मकर संक्रांति पर ऐसे बनाएं तिल-गुड़ के लड्डू, ये होंगे सेहत से जुड़े फायदे
मकर संक्राति का त्यौहार हिंदुओं में बड़े त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह ना केवल उत्तर भारत में बल्कि पूरे भारतवर्ष में मनाया जाने वाला त्यौहार है। इस दिन तिल, गजक, रेवड़ी, मूंगफली खूब चाव से खाए और खिलाए जाते हैं। तिल के लड्डू गुड में बनाए जाते हैं जो कि खाने में बहुत टेस्टी होते हैं। वैसे भी यह त्यौहार तिल के बिना अधूरा माना जाता है। न सिर्फ खाने में बल्कि संक्रांति पूजन के दौरान भी तिल का खास महत्व होता है। इस खास मौके पर आप भी बनाएं तिल और गुड़ के लड्डू। आइए हम आपको तिल और गुड़ के लड्डू बनाने की विधि और फायदों के बारे में बताते हैं।
- यह त्यौहार तिल के बिना अधूरा माना जाता है।
- संक्रांति पूजन में तिल का खास महत्व होता है।
- इसको खाने से आपका पेट देर तक भरा रहता है।
तैयारी का समय- 15 मिनट
बनाने का समय- 25-30 मिनट
10-15 लोगों के लिए बनाने की सामग्री
- सफेद तिल- 1 कप
- गुड़ – 1 कप
- घी – 3 चम्मच
- इलायची – 2
- पानी – आधा कप
तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि
- पैन में तिल लेकर उसे धीमी आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक भून लें।
- अब इसे एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें।
- तब तक एक कढ़ाई में पानी गर्म करके उसमें गुड़ डालकर गाढ़ा घोल बना लें।
- जब गुड़ गाढ़ा हो जाए, तब इसमें भुना हुआ तिल और पिसी इलायची डालकर मिला लें।
- अब एक चम्मच घी गर्म करें और उसे कढ़ाई में डाल दें। आंच बंद कर दें।
- जब मिश्रण हल्का सा ठंडा हो जाए, तब मिश्रण को लेकर गोल-गोल लड्डू बना लें।
- लीजिए आपके तिल और गुड़ के लड्डू तैयार है।
तिल और गुड़ के लड्डू को आप एक महीने तक स्टोर करके रख सकते हैं। यह बिल्कुल खराब नहीं होते है। तिल और गुड़ को साथ मिलाकर बनाने के कारण यह दिल, दिमाग और हड्डियों को स्वस्थ रखने में बहुत मदद करता है। यानी यह स्नैक्स सेहत की दृष्टि से भी बहुत लाभदायक होता है। इसको आप स्नैक्स के रूप में कभी भी खा सकते हैं। इसको खाने से पेट देर तक भरा रहता है जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
मकर संक्रांति पर क्यों खायें जाते हैं तिल-गुड़ के लड्डू
मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ का सेवन करने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। सर्दियों में जब शरीर को गर्मी की आवश्यकता होती है, तब तिल-गुड़ के यह लड्डू बखूबी काम करते हैं। तिल में तेल की प्रचुरता रहती है और इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्व पाये जाते हैं। साथ ही गुड़ की तासीर भी गर्म होती है। तिल व गुड़ को मिलाकर जो लड्डू बनाए जाते हैं, वह सर्दी में हमारे शरीर में आवश्यक गर्मी पहुंचाते हैं। यानी तिल और गुड़ शरीर को गर्मी देने के साथ ही शरीर को तंदुरुस्त रखते है। यही कारण है कि मकर संक्रांति के अवसर पर तिल व गुड़ के लड्डू पखाए जाते हैं।इस जनकारी को शेयर करके अपने मित्रो को जरुर बताइए,ताकि वे भी तिल के लड्डू बना सके।
Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।


















apko bhi badhai ho makar sakranti ki
आप सबको बधाई..
Good information