मालकांगनी को चरक संहिता में शिरोविरेचनार्थ एवं उन्माद व् अपस्मार की चिक्तिसा में प्रयोग बताया है. सुश्रुत संहिता में ज्योतिषमिति तेल को शिरोविरेचनार्थ उन्माद व् अपस्मार के साथ में कुष्ठ की चिकित्सा में प्रयोग बताया है. मालकांगनी अर्थात ज्योतिषमिति का प्रयोग दिमाग को राकेट जैसा तेज़ करने, कमजोरी दूर करने, ताक़त बढाने, पुरुष रोगों में, कुष्ठ रोगों में, मिर्गी जैसे कड़े रोगों …
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Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

