सर्दियों में शिशु की देखभाल।
शिशु को सर्दी लगना, छाती में कफ, छाती में दर्द हो या पसली चले तो करे ये घरेलु उपाय।
अभी सर्दी का मौसम चल रहा हैं। तो ऐसे में नवजात और छोटे बच्चो की थोड़ी ज़्यादा देखभाल करनी पड़ती हैं। आज हम आपको बताएँगे अगर शिशु को सर्दी लग जाए तो हम घर में मौजूद क्या उपाय कर सकते हैं।
छ: महीने से बारह महीने के आयु वाले छोटे बच्चे को ठन्डे मौसम या ठंडी हवा के कारण सर्दी लग जाए, छाती में कफ बोले, छाती में दर्द हो या पसली चले तो आधा कप पानी में १०-१२ दाने अजवायन के डाल कर उबाले। आधा रहने पर इसे कपडे से छान ले। यह अजवायन का काढ़ा थोड़ा गर्म गर्म शिशु को दिन में दो बार अथवा केवल रात में सोने से पहले पिलाये। आशातीत लाभ होगा।
विशेष –
साथ ही ये अजवायन का काढ़ा यकृत, तिल्ली, हिचकी, वमन, मिचली, खट्टी डकारे आना, पेट की गुड़गुड़ाहट, मूत्र विकार एवं पथरी रोगो का विनाशक हैं। इस से मौसम बदलते ही होने वाले ज़ुकाम की शिकायत भी दूर हो जाती हैं। ध्यान रहे जिन्हे मूत्र कठिनाई से उतरता हो, वे इस काढ़े का सेवन ना करे।
बच्चो की पसली चलने पर।
दूध में पांच तुलसी की पत्तिया और एक लौंग उबालकर पिलाने से बच्चो का पसली चलना बंद होता हैं।
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Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

















