Wednesday , 12 December 2018
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पथरी क्या है ? पथरी के लक्षण व मुख्य कारण, रोकथाम, किडनी पर असर, क्या तुरंत निकलना जरूरी ह ?

हर साल 10 लाख से ज़्यादा मामले (भारत) पथरी के होते है जिनमेसे 50 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों में पथरी ( Stone ) का आकर छोटा होता है, जो प्राकृतिक रूप से तीन से छः सप्ताह में अपने आप पेशाब के साथ निकल जाती है। इस दौरान मरीज को दर्द से राहत के लिए और पथरी को जल्दी निकलने में सहायता के लिए दवाई दी जाती है।

पथरी ( Stone ) का रोग बहुत से मरीजों में दिखाए देनेवाला एक महत्वपूर्ण किडनी का रोग है। पथरी ( Stone ) के कारण असहनीय पीड़ा, पेशाब में संक्रमण और किडनी को नुकसान हो सकता है। इसलिए पथरी के बारे में और उसे रोकने के उपायों को जानना जरुरी है।

पथरी क्या है ? What Is Stone

पेशाब में कैल्शियम ऑक्जलेट या अन्य क्षारकणों (Crystals) का एक दूसरे से मिल जाने से कुछ समय बाद धीरे-धीरे मूत्रमार्ग में कठोर पदार्थ बनने लगता है, जिसे पथरी के नाम से जाना जाता है।

पथरी कितनी बड़ी होती है ?  देखने में कैसी लगती है ?  वह मूत्रमार्ग में कहाँ देखी जा सकती है?

मूत्रमार्ग में होनेवाली पथरी ( Stone ) अलग-अलग लंबाई और विभिन्न आकर की होती है। यह रेत के कण जितनी छोटी या गेंद की तरह बड़ी भी हो सकती है। कुछ पथरी ( Stone ) गोल या अंडाकार और बाहर से चिकनी होती है। इस प्रकार की पथरी से कम दर्द होता है और वह सरलता से प्राकृतिक रूप से पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है।

कुछ पथरी ( Stone ) खुरदरी होती है। जिससे बहुत ज्यादा दर्द होता है और वह सरलता से पेशाब के साथ बाहर नहीं निकलती है।

पथरी मुख्यतः किडनी, मूत्रवाहिनी और मूत्राशय में देखी जाती है।

परन्तु कई लोगों में निम्नलिखित कारणों से पथरी बनने की संभावना रहती है:

कम पानी पीने की आदत, वंशानुगत पथरी ( Stone ) होने की तासीर, बार-बार मूत्रमार्ग में संक्रमण होना, मूत्रमार्ग में अवरोध होना, विटामिन ‘सी’ या कैल्शियम वाली दवाओं का अधिक सेवन करना, लम्बे समय तक शैयाग्रस्त रहना, हाइपर पैराथायराइडिज्म की तकलीफ होना

पथरी के लक्षण:

सामान्यतः पथरी  ( Stone ) की बीमारी 30 से 40 साल की उम्र में और महिलाओं की तुलना में पुरुषों में तीन से चार गुना अधिक देखी जाती है।
कई बार पथरी ( Stone ) का निदान अनायास ही हो जाता है। इन मरीजों में पथरी के होने का कोई लक्षण नहीं दिखता है। उसे “सालयेन्ट स्टोन” कहते हैं।

पीठ और पेट में लगातार दर्द होता है, उलटी उबकाई आना, पेशाब में जलन होना, पेशाब में खून का जाना, पेशाब में बार-बार संक्रमण का होना, अचानक पेशाब का बंद हो जाना .

पथरी के दर्द के विशिष्ट लक्षण:

पथरी ( Stone ) का दर्द अचानक शुरू होता है। इस दर्द में दिन में तारे दिखने लगते हैं अर्थात दर्द बहुत ही असहनीय होता है, पथरी का दर्द कमर से शुरू होकर आगे पेडू की तरफ आता है। मूत्राशय की पथरी ( Stone ) का दर्द पेडू और पेशाब की जगह में होता है। यह दर्द चलने फिरने से अथवा उबड़-खाबड़ रस्ते पर वाहन में सफर करने पर झटके लगने से बढ़ जाता है। यह दर्द साधारणतः घंटो तक रहता है। बा द में धीरे धीरे अपने आप कम हो जाता है।ज्यादातर यह दर्द बहुत अधिक होने से मरीज को डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, और दर्द कम करने के लिए दवा अथवा इंजेक्शन की जरूरत पडती है।

क्या पथरी के कारण किडनी खराब हो सकती है?

  • हाँ कई मरीजों में पथरी गोल अण्डाकर और चिकनी होती है। प्रायः ऐसी पथरी के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते है। ऐसी पथरी मूत्रमार्ग में अवरोध कर सकती है। जिसके कारण किडनी में बनता पेशाब सरलता से मूत्रमार्ग में नहीं जा सकता है और इसके कारण किडनी फूल जाती है।
  • यदि इस पथरी का समय पर उचित उपचार नहीं हो पाया तो लम्बे समय तक फूली हुई किडनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है और बाद में काम करना संपूर्ण रूप से बंद कर देती है। इस तरह किडनी खराब होने के बाद पथरी निकाल भी दी जाए, तो फिर से किडनी के काम करने की संभावना बहुत कम रहती है।

क्या प्रत्येक पथरी को तुरंत निकालना जरुरी है?

नहीं। यदि पथरी से बार-बार दर्द, पेशाब में संक्रमण, पेशाब में खून, मूत्रमार्ग में अवरोध अथवा किडनी खराब न हो रही हो, तो ऐसी पथरी को तुरंत निकालने की जरूरत नहीं होती है। डॉक्टर इस पथरी का सही तरह से ध्यान करते हुए उसे कब और किस प्रकार के उपचार से निकालना लाभदायक रहेगा, इसकी सलाह देते है। पथरी के कारण मूत्रमार्ग में अवरोध हो, पेशाब में बार-बार खून या मवाद आता हो या किडनी को नुकसान हो रहा हो, तो पथरी तुरंत निकालना जरुरी हो जाता है।

पथरी रोकथाम :

क्या एकबार पथरी प्राकृतिक रूप से अथवा उपचार से निकल जाने के बाद इस पथरी की समस्या से सम्पूर्ण रूप से मुक्ति मिल जाती है?

नहीं। एक बार जिस मरीज को पथरी हुई हो, उसे फिर से पथरी होने की संभावना प्रायः 80 प्रतिशत रहती है। इसलिए प्रत्येक मरीज को सजग रहना जरुरी है।

पुनः पथरी न हो इसके लिए मरीज को क्या सावधानियाँ और परहेज रखनी चाहिए?

पथरी की बीमारी में आहार नियमन का विशेष महत्व है। पुनः पथरी नहीं हो, ऐसी इच्छा रखनेवाले मरीजों को हमेंशा के लिए निम्नलिखित सलाहों का पूरी सावधानी से पालन करना चाहिए।

अधिक मात्रा में पानी पीना

  • 3 लीटर अथवा 12 से 14 गिलास से अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ प्रतिदिन लेना चाहिए।
  • यह पथरी बनने से रोकने के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण उपाय है।
  • पथरी बनने से रोकने के लिए पीने के पानी की गुणवत्ता से ज्यादा दैनिक पानी की कुल मात्रा ज्यादा महत्वपूर्ण है।

भोजन करने के बाद तीन घंटे के दौरान, – ज्यादा मेहनत वाला काम करने के तुरंत बाद और – रात्रि सोने से पहले तथा मध्यरात्रि के बीच उठकर दो गिलास या ज्यादा पानी पीना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

इस प्रकार दिन के जिस समय में पथरी बनने का खतरा ज्यादा हो उसे वक्त ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पीने से पतला, साफ और ज्यादा मात्रा में पेशाब बनता है, जिससे पथरी बनने को रोका जा सकता है।

फोटो पर क्लिक कर के जाने स्टोन अवे Stone Away के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

Stone Away को लेने का तरीका.

सुबह शाम 2 चम्मच (10 ML) एक गिलास पानी में मिला कर खाने के एक घंटे के बाद पियें. और इसके पीने के बाद आधा घंटा तक कुछ भी खाएं पियें नहीं. 9 mm तक का स्टोन इस से 1 से 3 महीने में निकल सकता है. इसकी कीमत 1 बोतल की 160 रुपैये है और 500 ml 380 रूपए , इस कीमत में Urine Alkalizer भी बाज़ार में नहीं आता, जिसमे इस से आधी चीजें भी नहीं होती. ये Urine Alkalizer के साथ स्टोन को भी साफ़ करता है. इसकी कम से कम 6 से 8 बोतल आपको पीनी पड़ेगी. जिन लोगो को बार बार पाठी बनती है उन लोगो के लिए तो Stone Away अमृत समान है .

Stone Away कहाँ से मिलेगी.

आपके नजदीकी Only Ayurved Dealer list और उनकी Location

बिहार

पटना – 7677551854, 7480099296

छत्तीसगढ़

बिलासपुर – 9584891808, 9926758959, 9300333438

रायपुर – 9644133772

दुर्ग भिलाई – Dr. साहू-  9691305217

पश्चिम बंगाल – West Bengal

कोलकाता –  7003386968

असम

सिलचर – 9954000321

महाराष्ट्र

मालेगांव (नासिक) – डॉ. फरीद शेख 9860785490

धुले – 9860704470

नासिक – 9270928077

पुणे – 9209211786

अकोला – 7020579564

वर्धा – 9579997503

कल्याण – 8454050864

टिटवाला – 9821315415

मलाड – 9967293444

घाटकोपर – 07738350032

बोरीवली – 9004316923

भंडारा – 9422174853

श्रीरामपुर (खंडाला) – 8888283393

औरंगाबाद – 8208266068

विरार – 9892967369

अमरावती – 9765332255

कर्नाटक – Karnataka

धारवाड़ (Dharwad) – 9844984103

बैंगलोर (Bangalore) – 7019098485

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अहमदाबाद – 7874559407

द्वारिका – 9033790000

चिकली – 9427869061

अमरेली – 9427888387

अंकलेश्वर – भरूच – 8460090090

बड़ोदा – 9725245318

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मथुरा – 9259883028

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आगरा – 9358355545

कासगंज – 7409463111

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इलाहाबाद – Dr. C.P. Singh – 9520303303

गोरखपुर – 9936404080

दिल्ली –  NCR

सराय कालें खां –  9015439622, 9871490307

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हिसार – 9518884444

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बाढ़डा ( चरखी दादरी ) – 9813210584

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लुधियाणा – 9803772304

जालंधर – 9814832828

अमृतसर – 8872295800

होशियारपुर उड़मुड टांडा – 9803208718

गुरदासपुर – 9815483791

मोहाली – 09216411342

मुकेरियां – 9815296322

चंडीगढ़ – 9877330702

राजस्थान

जयपुर – 8290706173, 8005648255

जोधपुर – 8005724956

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टोंक – 9509392472

अजीतगढ़ – 8005648255

संगरिया – 7597714736

हिमाचल प्रदेश

नालागढ़ – 9816022153

कुल्लू – 8219500630

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डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए आप निमिन्लिखित जगहों पर संपर्क कर सकते हैं.

राजस्थान – 8005648255

उत्तर प्रदेश – 7017840020

पंजाब – 9779566697

दिल्ली – 9871490307

गुजरात – 9033790000, 8866181846

महाराष्ट्र – 9860785490, मुंबई – 8454050864

छत्तीसगढ़ – 9584891808

मध्य प्रदेश  – 7987552689

हिमाचल प्रदेश – 9816022153

हरयाणा – 9315154682

इसके इलावा आप 7014016190 पर संपर्क कर सकते हैं

 

 

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