शरीरिक वेग शरीरिक क्रिया का हिस्सा है, इनको हमारा शरीर अपने आप ही अपनी आवश्यकता के अनुसार शरीर से निकालता या लेने की कोशिश करता है, जैसे खांसी, मूत्र, जम्भाई, आंसू, वीर्य, भूख, प्यास, पाद, टट्टी, उल्टी, छींक डकार आदि. इन वेगों को रोकने से शरीर में बहुत बड़े नुक्सान हो सकते हैं. कुछ वेग तो ऐसे हैं के जिनको …
Read More »
Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

