Wednesday , 24 October 2018
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Heart Attack ka ilaj – छोटा सा बदलाव और कभी नहीं होगी हार्ट अटैक से मृत्यु

Heart Attack ka ilaj – कभी नहीं होगी हार्ट अटैक से मृत्यु

Heart attack ka ilaj – दोस्तों अभी परसों 18 तरीक को श्रीमती रीमा लागू का निधन हो गया, उनके बारे में पढ़ रहा था तो अनेक जानकारियां निकल कर आई सामने, उनको पता ही नहीं था के उनको हार्ट की कोई समस्या है, ऐसा उनके ही नहीं बल्कि 90 प्रतिशत लोगों के साथ होता है, यहाँ तक के हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री APJ Abdul Kalam की भी एक भरी सभा में हार्ट फेल हो जाने से मृत्यु हो गयी थी. लोगों को पता ही नहीं चलता के उनको हार्ट की समस्या है.

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आखिर ऐसा क्यों, क्योंकि भारतीय माध्यम वर्गीय परिवार के पास समय या इतना धन नहीं है के वो हर महीने जा कर अपनी जांच करवाएं के उसको क्या क्या बीमारियाँ हैं, क्यूंकि ये जांचे बहुत महंगी हैं. और ऐसा करवा पाना हर एक के लिए संभव नहीं है.

ऐसे में ओनली आयुर्वेद ने सोचा के क्या किया जाये के लोग इस बुरी और भयंकर बीमारी से मरे न, तो ऐसे में आज हम आपको एक सरल सा उपयोग बताने जा रहें हैं.

Heart attack ka ilaj – पहला प्रयोग.

  1. जिस मनुष्य को लगे के वो स्वस्थ ही है वो तो एक साल में सिर्फ एक बार जब लौकी का मौसम आता है, उस मौसम में सुबह शौच जाने के बाद एक गिलास लौकी का रस निकाल कर उसमे 50 ग्राम आंवले का रस मिला कर नियमित सेवन करे. हाँ ध्यान रहे लौकी का रस निकालते समय पहले उसको काट कर चेक ज़रूर कर लें के कहीं वो कडवी तो नहीं, कडवी लौकी का जूस नहीं पीना. Heart attack ka ilaj
  2. जिस मनुष्य को हार्ट में ब्लॉकेज हो या बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया हो, ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता हो उसको इसके साथ में एक महीने तक रोजाना एलो वेरा जूस 50 मिली पिलायें और उसके साथ में उसको रोजाना अर्जुनारिष्ट या अर्जुन का काढ़ा भी पिलायें.
  3. अगर कोई व्यक्ति हार्ट की समस्याओं को लेकर बहुत विकट स्थिति में हो तो उसको उपरोक्त बताये गए दोनों प्रयोगों के साथ में ये यूनानी नुस्खा भी ज़रूर करवाएं, इसके लिए आपको एक कप अदरक का रस, एक कप लहसुन का रस, एक कप निम्बू का रस, एक कप सेब का सिरका लेकर इनको धीमी आंच पर गर्म करें, जब ये चार भाग जल कर एक रह जाए अर्थात अगर 400 ग्राम हैं तो जब जल कर 300 रह जाए तो इसमें 300 ग्राम शहद मिला कर रोज़ सुबह शाम दो दो चम्मच दीजिये.

दूसरी बात ये के अगर आपके घर में या बाहर या छत पर थोड़ी सी जगह हो तो लौकी की बेल ज़रूर लगा लें जिस से आपको शुद्ध बिना रासायनिक खादों के लौकी प्राप्त हो सके. अन्यथा किसी किसान को प्रेरित करें बिना रासायनिक खादों के सब्जी उगाने की.

Heart attack ka ilaj – दूसरा प्रयोग.

आजकल हर घर गाँव शहर में चाय पीने का ही रिवाज़ है, ऐसे में ये चाय पत्ती छोड़ कर इसकी जगह आपको सिर्फ अर्जुन की छाल लाकर घर में कूट पीस कर इस चाय पत्ती की जगह रख लेनी है. इसमें तीसरा हिस्सा अर्थात अगर अर्जुन 100 ग्राम है तो 30 ग्राम दालचीनी भी कूट पीसकर मिला कर रख लीजिये. जब भी चाय बनानी हो, चाय पत्ती की जगह इस मिश्रण को मिला कर पिला दीजिये. और चीनी की जगह देसी खांड का इस्तेमाल कीजिये. Heart attack ka ilaj

इन ऊपर बताये गए दोनों प्रयोग में से कोई एक करने से आपको और आपके परिवार के किसी सदस्य को कभी भी हार्ट सम्बंधित कोई समस्या नहीं आएगी. यही है सही Heart attack ka ilaj

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आप सुबह शौच जाने के बाद सबसे पहले लौकी का जूस आंवला मिला कर पीजिये, उसके आधे घंटे के बाद में एलो वेरा जूस पीजिये, और उसके आधे घंटे के बाद में ये यूनानी नुस्खा लीजिये. और खाने के एक घंटे के बाद में अर्जुनारिष्ट लीजिये.

हम ओनली आयुर्वेद यही चाहता है के कोई भी व्यक्ति ऐसे हार्ट अटैक से ना मरे. और अगर आप उपरोक्त प्रयोग साल में एक महिना कर भी लेंगे तो आपके हार्ट से सम्बंधित बिमारियों के चांस 99 प्रतिशत कम हो जायेंगे.

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ध्यान रहे के जब भी किसी को हार्ट अटैक आये या बेहोश सा हो जाए तो तुरंत में उसका CPR करें, इसके लिए रोगी को सीधे लिटा दें और उसके छाती के बीच में हलके बायीं तरफ हार्ट पर जोर जोर से अपनी हथेली से दबाव दें, इसको एक मिनट में कम से कम 70 से 80 बार करें.

हृदय रोग में खाने की चीजें – पथ्य

  • गेंहू की रोटी, पुराना चावल, दलिया, मूंग की दाल, मसूर की दाल,
  • फलों में पपीता, अंजीर, खीरा, संतरा, मौसमी, अनार, बेल का फल (बिल्व) का सेवन करें.
  • आंवले का मुरब्बा, सुबह शाम भोजन के साथ ज़रूर खाएं.
  • गाय का दूध, नारियल का पानी, मट्ठा या छाछ, अर्जुन की छाल की चाय पियें.
  • दूध में इच्छित मात्रा में शुद्ध शहद मिलाकर 10 से 12 किशमिश के साथ सेवन करें.

हृदय रोगों में ये नहीं खाएं. अपथ्य

  • भारी, गरिष्ठ, तेज़ मिर्च मसालेदार, चटपटे, तले हुए पदार्थ.
  • मांसाहार, अंडा, शराब, तम्बाकू, चाय, कॉफ़ी, पनीर से परहेज करें.
  • घी, मक्खन, वनस्पति घी, डालडा घी, पाम तेल, मलाई, मावा, डिब्बा बंद खाना, फ़ास्ट फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स, मैदे से बनी चीजें.
  • आचार, पापड, चटनी से परहेज करें.

[Read. पीपल सभी प्रकार के हृदय रोगो के

स्वस्थ रहें. और दुवायें देते रहें.

महत्वपूर्ण लिंक.

[1. कोई भी काढ़ा बनाने की सही विधि और सावधानियां]

[2. जब डॉक्टर ने कहा 90 परसेंट हार्ट ब्लॉकेज है – तो कैसे हुआ बिना दवाई के ये शख्स बिलकुल सही]

[3. Aspirin Side effects and it’s natural alternate in hindi]

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