Saturday , 23 September 2017
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प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड हैं बहुत महत्वपूर्ण।

प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड हैं बहुत महत्वपूर्ण।

प्रेग्नेंसी में खान-पान और अन्य चीजों को लेकर विशेष सावधानी रखना आवश्यक होता हैं। ऐसा न करने से प्रेग्नेंसी में प्रॉब्लम हो सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला में हार्मोंस परिवर्तन होता है। ऐसे में उनके भोजय पदार्तो में विटामिन, कैल्शियम, कैलोरी इत्यादि की जरूरत भी अधिक होती है।

आइए जानें क्यों प्रेग्नेंसी में जरूरी है फोलिड एसिड।

प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड का नियमित रूप से सेवन करना आवश्यक है। फोलिक एसिड प्रेग्नेंट औरतो के स्वस्थ्य के लिए सुपर हीरो हैं। फोलिड एसिड की कमी गर्भवती मां और होने वाले बच्चें के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक है। फोलिक एसिड विटामिन बी हैं जो हमको फलो और सब्जियों में मिलता हैं। फोलिक एसिड गर्भ के बाद  स्तनपान के पहले छह महीनो के लिए भी जारी रखना एक अच्छा विकल्प है।

  • गर्भवती महिला को खाने में विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्वों के साथ ही फोलिक और आयरन लेना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है।
  • गर्भावस्था शुरूआत में भले ही फोलिक एसिड की मात्रा कम लें, लेकिन धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ा देनी चाहिए जिससे फोलिड एसिड की कमी से कोई विकार उत्पन्न ना हो।
  • गर्भावस्था में फोलिक एसिड के नियमित सेवन से गर्भस्थ शिशु में होने वाले जन्मजात विकार जैसे स्पाईनल बायफिडा की समस्या कम हो जाती है।
  • गर्भावस्था में फोलिक एसिड की कमी जैसी समस्या आम होती है। इसकी वजह से बच्चे की रीढ़ की हड्डी में विकार उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही मस्तिष्क के सामान्य विकास पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए गर्भावस्था में यह सबसे ज्यादा जरूरी है।
  • वैसे तो आमतौर पर भी इन विटामिंस की जरूरत होती है, लेकिन गर्भावस्था में फोलिक एसिड और आयरन की आवश्यकता सामान्य से 50 फीसदी तक बढ़ जाती है।
  • गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड का नियमित सेवन न करने से गर्भवती महिला को एनीमिया हो सकता है। इतना ही नहीं यह बीमारी होने वाले बच्चे को भी हो सकती है।
  • शुरूआती दिनों में फोलिक एसिड का अधिक सेवन करने से गर्भावस्था के आने वाले दो-तीन महीनों में इसकी आपूर्ति होती है। ऐसे में शुरूआती समय में ही फोलिक एसिड  और आयरन भरपूर मात्रा में लेना चाहिए।
  • फोलिक एसिड की पूर्ति के लिए गर्भवती महिला को हरी पत्तेदार सब्जियां, स्ट्राबेरी, फलियों, संतरे, मोसमी और सलाद का सेवन करना चाहिए। हालांकि इसके फोलिक एसिड की पिल्स भी आती हैं लेकिन पिल्स से अन्य बीमारियां जैसे कब्ज इत्यादि होने की संभावना रहती है।

गर्भावस्था में फोलिक एसिड और अन्य विटामिन, मिनरल्स इत्यादि की कमी होने से न सिर्फ मां बल्कि होने वाले बच्चें को भी कई स्वास्‍थ्‍य समस्या‍एं हो जाती है। इसके अलावा मां और बच्चे की जान का भी जोखिम बना रहता है।

फोलिक एसिड के स्रोत: 

सब्जियां:

हरी पत्तेदार सब्जियां एक अच्छा स्रोत हैं, अत: प्रतिदिन सलाद का एक बड़ा कटोरा खाएं। फोलेट से युक्त सब्जियां हैं-मटर, मक्का, पालक, टमाटर,  फूलगोभी, राजमा, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, ब्रोकोली, चुकंदर, हरी सरसों, भिंडी, आलू छिलके समेत।

मेवे :

बादाम, काजू, मूंगफली, अखरोट, तिल।

फलियां :

सोयाबीन, लोबिया, राजमा, सूखी मटर, काबूली चना, दालें।

फल :

स्ट्राबेरी, विलायती खरबूजा, कीवी, केला, अनानास, नारंगी, पपीता, संतरे, रसबेरी।

अनाज :

साबुत अनाज का आटा, चोकर, आटे की ब्रेड, दलिया।

गर्भवती स्त्रियों को अपने भोजन में कुछ परिवर्तन भी करना चाहिए – जैसे।

नाश्ते में संतरे का जूस या सीरियल के साथ कटा हुआ फल लें।

दोपहर के भोजन में ताजी हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद शामिल करें।

शाम को मौसमी फलों के सलाद की एक कटोरी शामिल करें।

रात के भोजन में तिल के तेल में तली सब्जियां शामिल करें।

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One comment

  1. clashofclanshack

    There are a few fascinating time limits here however I don’t determine if I see all of them center to heart. There is some validity however I most certainly will take hold opinion until I look into it further. Good article , thanks and now we want extra! Put into FeedBurner as properly

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