Friday , 20 July 2018
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सर्दी गर्मी में होने वाले हर प्रकार के बुखार के लिए विशेष।

सर्दी गर्मी में होने वाले हर प्रकार के बुखार के लिए विशेष।

डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल बुखार के लिए बेहद असरकारक घरेलु इलाज. Dengu chickenguniya viral fever ke liye gharelu ilaj.

बुखार चाहे सर्दियों में चाहे गर्मियों में हो, ये बड़ा कष्टकारी होता हैं, इसके लिए आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे घरेलु नुस्खे जो हर प्रकार के बुखार के लिए रामबाण हैं।

पहले तो ये समझ लेना चाहिए के बुखार एक शारीरिक प्रक्रिया हैं, जिसके द्वारा हमारा शरीर अपने आप हमारे शरीर में जमा हुए विषैले तत्वों को जला कर निकाल देता हैं, इसलिए जब भी बुखार हो तो तुरंत दवा नहीं लेनी चाहिए, अगर परिस्थिति ज़्यादा ही कष्टकारी हो तभी कोई दवा ले। ये एक दो दिन रह कर उतर जाता हैं। मगर आप साथ में ये घरेलु उपाय ज़रूर करे। इन से आपका बुखार भी उतरेगा और शरीर में मौजूद विषैले तत्व भी निकालने में मदद मिलेगी।

गर्मियों और सर्दियों में होने वाला बुखार।

गर्मियों में तुलसी की पत्तियां 11, काली मिर्च 7, दोनों को 60 ग्राम जल में रगड़कर प्रात: और सायं रोगी को पिलायें। बरसात और सर्दियों में यही 125 ग्राम जल में उबालकर आधा रह जाने पर रोगी को पिलायें। काली मिर्च थोड़ी कूटकर डालनी चाहिए। बारह साल से कम आयु वाले बच्चो को चौथाई मात्रा ( तीन तुलसी की पत्तियां, दो काली मिर्च ) दस ग्राम पानी में पीसकर आयु को ध्यान में रखते हुए दे। मिठास के बिना काम न चले तो दस ग्राम मिश्री का चूर्ण डाल सकते है। आवश्यकता अनुसार दो दिन से सात दिन तक पिलायें।

दूसरी विधि

7 तुलसी की पत्तियां, 7 काली मिर्च और 7 बताशे ( या दस ग्राम मिश्री ) तीन कप पानी में डालकर उबालें। एक कप रह जाने पर गरम-गरम पीकर बदन ढककर दस मिनट लेट जाएँ। बुखार, फ्लू, मलेरिया, सर्दी का जुकाम, हरारत में रामबाण है। आवश्यकता अनुसार दिन में दो बार प्रात: एवं रात्रि सोतो समय दो-तीन दिन लें।

तीसरी और सबसे बढ़िया विधि. Giloy

जब भी आपको बुखार हो जाए तो आप गिलोय की बेल की डंडी और पत्तियां ले आयें, इसको घर में जूसर की सहायता से थोडा थोडा पानी डालते हुए जूस निकाल लीजिये और रोगी को दिन में तीन बार एक एक कप पिलाते रहें. इस से साधारण बुखार, चिकनगुनिया, डेंगू जैसे खतरनाक बुखार में भी राहत मिलेगी. और सेल कम होना जैसी जानलेवा परिस्थिति से बचे रहेंगे.

सहायक उपचार

1. वात और कफ ज्वर

वात और कफ ज्वर में उबालकर ठंडा किया हुया जल पिलाना चाहिए। ओटाया हुआ जल वात तथा कफ ज्वर नष्ट करता है। जो जल ओटते-ओटते धीरे-धीरे झाग रहित तथा निर्मल हो जाएँ तथा आधा शेष रह जाय उसे ही ओटा हुआ जल या ‘उष्णोदक’ समझना चाहिए।

आयुर्वेदानुसार –

एक किलो का पाव भर पका हुआ गरम जल कफ-ज्वर का नाश करता है।
एक किलो का तीन पाव गरम जल पित्त- ज्वर का नाश करता है।
एक दो बार उबला हुआ पका जल रात्रि में पिने से कफ, वाट और अजीर्ण नष्ट होते है।

2. न्यूमोनिया ज्वर

न्यूमोनिया में 250 ग्राम जल में एक लौंग डालकर दस मिनट तक उबालें। साथ ग्राम की मात्रा में यह पानी दिन में दो-तीन बार रोगी को दें। अय्यन्त लाभप्रद है।

3. सभी ज्वरो में

सभी ज्वरो में मीठा अनार बिना किसी हिचक के दिया जा सकता है। इससे ज्वर क समय की प्यास भी शान होती है। ज्वर में साबूदाना, दूध, चीकू, मौसमी पथ्य है।

4. ज्वर उतारने के लिए

A . हथेलियों और पगतलियों (पैरो के तलवे) को घिया के गोल टुकड़े से उँगलियों की तरफ झाड़ते हुए मले अथवा कपड़े से उँगलियों की तरफ झाडे।
B. कागजी निम्बू के पेड़ की पत्तियां लेकर हाथ से मलकर महीन कपड़े में बांधकर बुखार वाले रोगी के नाक के पास ले जाकर सुघायें। कम से कम सुबह-शाम सुघायें। एक तीन साल की बच्ची का बीस दिन पुराना और भीतरी बुखार निम्बू के पेड़ की पत्तियां सुघने मात्र से उतर गया।

यहाँ से पढ़े। बुखार fever से बचने के लिए अपनाये ये घरेलु नुस्खे।

2 comments

  1. Useful tips

  2. Useful tip for all

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