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Tuesday , 25 July 2017
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खाने के साथ पानी अमृत है या ज़हर।

KHANE KE SATH PAANI KYO NAHI PEENA CHAHIYE,

खाने के साथ पानी अमृत है या ज़हर अच्छे स्वस्थ्य के लिए ये जानना बहुत जरुरी है.! हमारा खाना सही पच रहा है या नहीं ? और ऐसा क्या कारण है के हम खाना खाने के बाद पानी क्यों ना पीये ? ये आपकी अनेक बीमारियो का कारण भी हो सकता हैं और अनेक बीमारियो का हल भी।

आइये जानते हैं इसी राज़ को।

हमने दाल खाई, हमने सब्जी खाई, हमने रोटी खाई, हमने दही खाया, लस्सी पी, दूध, दही, छाझ, लस्सी, फल आदि.! ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया, ये सब कुछ हमको उर्जा देता है और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है.! पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है, जिसको हम हिंदी मे कहते है “अमाशय” | उसी स्थान का संस्कृत नाम है “जठर” | उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है “epigastrium”, ये एक थेली की तरह होता है और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है। ये बहुत छोटा सा स्थान हैं, इसमें अधिक से अधिक 350gms खाना आ सकता है.! हम कुछ भी खाते, सब ये अमाशय मे आ जाता है.! आमाशय मे अग्नि प्रदीप्त होती है | उसी को कहते हे “जठराग्न”.! ये जठराग्नि है वो अमाशय मे प्रदीप्त होने वाली आग है । ऐसे ही पेट मे होता है जेसे ही आपने खाना खाया कि जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी..| यह ऑटोमेटिक है, जेसे ही अपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह मे डाला कि इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई.! ये अग्नि तब तक जलती हे जब तक खाना’ पचता है | अब अपने खाते ही गटागट पानी पी लिया और खूब ठंडा पानी पी लिया | और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते है.! अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी, वो बुझ गयी.! आग अगर बुझ गयी, तो खाने की पचने की जो क्रिया है वो रुक गयी.! You suffer from IBS, Never CURABLE.

अब हमेशा याद रखें खाना जाने पर हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है, एक क्रिया है जिसको हम कहते हैं “Digestion” और दूसरी है “fermentation” फर्मेंटेशन का मतलब है सडना…! और डायजेशन का मतलब है पचना.!

आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी तो खाना पचेगा, तो उससे रस बनेगा.! जो रस बनेगा तो उसी रस से मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र और अस्थि बनेगा और सबसे अंत मे मेद बनेगा.! ये तभी होगा जब खाना पचेगा.! यह सब हमें चाहिए. ये तो हुई खाना पचने की बात |

अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..?

खाने के सड़ने पर सबसे पहला जहर जो बनता है वो हे यूरिक एसिड (uric acid) | कई बार आप डॉक्टर के पास जाकर कहते है कि मुझे घुटने मे दर्द हो रहा है, मुझे कंधे-कमर मे दर्द हो रहा है तो डॉक्टर कहेगा आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है आप ये दवा खाओ, वो दवा खाओ यूरिक एसिड कम करो| और एक दूसरा उदाहरण खाना जब खाना सड़ता है, तो यूरिक एसिड जेसा ही एक दूसरा विष बनता है जिसको हम कहते है LDL (Low Density lipoprotine) माने खराब कोलेस्ट्रोल (cholesterol).

जब आप ब्लड प्रेशर(BP) चेक कराने डॉक्टर के पास जाते हैं तो वो आपको कहता है (HIGH BP) हाई-बीपी है आप पूछोगे… कारण बताओ.? तो वो कहेगा कोलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है | आप ज्यादा पूछोगे कि कोलेस्ट्रोल कौनसा बहुत है ? तो वो आपको कहेगा LDL बहुत है | इससे भी ज्यादा खतरनाक एक विष है वो है…. VLDL (Very Low Density Lipoprotive) ये भी कोलेस्ट्रॉल जेसा ही विष है। अगर VLDL बहुत बढ़ गया तो आपको भगवान भी नहीं बचा सकता|

खाना सड़ने पर और जो जहर बनते है उसमे एक ओर विष है जिसको अंग्रेजी मे हम कहते है triglycerides.! जब भी डॉक्टर आपको कहे की आपका “triglycerides” बढ़ा हुआ है तो समझ लीजिए की आपके शरीर मे विष निर्माण हो रहा है |

तो कोई यूरिक एसिड के नाम से कहे, कोई कोलेस्ट्रोल के नाम से कहे, कोई LDL -VLDL के नाम से कहे तो समझ लीजिए कि ये विष है और ऐसे विष 103 है | ये सभी विष तब बनते है जब खाना सड़ता है | मतलब समझ लीजिए किसी का कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट मे ध्यान आना चाहिए की खाना पच नहीं रहा है , कोई कहता है मेरा triglycerides बहुत बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट मे डायग्नोसिस कर लीजिए आप…! कि आपका खाना पच नहीं रहा है | कोई कहता है मेरा यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट लगना चाहिए समझने मे कि खाना पच नहीं रहा है | क्योंकि खाना पचने पर इनमे से कोई भी जहर नहीं बनता.! खाना पचने पर जो बनता वो है…. मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र, अस्थि.! और खाना नहीं पचने पर बनता है…. यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, LDL-VLDL.! और यही आपके शरीर को रोगों का घर बनाते है.! पेट मे बनने वाला यही जहर जब ज्यादा बढ़कर खून मे आते है ! तो खून दिल की नाड़ियो मे से निकल नहीं पाता और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा जो खून मे आया है इकट्ठा होता रहता है और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है जिसे आप Heart Attack कहते हैं.!

तो हमें जिंदगी मे ध्यान इस बात पर देना है कि जो हम खा रहे हैं वो शरीर मे ठीक से पचना चाहिए और खाना ठीक से पचना चाहिए इसके लिए पेट मे ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए| क्योंकि बिना आग के खाना पचता नहीं है और खाना पकता भी नहीं है |
महत्व की बात खाने को खाना नहीं, खाने को पचाना है |

14 comments

  1. DEAR SIR, I WANT MY PASSWORD AND I.D. FROM YOUR DEPARTMENT PLEASE HELP ME DETAILS AS BELOW THANKS

  2. Sir i am suffering from hernia .pl give me advice for this .

  3. Superb information
    Thankyou

  4. भाई साहब, आपकी जानकारी बहुत उपयोगी हैं लेकिन ये प्रिन्‍ट नही हो रहा हैं क़पया इसका प्रिन्‍ट आउट निकले ऐसा उपाय बताये

  5. Hello sir my age 34 height 5.8 weight 95 kg hai . Maine exercise ki , diet control ki weight loss nahi hu.

  6. Hello sir , my age is 27 and my height is 5.3 and weight is 78 kg . I had reduce my weight twice before by exercise and controlled diet and after stooped exerciae the weight Gaines very fastly

  7. Brajkishor Das (इन्सा)

    नमस्ते सर !
    सर आपने जो शेयर कि है वह बहुत ही उत्तम स्वास्थ्य सल्लाह है जी । जो सभी इन्सानो के लिए है । इसके लिए मै दिल से
    आप जी को बहुत बहुत धन्यवाद करता हुँ सर और इसितरह हरपल हर समय आप हमारे साथ रहो जी । बस यहि तो एक माध्यम है Facebook जिसके कारण हम सभी लोग आपके दिए गए सुझाव और शेयर किए गए स्वास्थ्य जानकारी को पढ पाते है जी । और बेहद का लाभ उठाते है । मालिक आपको भला करे जी ।

    आपका शरीर एकदम स्वस्थ और सुन्दर रहे जी ! आपके घर परिवार मे खुशियाँ हि खुशियाँ छाए और सभी का जीवन हराभरा रहे जी मालिक से हम अरदास करते है जी !!!
    “धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा”

  8. Brajkishor Das (इन्सा)

    मालिक आपको बेहद का खुशियाँ बख्शे जी ।
    घर परिवार मे सुख शान्ति छाइ रहे जी ।।

  9. Brajkishor Das (इन्सा)

    सर मैने आपका शेयर किया हुआ हरेक जानकारी को शेयर करता हुँ जी । जो सभी को पता चले जी । और सभी ने लाभ उठा सके ।

  10. Pleasebtell me about Green Coffee. How to use green coffee for weifht reduce

  11. Aapko in nayi nayi jankariyon ke liye bahut bahut dhanyavad.

  12. Please let me know after eating food when should we can take water.or it should be taken before?

    • खाने के एक घंटे के बाद ही पानी पियें. अगर बहुत ज़रूरी लगे तो बीच में एक दो घूँट पी सकते हैं.

  13. Hasmukh. Patel.

    Very good. Infermative. Advice for all of us. Appreciate. This good infermation for all common people of society. God bless you. Hmpatel

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