Monday , 23 October 2017
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अजवायन – पहचान, गुण धर्म, प्रयोग मात्रा एवं प्रयोग विधि

आज हम आपको अजवायन के बारे में विस्तार से बताने जा रहें हैं. आइये जाने इसकी पहचान, गुण धर्म, प्रयोग मात्रा एवं प्रयोग की विधि.

अजवायन का वानस्पतिक नाम: Trachyspermum ammi (Linn.) Sprague.

Syn- Carum Copticum Benth. & Hook. f.

कुल – Apiaceae

English Name – The Bishop’s Weed

संस्कृत – यवानी, यवानिका अजमोदिका, दीप्यका, उग्रगंधा, दीप्या   

हिंदी – अजवायन, अजवाइन, अजमायन, जवाईन, जबायन, अजवा, अजोवा,  

उर्दू-  अजवायन  (Ajwayan)

कन्नड़- वोम (Vom), ओमु (Omu) 

गुजरती- अज्मो (Ajmo), 

तमिल- ओमूम (Omum), ओमम्,   

तेलगु- वामु (Vamu), ओमान (Omaan)

बंगाली- यमानी (Yamani), जोवान (Jovan)

मराठी- अजमा (Ajma), यवान (Yavaan)  

मलयालम- अजवाण (Ajwan),  

नेपाली- ज्वानो (Jwano)

अंग्रेजी- Ajova Seeds, Ajowan, Carum Omum,  

अरबी- कमुने मुलुकी (Kamune Muluki), असुमा (Asuma), 

फारसी – नानखा (Naankha), जिनान (Jinaan)

रंग : अजवाइन का रंग भूरा काला मिला हुआ होता है।
स्वाद : इसका स्वाद तेज और चरपरा होता है।
स्वरूप : अजवाइन एक प्रकार का बीज है जो अजमोद के समान होता है।
स्वभाव : यह गर्म व खुष्क प्रकृति की होती है।

अजवायन के बारे में परिचय , एवं औषधीय परयोग और विधि निचे दी गई फोटो को देख कर जाने .

 

 

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