Tuesday , 1 December 2020
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लिवर सिरोसिस जेसे असाध्य रोग में अचूक आयुर्वेदिक नुस्खे

लिवर सिरोसिस जेसे असाध्य रोग में अचूक आयुर्वेदिक नुस्खे

परिचय –
लिवर सिरोसिस इसे एलोपेथी वाले असाध्य रोग बताते है ,इस रोग की पहचान है की रोगी की पहचान है

रोगी को कोयले के रंग के समान काली टट्टी आती है ,इसी के साथ किसी -कसी रोगी को रात में दिखलाई देना बंद

हो जाते है तो समझ ले रोग असाध्य की और जा रहा है ऐसे रोगी को केवल दूध पिलाकर ही जीवन रक्षा करनी चाहिए

  1. रोग -यकृत का सिकुड़ जाना –

दवा —- सुबह खाली पेट ताजा मुली पत्तो समेत नींबू रस व नमक डाल कर दिन में दो -तीन बार खिलाये ऐसे रोगियों

को पत्तो समेत मुली की सब्जी भी खिलाये .
    2. बढ़ी हुई यकृत \प्लीहा पर –
दवा —- यकृत -प्लीहरी लोंह ,

गोली को 5 साल के बच्चे को आधी से 1 गोली की मात्रा में 3 बार गरम पानी के साथ दे ,5-15 साल के बच्चे को 1-1

गोली दे और 16 से ऊपर के रोगी को 2-2 गोली दिन में तीन बार दे . लाभ होगा
     3. यकृत विकार ,सिरोसिस लिवर जन्य जलोदर रोग –
दवा —– यकृत प्लिहारी लोह 1-2 गोली ,कुमार्यासव 20 ml बराबर पानी मिलाकर सुबह शाम सेवन कराए .
     4. सुजन गुर्दे प्लीहा या पुरे शरीर या पेट की आंत में सुजन होना –
दवा —– पुनर्नवा मंडूर 2 गोली ,आरोग्य व्ध्नी 1 गोली ,शोथारी लोह 2 गोली ये सभी एक समय की दवा है ऐसे

सुबह शाम पानी के साथ खाने के बाद सेवन करे

साथ में पुनर्नवरिष्ट ,लोहासव ,कुमारीआसव 2-2 ढक्कन पानी आधा कप मिलाकर दिन में दो बार दे खाने के बाद

अनुभूत योग है
        5. शरीर की सुजन मिटाने के लिए –
दवा —- सफेद पुनर्नवा के पत्तो का रस 15 ग्राम खाली पेट पिए ,3-3 दिन बाद मात्रा बढ़ाते जाये तथा 30-40 ग्राम

तक कर ले इससे सुजन कुछ दिनों में उतर जाएगी
      6. शरीर की सुजन –
दवा —- श्वेत पुनर्नवा पंचांग 1 किलो ,मकोय पंचांग 500 ग्राम ,अर्जुन की छाल हरी 500 ग्राम ,गोमूत्र 3 किलो

पानी 2 किलो और इनका क्वाथ बनाकर सीसी में रख ले और

आरोग्य व्र्ध्नी 1 गोली ,पुनर्नवा मंडूर 2 गोली को 30 ml क्वाथ के साथ सुबह शाम दे .
        7. बार -बार खून बदलना पड़ता हो (थेलेसिमिया )-
दवा —- अंगूठे के बराबर मोटी हरी गिलोय का टुकड़ा 5 इंच लेकर इसके छोटे -छोटे टुकड़े करके 100 ग्राम पानी

में रात में भिगो कर रख दे और सुबह मिक्सी में पिस कपड़े से छानकर रस निकाले और अभ्रक भस्म 1000 पुटी

अभाव में 100 पुटी 1\4 रती से 1 रती तक शहद चटा कर ये रस पिला दे ,यह दवा सुबह खाली पेट दिन में एक

बार ही देनी हे .

40 दिनों तक देने के बाद खून बदलने की  आवश्यकता नही होगा .

 

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