Sunday , 15 March 2026
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अस्थिसुषिरता Osteoporosis रोग और इसे से जुड़े आहार,परहेज और घरेलु इलाज !!

ऑस्टियोपोरोसिस  ( Osteoporosis ) – कमजोर हड्डियाँ: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) हड्डी का एक रोग है जिससे फ़्रैक्चर का ख़तरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस   ( Osteoporosis ) में अस्थि खनिज घनत्व (BMD) कम हो जाता है, अस्थि सूक्ष्म-संरचना विघटित होती है और अस्थि में असंग्रहित प्रोटीन की राशि और विविधता परिवर्तित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस को DXA के मापन अनुसार अधिकतम अस्थि पिंड (औसत 20 वर्षीय …

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आँख आना – conjunctivitis, पिंक आई, नेत्र शोथ – प्रकार, एलोपैथिक और घरेलु उपचार !!

आँख आना ( कंजंक्टिवाइटिस, पिंक आई, नेत्र शोथ, नेत्रश्लेष्मलाशोथ, ( conjunctivitis ) ) आँख के सफेद भाग की बाहरी सतह और पलक की आंतरिक सतह की सूजन होती है। इसमें आँख गुलाबी या लाल दिखाई देती है और आँख में दर्द, जलन, खुरदरापन या खुजली भी हो सकती है। प्रभावित आँख में ज़्यादा आंसू आना या सुबह के समय आँख को …

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गांठ चाहे गर्भाशय की हो या शारीर के किसी भी हिस्से में यह नुस्खा जरुर रिजल्ट देगा !!!

शरीर के किसी भी हिस्से में उठने वाली कोई भी गाँठ(Lump)एक असामान्य लक्षण है जिसे गंभीरता से लेना आवश्यक है ये गाँठ पस या टी.बी से लेकर कैंसर तक किसी भी बीमारी की सूचक हो सकती हैं गाँठ रसौली अथवा ठीक नहीं होने वाला छाला व असामान्य आंतरिक या बाह्य रक्तस्राव कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं- गांठ का …

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ये दो चीजे घर में है तो डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया और वायरल बुखार कभी किसी को भी नहीं होगा !!

डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया और वायरल बुखार आजकल के मौसम में बहुत तेजी से बढ़ने वाली बीमारियां हो गई हैं। देशभर में कई लोग इन बीमारियों की गिरफ्त में हैं। आलम ये है कि कई लोगों की इन बीमारियों के चलते मौत भी हो गई है। आज की स्थिति ये है कि भारत के कई राज्‍य इसकी चपेट में आ चुके …

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हजारो लाखो तो खर्च कर दिए पर अब और नहीं कई बिमारिओ का काल है ये औषधी – Scientifically Proven

Scientifically Proven इस औषधी के जितने गुण आप को हजारो खर्चने के बाद भी नहीं मिलेंगे !! चिया के बीज ( Chia Seeds for Health) चिया के बीज, तुलसी की प्रजाति के बहुत ही छोटे बीज होते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में बहुत फायदेमंद होते हैं। चिया के बीजों में कई औषधीय गुण भी होते हैं, जो …

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Only Ayurved’s Exclusive पौरुष रसायन – पुरुषार्थ की सभी समस्या का समाधान !!!

Only Ayurved’s पौरुष रसायन, अश्वगंधा, सफ़ेद मूसली, शतावरी, जिन्सेंग, इत्यादी औषधियों का अर्क है यह पुरुषो के रोग जैसे, Low sperm Count, शीघ्रपतन, वी*र्य की कमी, गु*प्तांग की कमजोरी, या मिलन में मन ना लगना, मिलन में समय की कमी, इत्यादि रोगों में स्त्री और पौरुष दोनों के लिए लाभदायक है ।  (पुरुषो के लिए अधिक लाभदायक ) आइये आप को …

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सामान्य पौधे, ये करते हैं इन बड़े रोगों में रामबाण का काम का कम करते है !!

पौधे और तमाम तरह की जड़ी-बूटियों को आदिवासी पूजा-पाठ में इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण अंचलों में इन्हीं सब जड़ी-बूटियों से रोगों का उपचार भी किया जाता है। आदिवासी जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से पहले इनकी पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे जड़ी-बूटियों की क्षमता दुगुनी हो जाती है। इन जड़ी-बूटियों और उनके गुणों की पैरवी और पुष्टि आधुनिक विज्ञान …

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महंगी महंगी दवाएं खा खा कर थक चुकें हैं तो एक बार इसकी शरण में आ कर देखो।

मालकांगनी को चरक संहिता में शिरोविरेचनार्थ एवं उन्माद व् अपस्मार की चिक्तिसा में प्रयोग बताया है. सुश्रुत संहिता में ज्योतिषमिति तेल को शिरोविरेचनार्थ उन्माद व् अपस्मार के साथ में कुष्ठ की चिकित्सा में प्रयोग बताया है. मालकांगनी अर्थात ज्योतिषमिति का प्रयोग दिमाग को राकेट जैसा तेज़ करने, कमजोरी दूर करने, ताक़त बढाने, पुरुष रोगों में, कुष्ठ रोगों में,  मिर्गी जैसे कड़े रोगों …

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कुछ भी कभी भी ना खाएं – खाली पेट कभी नहीं खाएं ये चीजे वरना हो सकते है ये नुकसान !!

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि सुबह का नाश्ता हमारे शरीर के लिए ईंधन का काम करता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप सुबह−सुबह बिना सोचे−समझे कुछ भी पेट भरने के लिए खा लें। यह सही है कि सुबह का समय ऐसा होता है, जब हर कोई जल्दी में होता है और नाश्ते को बनाने …

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कमल – हर्दय, मष्तिष्क, कमजोरी, बुखार एवं बवासीर से लेकर सोंदर्य व स्त्रियों के रोगों में रामबाण औषधी

आयुर्वेद के अनुसार : कमल ( LOTUS ) शीतल और स्वाद में मीठा होता है। यह कफ, पित्त, खून की बीमारी, प्यास, जलन,फोड़ा व जहर  को खत्म करता है। हृदय के रोगों को दूर करने और त्वचा का रंग निखारने के लिए यह एक अच्छी औषधि है। जी मिचलना, दस्त, पेचिश, मूत्र रोग, त्वचा रोग, बुखार, कमजोरी, बवासीर, वमन, रक्तस्राव आदि में इसका प्रयोग लाभकारी होता है। विभिन्न भाषाओं में नाम : HERBAL USE OF LOTUS  संस्कृत-अम्बुज, पद्म, पुंडरीक। हिन्दी .कमल, सफेद कमल, लाल कमल, नीला …

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