Sunday , 17 December 2017
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आयुर्वेद

गुड़मार अर्क मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड स्तर, हृदय दुर्बलता की एक उत्तम औषधि !

गुड़मार (वानस्पतिक नाम : Gymnema sylvestre ) एक औषधीय पौधा है जो मध्य भारत (मध्य प्रदेश), दक्षिण भारत और श्रीलंका का देशज है॥ यह बेल (लता) के रूप में होता है। इसकी पत्ती को खा लेने पर किसी भी मीठी चीज का स्वाद लगभग एक घंटे तक के लिए समाप्त हो जाता है। इसे खाने के बाद गुड़ या चीनी की मिठास खत्म हो जाती है और वह …

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शिवलिंगी / पुत्री या पुत्रजीव प्रजनन क्षमता बढ़ाये, स्त्रि रोगो के साथ ही और नौ 9 रोगों में भी लाभदायक हैं

शिवलिंगी बीज एक आयुर्वेदिक औषधि हैं जिसका घटक सिर्फ एक बीज ही हैं और वो हैं ब्रयोनोप्सिस लेसिनियोसा का बीज जिसे समान्यतया शिवलिंगी कहा जाता हैं। शिवलिंगी बीज का प्रयोग पुरे देश में प्रजनन क्षमता बढ़ाने और स्त्रियों के रोग विकारो को दूर करने के लिए किया जाता हैं,इसका प्रयोग स्वस्थ बच्चे के जन्म के लिए भी किया जाता हैं। …

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जानिए भारतीय मिट्टी के प्रकार उपयोग के तरीके और अविश्वश्नीय औषधीय गुण !!

मिट्टी के औषधीय गुण छान्दोग्य उपनिषद् में मिट्टी को अन्य पंच तत्वों जल, पावक, गगन तथा समीर का सार कहा गया है। स्वास्थ्य सौन्दर्य और दीर्घायु का मिट्टी से प्रगाढ़ सबंध होता है। मिट्टी में अनेक रोगों के निवारण की अद्भुत क्षमता होती है। इसके कुछ औषधीय उपयोगों को आइए जानते हैं। मिट्टी में अनेकों प्रकार के क्षार , विटामिन्स, …

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चन्द्रप्रभा वटी – ऐसा अद्धभुत आयुर्वेदिक रसायन जो बुढ़ापा और रोगों को दूर रखे !!

मूत्र, मासिक, धातु रोग में है बहुत फायदा- chandraprbha vati ke fayde आयुर्वेद में इसे रसायन कहा गया है ! रसायन उसे कहते हैं जो बुढ़ापा और रोगों को दूर रखे ! इसके सेवन करने से 20 प्रकार का प्रमेह, मूत्रकृच्छ, मूत्राघात, पथरी रोग, मलबद्धता, अनाह (अफारा), शूल, उपदंश, गाँठ, अर्बुद, अंडकोष फूलना, पीलिया, कांवर, हलीमक, आंते बढ़ना, कमर की …

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आँखों से चश्मा,जाला और कान की समस्याओ का घरेलु इलाज जिस का परिणाम मिलना तय है !!

हमारे शरीर का सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, बल्कि सबसे उपयोगी अंग भी है। इसका सिर्फ खूबसूरत होना तबतक मायने नहीं रखता जबतक कि आपके आंखों की रोशनी भी सलामत न हो, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो या तो आपकी खूबसूरत आंखों को चश्मे के मोटे-मोटे फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर लेंस लगाने के झंझटों में …

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आंबा हल्दी है ट्यूमर, टूटी हड्डी, सुजन, घाव, पीलिया, खाज खुजली जैसे कष्टों की रामबाण दवा !! aama haldi

आंबा हल्दी के पेड़ भी हल्दी की ही तरह होते हैं। दोनों में अंतर यह है कि आंबा हल्दी के पत्ते लम्बे तथा नुकीले होते हैं। आंबा हल्दी की गांठ बड़ी और भीतर से लाल होती है, किन्तु हल्दी की गांठ छोटी और पीली होती है। आंबा हल्दी में सिकुड़न तथा झुर्रियां नहीं होती हैं। विभिन्न भाषाओं में नाम : …

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बवासीर, मासिक विकार , वीर्य विकार, दाद , मिर्गी और नेत्र रोग में अत्यंत लाभकारी है अखरोट – walnut

Walnut, Walnut Benefits, Akhrot, Akhrot ke fayde, अखरोट , अखरोट के फायदे , अखरोट का परिचय : अखरोट पर्णपाती , बहुत सुन्दर और सुघंधित वृक्ष होते है, स्थानभेद से तथा अंतस्तर के रूप के अनुसार इसके दो प्रकार होते है। 1. जंगली अखरोट 2. कागजी (कृषिजन्य) अखरोट जंगली अखरोट : जंगली अखरोट 30 – 40 मी. तक ऊँचे, अपने आप …

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चावल के पानी के 6 विशेष गुण ऐसे आप ने सोचा न हो कभी वैसे !! Rice Water Benefits

चावल के पानी के 6 विशेष गुण- Rice Water Benefits अपने ज़िंदगी में चावल तो बहोत खाये होंगे, लेकिन कया अपने कभी चावलों का पानी पिया है। अगर आप ऐसा नहीं कर रहे हो तो करना शुरू कर दीजिये क्यूंकि इसके पीछे छिपे है कई फायदे जिनमे से 6 विशेष फायदे हम आपको बताने जा रहे है। Rice Water Benefits 1.ताकत …

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हृदय, यकृत तथा गुर्दे, अस्थमा एवं फेफड़े, Immunity और शक्ति के लिए प्रकृति का एक अद्भुत उपहार- कीड़ा जड़ी

प्रकृति का एक अद्भुत उपहार- कीड़ा जड़ी(कार्डिसेप्स साइनेनसिस) देवभूमि हिमालय एवं वनोषधियों का सम्बन्ध आदिकाल से रहा है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि हिमालय में तप करने के साथ-साथ ही अनेक दिव्य औषधियों की खोज भी करते थे। महर्षि चरक ने हिमालय के केदारनाथ क्षेत्र मे अनेक जड़ी-बूटियों का औषधीय ज्ञान प्राप्त किया। रामायण काल का ही प्रसंग लें तो मूर्छित …

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धरन या नाभिचक्र ठीक करना के लिए- पेट में धरण का इलाज

धरन या नाभिचक्र ठीक करना के लिए शरीर को रोग मुक्त रखने में नाभिचक्र का विशेष महत्व है। अगर नाभिचक्र ठीक न रहे अर्थात धरन पड़ जाए तो भी कई रोग लग जाते है जैसे गैस, जी मचलना, भूख न लगना, कब्ज या फिर दस्त लग जाना, सुस्ती, थकावट तथा पेट में दर्द इत्यादि। पाचन अंगो में कोई विकार होने, …

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