प्रसुत ज्वर PUERPERAL FEVER का आयुर्वेदिक इलाज onlyayurved [ads4] श्री धन्वन्तरी के अनुसार बालक पैदा करने (जनने) के डेढ़ महीने बाद या रजोदर्शन होने के बाद स्त्री का नाम प्रसूता नही रहता है। बंगेसन के अनुसार – प्रसुत रोगों में जवर, अतिसार,सुजन,शूल,आफर,बलनाश,तन्द्रा,अरुचि,मुंह से जल गिरना इत्यादि कफ और वात से पैदा होने वाले अनेक रोग होते है। यह …
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Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

