Tuesday , 21 November 2017
Home » Health » fever » चिकनगुनिया के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

चिकनगुनिया के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

चिकनगुनिया के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

चिकनगुनिया बुखार एक वायरस बुखार है जो एडीज मच्छर एइजिप्टी के काटने के कारण होता है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण लगभग एक समान होते हैं। इस बुखार का नाम चिकनगुनिया स्वाहिली भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है ”ऐसा जो मुड़ जाता है” और यह रोग से होने वाले जोड़ों के दर्द के लक्षणों के परिणामस्वरूप रोगी के झुके हुए शरीर को देखते हुए प्रचलित हुआ है।

चिकनगुनिया के लक्षण 

चिकनगुनिया में जोड़ों के दर्द के साथ साथ बुखार आता है और त्वचा खुश्क हो जाती है। चिकनगुनिया सीधे मनुष्य से मनुष्य में नहीं फैलता है। यह बुखार एक संक्रमित व्यक्ति को एडीज मच्छर के काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से फैलता है। चिकनगुनिया से पीड़ित गर्भवती महिला को अपने बच्चे को रोग देने का जोखिम होता है।

चिकनगुनिया के लक्षण

चिकगुनिया के कारण 

चिकनगुनिया मुख्य रूप से मच्छरों के काटने के कारण ही होता है। इसके सामान्य कारण निम्न हैं:

  • मच्छरों का पनपना।
  • रहने के स्थान के आसपास गंदगी होना।
  • पानी का जमाव।

चिकनगुनिया का सामान्य उपचार

chickengunia ka ilaj

चिकनगुनिया से पीड़ित रोगी को निम्न उपाय अपनाने चाहिए:

चिकनगुनिया का प्राथमिक उपचार

  • अधिक से अधिक पानी पीएं, हो सके तो गुनगुना पानी पीएं।
  • ज्यादा से ज्यादा आराम करें।
  • दूध से बने उत्पाद, दूध-दही या अन्य चीजों का सेवन करें।
  • रोगी को नीम के पत्तों को पीस कर उसका रस निकालकर दें।
  • रोगी के कपड़ों एवं उसके बिस्तर की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
  • करेला व पपीता अधिक से अधिक खाएं

चिकनगुनिया में बच्चों की देखभाल 

Chicken gunia me bachho ki dekhbhal

  • बच्चों का खास ख्याल रखें। बच्चे नाजुक होते हैं और उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है इसलिए बीमारी उन्हें जल्दी पकड़ लेती है। ऐसे में उनकी बीमारी को नजरअंदाज न करें।

  • बच्चे खुले में ज्यादा रहते हैं इसलिए इन्फेक्शन होने और मच्छरों से काटे जाने का खतरा उनमें ज्यादा होता है।
  • बच्चों घर से बाहर पूरे कपड़े पहनाकर भेजें। मच्छरों के मौसम में बच्चों को निकर व टी – शर्ट न पहनाएं।
  • आमतौर पर छोटे बच्चों को बुखार होने पर उनके हाथ – पांव तो ठंडे रहते हैं लेकिन माथा और पेट गर्म रहते हैं इसलिए उनके पेट को छूकर और रेक्टल टेम्प्रेचर लेकर उनका बुखार चेक किया जाता है। बगल से तापमान लेना सही तरीका नहीं है, खासकर बच्चों में। अगर बगल से तापमान लेना ही है तो जो रीडिंग आए, उसमें 1 डिग्री जोड़ दें। उसे ही सही रीडिंग माना जाएगा।

 

चिकुनगुनिया से राहत पाने के घरेलू उपाय

chickenguniya se rahat pane ke gharelu upay

मच्छर काटने के लगभग बारह दिन में चिकुनगुनिया के लक्षण उभरते हैं। चिकुनगुनिया के उपचार के लिए बहुत से घरेलू नुस्खे हैं जिन्हें अपनाकर चिकुनगुनिया से खुद को बचाया जा सकता है।

1. पपीते की पत्ती (Papaya leaf)

पपीते की पत्ती न केवल डेंगू बल्कि चिकुनगुनिया में भी उतनी ही प्रभावी है। बुखार में शरीर के प्लेटलेट्स (platelates) तेजी से गिरते हैं, जिन्हें पपीते की पत्तियां तेजी से बढ़ाती हैं। मात्र तीन घंटे में पपीते की पत्तियां शरीर में रक्त के प्लेटलेट्स को बढ़ा देती हैं। उपचार के लिए पपीते की पत्तियों से डंठल को अलग करें और केवल पत्ती को पीसकर उसका जूस निकाल लें। दो चम्मच जूस दिन में तीन बार लें।

2. तुलसी और अजवायन

तुलसी और अजवायन भी चिकुनगुनिया के उपचार के लिए बेहद अच्छी घरेलू औषधि हैं। उपचार के लिए अजवायन, किशमिश, तुलसी और नीम की सूखी पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में उबाल लें। इस पेय को बिना छानें दिन में तीन बार पीएं।

3. लहसुन और सहजन की फली (Garlic and drum stick)

लहसुन और सजवायन की फली चिकुनगुनिया के इलाज के लिए बहुत बढ़िया है। चिकुनगुनिया में जोड़ों में काफी दर्द होता है, ऐसे में शरीर की मालिश किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए किसी भी तेल में लहसुन और सजवायन की फली मिलाकर तेल गरम करें और इस तेल से रोगी की मालिश करें।

4. लौंग

दर्द वाले जोड़ों पर लहसुन को पीसकर उसमें लौंग का तेल मिलाकर, कपड़े की सहायता से जोड़ों पर बांध दें। इससे भी चिकुनगुनिया के मरीजों को जोड़ों के दर्द से आराम मिलेगा, और शरीर का तापमान भी नियंत्रित होगा।

5. एप्सम साल्ट (Epsom salt)

एप्सम साल्ट की कुछ मात्रा गरम पानी में डालकर उस पानी से नहाएं। इस पानी में नीम की पत्तियां भी मिलाएं। ऐसा करने से भी दर्द से राहत मिलेगी और तापमान नियंत्रित होगा।

6. अंगूर (Grapes)

अंगूर को गाय के गुनगुने दूध के साथ लेने पर चिकुनगुनिया के वायरस मरते हैं लेकिन ध्यान रहे अंगूर बीजरहित हों।

7. गाजर (Carrot)

कच्ची गाजर खाना भी चिकुनगुनिया के उपचार में बेहद फायदेमंद है। यह रोगी की प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) को बढ़ाती है साथ ही जोड़ों के दर्द से भी राहत देती है।

 

इन सभी चीजो को देखते हुए Only Ayurved ने इन तीनो चीजो का स्वरस निकला है, जिसमे गिलोय पपीता और तुलसी का स्वरस है यह अमृत रस छोटे मोटे बुखार से ले कर के किसी भी प्रकार के फ्लू से लड़ने में बेहद सक्षम है भयंकर रोगों में इस का सेवन 30 Ml. सुबह शाम एक गिलास पानी में और स्वस्थ व्यक्ति जो कबी बीमार नहीं होना चाहता वो इस का एक चम्मच सुबह शाम सेवन करें.

इस के आलावा यह अमृत रस  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में एवं स्वाइन फ्लू, डेंगू, Viral Fever,  typhoid, डायबिटीज , सुजन, गठिया, आर्थराइटिस, सोरैसिस, एक्जिमा, मुहासे, इत्यादि के लिए बेहद लाभकारी है एवं यह प्राकृतिक रक्त शोधक भी है. Amrit Ras, Swine Flu ka ilaj, dengue ka ilaj

Amrit Ras कहाँ से मिलेगा. Swine Flu ka ilaj, dengue ka ilaj

अमृत रस की Franchisee लेने के लिए आप Only Ayurved के CEO चेतन सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं 7014016190 और अगर आप ये प्रोडक्ट लेना चाहते हैं तो आप निमिन्लिखित जगहों पर संपर्क कर सकते हैं.

आसाम – 9954000321

जयपुर – 8290706173, 8005648255

जोधपुर – 8432863869

अजमेर – 7976779225

सिरोही – 9875238595

टोंक – 9509392472

अजीतगढ़ – 8005648255

पानीपत – 9812126662

बाढ़डा ( भिवाणी ) – 9050589707

मोगा – 9988009713

बठिंडा – 9779566697

मलेर कोटला – 9872439723

लुधियाणा – 9803772304

मालेगांव (महाराष्ट्र) – 9860785490

धुले (महाराष्ट्र) – 9270558484

कल्याण – 8454050864

द्वारिका (गुजरात) – 9033790000

चिकली (गुजरात) – 9427869061

मेरठ – 9871490307, 8449471767

हाथरस ( U. P. ) –  9997397043

सराय कालें खां  (दिल्ली ) – 9971406805, 9015439622, 9871490307

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Share
DMCA.com Protection Status