Saturday , 24 June 2017
Home » Major Disease » हृदय » heart attack » लहसुन हृदय रोग में atorvastatin clopidogril aspirin की तरह काम करता है – मगर 99 प्रतिशत लोग नहीं जानते के कैसे खाना है ये

लहसुन हृदय रोग में atorvastatin clopidogril aspirin की तरह काम करता है – मगर 99 प्रतिशत लोग नहीं जानते के कैसे खाना है ये

आयुर्वेद में हज़ारों बार और अनेकों ग्रंथो में ये बताया गया है के लहसुन खाने से इतने फायदे होते हैं के ये शरीर में जाने पर किसी अमृत से कम नहीं, मगर लोग इसको खाने की सही विधि नहीं जानते, क्या इसको सीधे छीला और तुरंत किसी प्रकार से खा लिया ये सही है? नहीं, ये तो कभी भी गुणकारी नहीं हो सकता, तो फिर ऐसा क्या है और इसको कैसे खाएं के हमको इसके पूर्ण गुण मिलें. आज इसी बात पर चर्चा और प्रकाश डालने के लिए श्री बलबीर सिंह शेखावत (Pharmacologist – Sikar Rajasthan) बता रहें हैं इसके वैज्ञानिक पहलु के कैसे करता है ये काम और इसको खाने का क्या है सही तरीका.

वर्तमान की जीवनशेली के कारण heart attack जिसे myocardial infraction या हृदयघात भी कहते है. काफी सामान्य हो गया है heart attack का मुख्य कारण heart को रक्त प्रदान करने वाली coronory artery में किसी प्रकार का अवरोध  आना होता है. जिससे heart कि muscle को रक्त और oxygen  नही मिल पाता  ओर वो धीरे धीरे मृत होते जाते है

risk factor for heart attack

blood cholesterol, blood pressure, blood coagulation,  LDL oxidation  और ये 4  कारण ही heart attack  के लिए रिस्क फैक्टर है .जो heart attack के chances को बढ़ाते है .

blood cholesterol – blood में bad cholesterol जैसे कि LDL(low density lipoprotien) की  मात्रा अधिक होना ओर good cholesterol जैसे कि HDL(high density lipoprotien ) की मात्रा  कम होना heart attack  के लिए रिस्क फैक्टर है. LDL coronory artery  में  जाकर जमा हो जाता है. जिससे coronory artery ब्लाक होना शुरू हो जाती है .

blood pressure – BP सामान्य से ज्यादा होना heart attack के लिए risk फैक्टर है. ज्यादा bp होने से coronory artery पर दबाव बढ़ जाता है .

blood coagulation – रक्त वाहिनियो मुख्यता coronory artery जो कि heart को blood सप्लाई  करती है, में blood clot बन जाना यानि रक्त का थका जम जाने से heart को blood सप्लाई कम हो जाती है .ये heart attack का मुख्य कारण है .

LDL oxidtion – LDL की  oxidize form ज्यादा हानिकारक होती है जो कि रक्त वाहिनियो में जमा हो जाती है. यह heart attack  के लिए रिस्क factor है .

इन सब risk factor को अकेला लहसुन कम करने कि क्षमता रखता है .

लहसुन को कोन   नही जानता, देखने में सामान्य सा लगने वाला ओर आसानी से मिलने वाला लह्सुन हार्ट अटैक (heart attack ) जेसी गंभीर बीमारी से बचाव करने तथा दोबारा heart attack आने कि संभावना को 50% तक कम कर देता है .एक study के अनुसार 432 लोग जिनको पहले एक बार  heart attack आ चूका था उनमे से कुछ लोगो को लहसुन का रस  दिया गया ओर कुछ लोगो को कोई ट्रीटमेंट नही दिया गया 3 साल तक यह किया गया. result में पाया गया कि जिन लोगो को लह्सुन का रस दिया गया था. उन लोगो में दोबारा heart attack आने कि सम्भावना काफी कम हो गयी जो लहसुन का रस ले रहे थे उनमे 50 %डेथ रेट में कमी आयी.

लहसुन का रासायनिक संघठन – मुख्य रूप से सल्फर युक्त compound पाए जाते है .जो मुख्य रूप से ALLICIN से उत्पन होते है, ये है –

alliin, diallyl sulfide, diallyl trisulfide, methyl allyl trisulfide, methyl allyl disulfide, ajoene, Alliin allinylase एंजाइम की उपस्थिति में ALLICIN में बदल जाता है .

जाने लहसुन किस तरह heart attack के रिस्क factor को कम करता है

blood cholesterol को कम करता है लहसुन

-लहसुन में पाया जाने वाला ALLICIN तत्व  छोटी आंत से cholesterol का अवशोषण ओर पित का पुनावशोषण रोक देता है .जिससे  cholesterol रक्त में नही जा पाता .

-लहसुन एलोपैथी दवा statins(atorvastatin)   कि तरह  HMG  CoA REDUCTASE नामक ENZYEM को ब्लाक कर देता है. जो cholesterol बनने के लिए बहुत जरुरी होता है .जिससे रक्त में cholesterol की  मात्रा कम हो जाती है .

good cholesterol HDL को बढाता है लहसुन

-oxidized LDL ही CORONORY ARTERY में तथा अन्य रक्त वाहिनियो में जमा होता है. लह्सुन LDL cholesterol का oxidation कम कर देता है .जिससे वो रक्त वाहिनियो में जमा नही हो पाता .

blood pressure को कम करता है लहसुन

लहसुन  BP को भी सामान्य रखता है .ये HYPERTENSIVE पेशेंट(high bp ) में  20-30 mmhg systolic pressure ओर 10-20 mmhg diastolic pressure में कमी लाता है .लह्सुन रक्तवाहिनियो को खोल देता है तथा उन्हें relax रखता है जिससे bp सामान्य होने से रक्त वाहिनियो पर दबाव कम पड़ता है .जिससे उनमे क्षति नहीं होती है .

blood coagulation और blood clot को कम करता है लहसुन

लहसुन में पाया जाने वाला रसायन ajoene एलोपैथी कि दवा asprinऔर clopidogril  कि तरह काम करता है .जोकि एक anticoagulant है. ये platelates की  stickness को कम करके blood coagulation को रोकता है .

लहसुन  fibronoltic एक्शन भी होता है जिससे coronory और अन्य रक्त वाहिनियो में बनने वाला clot या रक्त का थका पिघल जाता है और रक्त का सर्कुलेशन बिना रुकावट के शुरू हो जाता है

इस प्रकार में allopathy की heart attack से बचाव करने वाली मुख्यता तीनो दवाओ के गुण अकेले लहसुन  में पाए जाते है. वो भी बिना किसी side effect के

ये तीनो दवाए combination में heart attack के मरीज को दी जाती है

atorvastatin – HMG C0A reductase inhibiter cholesterol कम करने के लिए

clopidogril– platelate stickness को कम करती है और blood clot बनने से रोकती है

aspirin – platelate aggregation रोकती है,  clot बनाने से रोकते है, blood clot को dissolve करने में सहायक होते है

लहसुन को इस्तेमाल करने का तरीका –

लहसुन  को छोटे छोटे टुकडो में काट ले या उसे अच्छी तरह से पीस कर कम से कम 10 मिनट तक ऐसा ही पड़ा रहने दें. इसको तुरंत इस्तेमाल नहीं करना है. ऐसा करने से लहसुन  में मोजूद Alliin केमिकल Allinylase एंजाइम की उपस्थिति में ALLICIN में बदल जाता है . लहसुन  के अधिकतर गुण ALLICIN के कारण होते है. 10 मिनट बाद आप कटे हुए या बारीक़ लहसुन  को पकाकर या इसका रस निकाल कर ले सकते है. कच्चा लहसुन खाने से जलन हो सकती है इसलिए इसको कच्चा न खाकर इसे पकाकर खाए.

विशेष – अगर आप इसको काटकर या पीसकर कम से कम 10 मिनट तक रखेंगे तो ही इसमें ये गुण आयेंगे. सीधे सीधे इस्तेमाल करने से इसमें इसके उपरोक्त गुण नहीं आयेंगे.

कितना करना है प्रयोग.

इसके प्रयोग के लिए अगर आप पहले से ही उपरोक्त बताई गयी दवाएं खा रहें हैं तो इसका उपयोग नियंत्रित मात्रा में ही करें, और अगर आप उपरोक्त दवाये नहीं ले रहें हैं तो आप इसको हर रोज़ 5 से 10 ग्राम तक खा सकते हैं. एक लहसुन की पोथी में तकरीबन 4 से 5 ग्राम तक वजन होता है.

लहसुन उपयोग करने से पहले याद रखे –  बेहद महत्वपूर्ण

-लहसुन  बहुत से एलोपैथी दवाओ जो कि heart कि बीमारी में काम में ली जाती है से interact करता है जैसे anticoagulant medicine ( aspirin,  clopidogril, warfarin etc) को लहसुन  के साथ लेने से bleeding disorder (रक्तसत्राव) होने का खतरा हो सकता  है .यदि आप ये दवाये जो के रक्त को पतला करने का काम करते है ले रहे है तो लहसुन  का अत्यधिक उपयोग करने से पहले इसके लिए आप अपने doctor से राय करे .और अपना prothrombin time (INR) जांच जरूर करवा ले इससे आप को BLEEDING disorder होने के चांसेस का पता लग जायेगा .

लहसुन bp को कम करने वाली तथा cholesterol को कम करने वाली दवाओ के effect को बढ़ा  देता है तो यदि आप लहसुन का  ज्यादा उपयोग कर रहे हो तो आप उस हिसाब से अपनी  दवाओ कि dose को doctor द्वारा adjust करवा ले.

आशा करते हैं के आजकी हमारी दी गयी जानकारी आपके ज्ञान में बढ़ोतरी करेगी. और पढ़े लिखे लोगों से भी आप तर्क कर सकेंगे.

हृदय रोगियों के लिए नियमित विशेष कुछ खाने की चीजें.

  1. लहसुन
  2. अखरोट
  3. अलसी
  4. टमाटर, चुकंदर, अनार
  5. अर्जुन की छाल का काढ़ा या चाय

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

DMCA.com Protection Status