Thursday , 21 June 2018
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पेशाब में झाग या प्रोटीन आना एवं पेशाब में अन्य संक्रमण के लक्षण व घरेलु उपचार !!!

जानिए उन लक्षणों को जिनसे हमें पता चलता है की किडनी में कुछ गड़बड़ी है ….!! Kidney failure, Kidney information and treatment, kidney kharab ke lakshan

दोस्तों आज हम आपके लिए जो जानकारी लाये है जो किडनी के बारे में है |जानिए उन लक्षणों को जिनसे हमें पता चलता है की किडनी में कुछ गड़बड़ी है ….!!

15 दिन में रुका किसी का डायलिसिस तो किसी का हुआ क्रिएटिनिन नार्मल किसी का टला ट्रांसप्लांट

हमें एक सर्वे से पता चला है की भारत में किडनी रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है |इसका मुख्या कारण है बदलती हुई जीवनशैली खान पानकी आदते ,भाग दौड़ भरी जिंदगी ,प्रदूषित भरा वातावरण व प्रदूषित जल व खाना खाना |इन सबकी वजह से किडनी की समस्याएं बढ़ती जा रही है |और इसका मुख्य कारण आजकल के बच्चो व युवाओं का फ़ास्ट व जंक फ़ूड की तरफ जयादा झुकाव भी है

क्योकि ये खाना जल्दी हजम नहीं हो पाता है |अगर हम अपनी नियमित व संतुलित दिनचर्या रखे और सादा भोजन खाये तो हम काफी हद तक इस समस्या से छुटकारा पा सकते है |अगर हम अपनी किडनी के ख़राब होने के लक्ष्णों को शुरू में ही पहचान ले तो हो सकता है की हम अपनी किडनी को सुरक्षित कर सकते है |क्योकि किडनी की बीमारी बढ़ने पर एक स्टेज आती है जहा ये बीमारी एक लाइलाज बीमारी हो जाती है |

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1) पेशाब में प्रोटीन का आना (Proteinuria) – प्रोटीन ड्रिंक्स और बॉडी बिल्डिंग के लिए पिए जानेवाले ड्रिंक्स में प्रोटीन की बहुत अधिक मात्रा होती है. बहुत अधिक मछली या प्रोटीन युक्त भोजन लेने से भी शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है. जब स्वस्थ शरीर को बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन की खुराक मिलती है तो वह उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकालने लगता है. किडनियों को यह काम करने में बहुत समस्या हो सकती है और पेशाब में झाग दिखने का यह असामान्य लक्षण है.

सामान्यतः जब रक्त किडनियों से होकर गुज़रता है तो स्वस्थ किडनियां सभी प्रकार के वेस्ट प्रोडक्ट को हटा देती हैं तथा उन्ही प्रोडक्ट को रक्त में रहने देती हैं जो शरीर के लिए ज़रूरी हैं.

लेकिन किडनी से संबंधित गड़बड़ी के शिकार लोगों में किडनी का एक भाग ग्लोमेरूलाई (glomeruli) काम करना बंद कर देता है जिससे पेशाब में प्रोटीन का आना बढ़ जाता है. इस अवस्था में व्यक्ति को प्रोटीन की खुराक लेना तत्काल बंद कर देना चाहिए और पेशाब में प्रोटीन के होने का इलाज करवाना चाहिए.

2) यूरीनरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन (Urinary Tract Infections) – यूरीन इन्फेक्शन के कारण भी पेशाब में झाग दिखता है. इस दशा में रोगाणु पेशाब के मार्ग में गैस रिलीज़ करते हैं जिससे बुलबुले उठने लगते हैं. इस दशा में व्यक्ति को पेशाब करते समय दर्द या जलन भी हो सकती है. पेशाब की जांच के बाद यूरीन इन्फेक्शन के लिए एंटीबायोटिक दवाएं लेने पर इन लक्षणों का उपचार हो जाता है.

3) वेसीकोकोलिक फिश्चुला (Vesicocolic Fistula) – फिश्चुला एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें दो अंगों के बीच किसी गड़बड़ी के कारण रक्त वाहिनियों का कनेक्शन बन जाता है. यूरीन ब्लैडर और आंत के बीच बने कनेक्शन को वेसीकोकोलिक फिश्चुला कहते हैं. यह पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा तीन गुना अधिक देखने में आती है. इसके कारण से पेशाब में झाग आने की समस्या का पता डॉक्टर जांच के द्वारा कर सकते हैं.

यदि आपको पेशाब में झाग कभी-कभार दिखता हो तो आपको बहुत चिंतित होने के ज़रूरत नहीं है, लेकिन झाग की बहुतायत होना और साथ में दूसरे असामान्य लक्षणों जैसे पेशाब में दर्द, जलन, हाथ-पैर व पेट में सूजन की उपस्थिति होने पर तत्काल डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए.

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तो आइये जानते है की वो कौन से लक्षण है जिनसे हमें पाता चलता है की हमारी किडनी में कुछ गड़बड़ी है और तुरंत डॉक्टर से सलाह ले सकते है :

  •  किडनी की समस्या होने पर हमारे हाथ ,पैरो व मुहु पर सूजन आ जाती है |क्योकि किडनी का कार्य हमारे शरीर में मौजूद गंद को पेशाब के जरिये बहार निकलना होता है |लेकिन जब किडनी में गंद भर जाता है तो ये निकल नहीं पाता है तो इससे किडनी में गड़बड़ी होने का संकेत मिलता है
  •  कई बार हमारे यूरिन गाढ़ाहो जाता है |कई बार हमें मूत्र होने का अहसास होता है मगर आता नहीं है |कई बार तो मूत्र करते समय दर्द व जलन व दवाब का भी अनुभव होता है या फिर कई बार मूत्र की मात्रा अधिक या कम हो जाती है |ये सभी लक्षण किडनी के ख़राब होने के संकेत है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए |
  • अगर आपको यूरिक करते समय खून या झाग आये तो तो बिना देर किये डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ताकि समय रहते हम अपनी किडनी को सुरक्षित कर सके |
  •  शरीर में अचानक ऑक्ससीजन की कमी हो जाये या फिर हमारा चिचड़ापन बढ़ जाये तो भी समझ लेना चाहिए की किडनी में कुछ गड़बड़ है |
  •  अगर आपके शरीर में कमजोरी ,थकान व हार्मोन का स्तर गिर जाये तो भी किडनी के बीमार होने के लक्षणों का पाता चलता है |
  •  यदि गर्मी जयादा हो फिर भी आपको ठण्ड महसूस हो और बुखार आ जाये तब भी किडनी के ख़राब होने का संकेत मिलता है |
  • यदि आपकी स्किन पर रेशेस पड़ जाये और खुजली होने लगे तो भी किडनी ख़राब होने के संकेत मिलते है |ऐसा इसलिए होते है क्योकि किडनी में विषकत पदार्थ जायदा मात्रा में जमा हो जाते है |

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  •  अगर आपके मुहु से बदबू आये और जीभ का स्वाद भी बिगड़ जाये तो समझ लेना चाहिए की आपकी किडनी में गड़बड़ है |ऐसा इसलिए होता है क्योकि हमारे शरीर में यूरिया का स्तर बढ़ जाता है |और ये यूरिया अमोनिया से उत्पन्न होता है |ये लक्षण किडनी के बीमार होने का पाता चलता है |
  • किड्नी ख़राब होने पर शरीर में विषकत पदार्थो का स्तर बढ़ जाता है जिससे उलटी व जी मिचलाना जैसी समस्याएं होने लगती है |
  • यदि हमारी पीठ का दर्द पीठ के निचले भाग से होते है और ये दर्द पेडू या झंघ तक फ़ैल जाये तो समझिये की आपकी किडनी में कुछ गड़बड़ है |
  • अगर आपको सांस लेने में कोई भी तकलीफ हो तो ये भी किडनी के ख़राब होने का संकेत देती है क्योकि लंग्स में फ़्लॉइड जमा होने लगता है |
  • देखा दोस्तों कैसे इन लक्षणों के द्वारा हम अपनी किडनी को ख़राब होने से बचा सकते है और हमारी किडनी भी सुरक्षित हो जाएगी |

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गुर्दे के रोग का आयुर्वेदिक उपचार : Kidney Ka Ayurvedic Upchar in Hindi

  • पीपल की छाल 10 ग्राम और नीम की छाल 10 ग्राम ले कर 3 गिलास पानी में उबाल ले और जब ये पानी आधा ही रह जाए तब इसे ठंडा होने के बाद छान ले। अब इस पानी का 1/4 हिस्सा दिन में तीन से चार बार पिए। इस आयुर्वेदिक दवा को लगातार एक हफ़्ता करने से क्रेटनीन कंट्रोल में आने लगती है।
  • किडनी का आयुर्वेदिक इलाज में कासनी नाम का एक पौधा है जो आयुर्वेद गुणों से भरपूर है। इस पौधे की पत्तियों के सेवन से शुगर, किडनी, बवासीर और लिवर के रोग को ठीक करने में मदद मिलती है। ये पौधा आपको किसी नर्सरी में मिल जाएगा। गुर्दा रोग उपचार देसी तरीके से करने के लिए हर रोज इस पौधे पत्ते चबाने चाहिए।

अनेक लोगों का डायलिसिस रुकवा चूका है ये प्रयोग-The Best For Dialysis Patients

  • चार लीटर पानी में 250 ग्राम गोखारू काँटा उबाल ले और जब ये पानी 1 लीटर बच जाए तब इसे छान ले और किसी साफ़ बोतल या जग में भर ले। अब सुबह शाम ये काढ़ा 100 ग्राम की मात्रा में खाली पेट पिए और काढ़ा पीने के 1 घंटे बाद तक कुछ ना खाए पिए। अगर आप की किसी तरह की कोई medicine चल रही है तो आप उसे भी चलने दे। जिन लोगों की किडनी का डायलिसिस चल रहा है और जिन्हें डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है वे एक बार ये उपाय ज़रूर करे। ये किडनी के लिए रामबाण इलाज है। गोखारू काँटा आप पंसारी की दुकान से ले सकते है। लगातार 2 हफ्ते इस उपाय को करने से आप चमत्कारी बदलाव महसूस करेंगे।

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