Saturday , 16 December 2017
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इन बीजो को फालतू समझ कर ना फेंके, ये कैंसर रोगियों के लिए ये अमृत से कम नहीं है.

pumkin seed in cancer treatment in hindi /kaddu ke beejo se cancer ka ilaj

विश्व में कैंसर आज एक बहुत बड़ी स्वास्थ्य  समस्या हो गयी है। कैंसर विश्व में होने वाली 12% मौतों के लिए जिम्मेदार है।.कैंसर के ईलाज के लिए कई प्रकार की आधुनिक चिकित्सा उपलब्ध है,जिनमे मुख्य है कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडियोथेरेपी लेकिन इन आधुनिक पद्तियो से पूर्ण रूप से कैंसर का ईलाज नहीं हो पता है और इनके साइड इफेक्ट्स भी बहुत ज्यादा होते है. इसलिए हम पौधों से प्राप्त प्राकर्तिक रसायनों से कैंसर का जो ईलाज करते है ,उनके परिणाम बहुत ही अच्छे मिलते है. इसे कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज हम Only Ayurved में एक और कैंसररोधी नेचुरल ईलाज के बारे में बात करेंगे .

आज हम Pumpkin  Seed (कद्दू के बीज ) के बारे में चर्चा करेंगे की ये कैंसर में किस प्रकार काम करते है और इन्हें कैसे इस्तेमाल किया जाये। हाल ही में हुए शोधो से पता लगा है कि Pimpkin में इतने अच्छे गुण पाए जाते है क़ि ये एक बहुत अच्छा केमोथेरेपी ईलाज़ में विकल्प बन सकता है।

How Pumpkin Seed Work in Cancer in hindi.

Pumpkin Seed (कद्दू के बीज) को हम अक्सर बेकार समझ कर फेक देते है, लेकिन ये बीज हमे कैंसर जैसे रोगों से बचा सकते है. शोध से पता लगा है की कद्दू के बीजो में Cucurbitacin नामक रसायन पाए जाते है, जो कैंसर कोशिका की प्रगति को रोककर कैंसर कोशिका को खत्म कर सकते है. Cucurbitacin मुख्यता कैंसर कोशिकाओ के जीन में परिवर्तन करके Apoptotic Effect (कैंसर कोशिका के मृत्यु ) दिखाते है.इसके इलावा Pumkin seed एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्त्रोत है जो कैंसर से बचने में भी उपयोगी है .

How to use Pumpkin Seed in Cancer in hindi

कैंसर रोगी कद्दू के बीजो ताजा या  को हल्का भूनकर (Roasted Pumpkin seed) कर खा सकते है इसके लिए

  1. कद्दू के बीजो को निकाल कर अच्छी तरह पानी से साफ कर ले .
  2. इन बीजो को किसी अख़बार पर या कपडे पर अच्छी तरह सुखा ले.
  3. अब आप किसी कटोरे में कद्दू के बीज को घी /मखन /तेल और नमक, मिर्ची,गर्म मसाले के साथ मिक्स करे (as per requirment)
  4. अब इस mixture को कड़ी में डालकर हल्का भूने जब तक बीज सुनहरे रंग के न हो जाये.
  5. जब ये सुनहरे और कुरकुरे हो जाये तो इनको उतार कर ठंडा कर ले .
  6. ठण्डा करने के बाद आप इसमें निम्बू का रस भी डाल सकते है.

फिर इन कुरकुरे बीजो का कैंसर रोगी कम से कम 10 – 10 ग्राम  सेवन करे

refrences

  • https://www.omicsonline.org/open-access/review-of-cucurbita-pepo-pumpkin-its-phytochemistry-andpharmacology-2161-0444-1000316.php?aid=66600
  • https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3612419/

Prepared By

Balbir Singh Shekhawat(B.Pharma, D. Pharma)

Pharmacist At PHC Sikar (RAJASTHAN)

2 comments

  1. There are many magical medicines in nature. It shows that where there is disease, there is medicine available in nature.

  2. बिना दवाई के स्वस्थ कैसे रहे ?
    आज हमारे देश में लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी रोग से ग्रसित है और चकित्सा के हालात हम सब जानते है तो ऐसे में अगर हम कुछ नियमो का पालन करें तो बीमार होने से बचा जा सकता है |आज से लगभग तीन हज़ार साल पहेले एक ऋषि हुए है आचार्य वाग्भट जी जिन्होंने खान पान की आदतों और रहें सहन के तरीको से होने वाली बीमारी एवं उनके घरेलु उपचार पर लगभग पचास हज़ार सूत्र लिखे है और ये सूत्र उसी तरह से लिखे गए है जैसे आज Clinical Trial कर के दवाइयों की किताब लिखी जाती है अर्थात सभी सूत्रों सेकड़ो बार परीक्षण किया गया है |
    इन्ही सूत्रों को आज के वाग्भट स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी ने आधुनिक जीवन के अनुसार रूपांतरित कर के बताया है कि कैसे स्वस्थ रहा जा सकता है |उन्ही में से कुछ सूत्रों का पालन कर के उम्र भर कई घातक रोगों से बचा जा सकता है |
    खाना खाने के डेढ़ घंटे बाद ही पानी पिए |
    दोपहर का खाना सुबह के खाने से कम हो और रात का सबसे कम |
    पानी हमेशा बैठ कर एवं घूँट घूँट कर पियें |
    खाने को चबा चबा कर आराम से खाएं |
    बहुत ठंडा पानी न पियें |
    रात को सोते समय सर पूर्व या दक्षिण की तरफ कर के लेटें |
    दोपहर के खाने के बाद 45 मिनट की विश्रांति अवश्य ले |
    रात के खाने के बाद लगभग एक किलोमीटर आराम से टहलें |
    चाय का सेवन एक दम बंद कर दे |
    रात को दही का सेवन नहीं करना है |
    उड़द के साथ दही नहीं मतलब No दही बड़ा |
    दूध के साथ नमक का सेवन नहीं करना है |
    फ्रिज में रखा कोई भी सामान ज़हर के समान है |
    एल्युमीनियम के बर्तन का उपयोग न करें |
    गर्म खाने के बाद ठंडी आइसक्रीम मतलब हृदय घात को न्योता देना है |
    खड़े होकर पानी पीना मतलब घुटने जवानी में ही जवाब दे देंगे |
    उपरोक्त सभी नियमो का पालन करने से आप सेकड़ो रोगों से बच सकते है अपितु रुग्ण अवस्था में रोग जल्दी से ठीक हो जायेगा |

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