हमारे पुराने आयुर्वेद ग्रंथों में पुत्र-पुत्री अर्थात संतान प्राप्ति हेतु दिन-रात, शुक्ल पक्ष-कृष्ण पक्ष तथा माहवारी के दिन से सोलहवें दिन तक का महत्व बताया गया है। धर्म ग्रंथों में भी इस बारे में जानकारी मिलती है के किस समय सम्भोग करने से लड़का होगा और कब लड़की होगी. पुत्र पुत्री प्राप्ति के नियम – संतान प्राप्ति के नियम – पुत्र या पुत्री …
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Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

