Tuesday , 27 June 2017
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पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज.

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पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज.

पेचिश को आमतिसार और रक्तातिसार के नाम से भी जाना जाता है. इसके रोगी को भूख कम लगती है और दुर्बलता प्रतीत होती है. पेचिश रोग में शुरू शुरू में बार बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में दस्त, पेट में ऐंठन की पीड़ा, मल के साथ सफ़ेद चिकना पदार्थ (Mucus) निकलता है, परन्तु धीरे धीरे दस्तों की संख्या बढती जाती है और रक्त भी साथ में आने लग जाता है. दस्त के समय पेट में असहनीय दर्द होता है. पेचिश का मुख्य कारण इलियम के निचले हिस्से व् बड़ी आंत में प्रदाह होता है. पेचिश दो प्रकार की होती है.

  1. दण्डाणुका पेचिश.

  2. अमीबिक पेचिश.

1. दण्डाणुका पेचिश – दण्डाणुका पेचिश में रोगी को बार बार दस्त जाने की इच्छा होती है. दस्त में रक्त का अंश अधिक होता है. कभी कभी ऐसा लगता है मानो केवल रक्त ही रह गया है. दिन में 20 – 30 दस्त तक हो जाते हैं. और कभी कभी ज्वर भी हो जाता है. यह शीघ्र ठीक हो जाती है. इसके लिए होम्योपैथिक की मर्क कोर 30 एक ड्राम गोलियां लेकर दस दस गोली, पांच बार चूसने से शीघ्र ही रोगी ठीक हो जाता है.

2. अमीबिक पेचिश – अमीबिक पेचिश Entamoeba Histolytia नामक कीटाणु से होती है. गंदे खान पान से यह कीटाणु आंतड़ियों में चला जाता है और वहां प्रदाह पैदा करता है. इसमें दस्त लगते हैं. 24 घंटे में 2 – 4 से लेकर 8 – 10 दस्त आ जाते हैं, दस्त मात्रा में बड़ा, ढीला सा, और तुरंत मल त्याग की इच्छा वाला होता है. दस्त में आंव और रक्त दोनों मिश्रित रहते हैं. रक्त मिश्रित दस्त पतला और ढीला हो जाता है. कुछ में रक्तातिसार (Melaena) का ही लक्षण विशेष होता है और कुछ में कब्ज. दस्तों के अलावा भोजन से अरुचि, आफरा, पेट दर्द या बेचैनी सी रहती है. श्रम करने से थकान, चक्कर आते हैं. इस रोग के कारण श्वांस रोग, पामा (Eczema), यकृत में शोथ (Fatty liver), घाव भी हो सकता है. यह जितना पुरानी होती जाती है उतना इसको दवाओं से ठीक करना कठिन रहता है, लेकिन भोजन और घरेलु चिकित्सा से इसको आसानी से ठीक किया जा सकता है.

आइये जानते हैं अब पेचिश को सही करने के रामबाण घरेलु उपाय.

पेचिश का रामबाण इलाज जारी है – यहाँ या नीचे Next पर Click करें.

One comment

  1. राजकुमार सिंह

    गर्मियों में होने वाली पेचिश एवं रक्‍त पेचिश में एक अनुभूत प्रयोग इस प्रकार है- एक चम्‍मच काला नमक, एक चम्‍मच मीठा सोडा एक गिलास पानी में मिला लेवें । फिर थोडा सी टाटरी मिला कर तुरंत पानी एक साथ पी जावें । दिन में तीन से चार बार प्रयोग करने से रक्‍त आना बंद हो जाता है ।

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