Sunday , 18 February 2018
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migraine माइग्रेन के 10 कारण और माइग्रेन में परहेज जो जानना अत्यंत जरुरी !!!

माइग्रेन ( migraine ) के कारण

वैसे शोधकर्ताओं ने माइग्रेन ( migraine ) के लिए एक निश्चित कारण की पहचान नहीं की है। हालांकि, उन्होंने माइग्रेन के दर्द में योगदान करने वाले कुछ कारणों के बारे में जरूर जानकारी दी है। इसमें ब्रेन केमिकल्स में परिवर्तन या असंतुलन शामिल हैं, जैसे कि ब्रेन केमिकल्स सेरोटोनिन के स्तर में कमी। सेरोटोनिन आपके तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम में दर्द को विनियमित करने में मदद करता है। शोधकर्ता अभी भी सेरोटोनिन को लेकर रिसर्च कर रहे हैं। आइए माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले अन्य कारणों के बारे में जानते हैं।

माइग्रेन ( migraine ) को ट्रिगर करने वाले फूड

माइग्रेन के लिए जिम्मेदार फूड आपके द्वारा लिया जाने वाला खराब फूड माइग्रेन ( migraine ) के लिए जिम्मेदार माना गया है। अगर आप नमकीन या प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, तो यह आपके माइग्रेन को बढ़ा सकता है। आप फास्ट फूड और जंक फूड से भी दूरी बनाकर रखें। इसके अलावा स्वीटनर एस्पार्टेम और परिरेटिव मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी), कई खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं।

खाना न खाना

यदि आप समय अनुसार भोजन नहीं लेते या फिर अपने मील को स्किप करते हैं यह भी माइग्रेन के दर्द में योगदान देता है। इसलिए अपने डाइट पर पूरा ध्यान दीजिए।

शराब से दूरी शराब पीना सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। आपको बता दें कि शराब और अत्यधिक कैफीनयुक्त पेय माइग्रेन का कारण बन सकता है। इसलिए इसके सेवन से दूरी बनाकर रखिए।

तनाव का लेना

ऑफिस का तनाव या घर के तनाव के वजह से आपको माइग्रेन हो सकता है। इसलिए अपने तनाव को कंट्रोल करना सीखिए और कुछ दिन के लिए अपने आप को समय दीजिए।

नींद पूरी न होना

जब नींद पूरी न हो तब भी माइग्रेन में दर्द होने की संभावना होती है। इसके अलावा आवश्यकता से अधिक नींद लेना भी माइग्रेन का कारण बनता है।

ब्राइट रोशनी और तेज आवाज

ब्राइट रोशनी और सूरज की चमक माइग्रेन का कारण बन सकती है। इसके अलावा तेज आवाज भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है।

महिलाओं में माइग्रेन का कारण

मासिक धर्म से संबंधित माइग्रेन 60 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करते हैं, जो किसी प्रकार के माइग्रेन ( migraine ) का अनुभव करते हैं। एस्ट्रोजेन में उतार चढ़ाव की वजह से कई महिलाओं को माइग्रेन ( migraine ) में सिरदर्द का सामना करना पड़ता है। सिरदर्द का सामना करने वाली महिला अक्सर अपने पीरियड्स के पहले या बाद में, जब उन्हें एस्ट्रोजेन में बड़ी कमी आती है, सिर दर्द की रिपोर्ट करती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था या रजोनिवृत्ति यानी मोनोपॉज के दौरान भी महिलाओं माइग्रेन का सामना करना पड़ता है।

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माइग्रेन ( migraine ) में परहेज

1 पनीर

पनीर को लेकर बहुत सारी डिश बनाई जाती है, जिसे लोग बड़े ही चाव के साथ खाते हैं। क्या आप भी पनीर का ज्यादा सेवन करते हैं तो संभल जाइए क्योंकि माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने में पनीर की भी महत्वतपूर्ण भूमिका होती है। माइग्रेन होने पर चीज केक, पनीर स्ला इस खाने से बचना चाहिए।

2 सोडियम और नाइट्रेट

हॉट डॉग, बेकन और कुछ मीट को संरक्षित करने के लिए सोडियम और नाइट्रेट डाला जाता है। लेकिन इसके सेवन से न केवल माइग्रेन ( migraine ) का अटैक आ सकता है बल्कि दिल की बीमारी के होने का भी रिस्क रहता है। साथ ही प्रीर्जेवेटिव, बेनजोइक भी माईग्रेन का कारण बन सकता है। इसलिए कोशिश करें कि आप इनका सेवन न करें।

3 बीन्स

बीन्स सेहत के लिए बहुत ही अच्छे होते हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिंस पाया जाता है, जिसके इस्तेमाल से आपके शरीर की पौष्टिरक आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से हो जाती है। लेकिन माइग्रेन की समस्या है उन्हें बीन्स खाने से बचना चाहिए। बीन्स के अलावा टोफू, सोया सॉस आदि माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसलिए माइग्रेन ( migraine ) में इन चीज़ों से परहेज करें ।

4 एमएसजी से बनाएं दूरी

एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लूमटामेट) एक प्रकार का फ्लेवर इन्हेंससर (स्वाडद बढ़ाने वाले) होता है जिसे कई तरह के आहार में मिलाया जाता है। एमएसजी यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट खाने को स्वादिष्ट और टेस्टी बनाता है, लेकिन इसकी वजह से कई बार माईग्रेन ( migraine ) अटैक पड़ सकता है। सभी प्रकार के प्रोसेस्डम फूड, डिब्बे वाले खाद्य पदार्थों, सूप, सालाद, स्नैक्स, आइसक्रीम, च्विंग गम, रेडी-टू-इट उत्पाद, आदि सब में एमएसजी पाया जाता है।

5 अचार और मिर्च

स्वाद और मजे के लिए हम बहुत सारा मिर्च और आचार खा लेते हैं, लेकिन यह हमारे सेहत के लिए सही नहीं है। किसी भी प्रकार का अचार और मिर्च माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकता है। अचार में नमक के साथ तेल की मात्रा ज्यादा होती है जो सेहत के लिए सही नहीं है। इसलिए माइग्रेन में परहेज के दौरान इन से भी दूरी बनाएं

6 कैफीन

कैफीन को लोग अक्सर कॉफी के रूप में पीते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो कैफीन की ज्यादा मात्रा हानिकारक होती है और इससे बेचैनी, अस्थिरता, सिरदर्द, अनिद्रा जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। कैफीन को सामान्य, से ज्याीदा मात्रा में सेवन करने पर माइग्रेन की समस्याइ हो सकती है।

7 जैतून का तेल

स्वास्थ्यवर्धक तेल के रूप में जैतून का तेल की पहचान है। इसका प्रयोग कई तरह की बीमारियों में लाभदायक होता है। लेकिन माइग्रेन के मरीजों को जैतून के तेल का सेवन करने से बचना चाहिए। जैतून के तेल से माइग्रेन का दर्द बढ़ता है।

8 सूखा मेवा

माइग्रेन के मरीज को ज्यादा अखरोट, मूंगफली, बादाम, काजू, किशमिश आदि खाने से बचना चाहिए। सूखे मेवे में सल्फाेइट्स नामक तत्व, पाया जाता है, जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ाता है।

9 माइग्रेन में इन फलों को खाने से बचें

केला, खट्टे फल, लाल आलूबुखारा और एवोकेडो भी माइग्रेन के दर्द को बढ़ाते हैं, इसलिए इनके सेवन से माइग्रेन में परहेज करना चाहिए ।

10 जंक फूड और शराब

पिज्जा, वडा पाव, समोशा, बर्गर, रोल, चौमिन,चिली, फैंच फ्राइ और कोलड्रिंक भी माइग्रेन में हानिकारक हैं, इसलिए माइग्रेन की समस्याक होने पर इसे न खायें। इसके अलावा शराब का ज्यादा सेवन करने से दिमाग में रक्त का संचार ठीक से नहीं होता है, जिसके कारण मरीज को माइग्रेन में समस्या आती है। इसलिए इसके भी सेवन से बचें।

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