक से दो इंच लम्बे एक या गुच्छे में लगे होते हैं और फल मटर …

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