Monday , 23 October 2017
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अम्लपित (acidity) नाशक तैयार आयुर्वेदिक पेटेन्ट दवाइयां

Patent Ayurvedic Medicines for Acidity

अम्लपित दो शब्दों -अम्ल + पित से मिलकर बना शब्द है,जिसका शाब्दिक सीधा सा स्पष्ट अर्थ है पित में खटापन कि उपस्थिति। शरीर में जब तक प्राक्रतिक अवस्था में रहता है तब तक यह रोग नही होता है ।जब पित कुपित होकर अर्थात विदग्ध होकर अम्ल रस acid हो जाता है तो इस विकार को अम्लपित यानि acidity  कहते हैं ।इसके कारण ही कुछ समय बाद आपको पेट का ulcer भी हो सकता है।acidity के लिए हम पहले ही रामबाण घरेलु उपचार आपको बता चुके हैं,लेकिन आधुनिक जीवनशैली और समय के आभाव के कारण कुछ हमारे रेगुलर वाचकों ने कहा कि हमें  कुछ पेटेन्ट आयुर्वेदिक मेडिसिन भी बताएं जिन्हें हम कभी भी कहीं भी खरीद सकें और  साथ में अगर कहीं जाना पड़े तो भी अपने साथ लेकर जा सकें ताकि जरूरत पड़ने  पर किसी एलोपेथिक दवा का उपयोग ना करना पड़े इसीलिए आज हम onlyayurved के इस विशेष लेख में आपको बता रहें हैं, acidity के लिए बाजार में उपलब्ध आयुर्वेदिक स्टोर पर तैयार मिलने वाली पेटेन्ट आयुर्वेदिक दवाओ  के बारे में ,आइये जाने । 

एसिडिटी के घरेलु उपाय जानने के लिए यहाँ क्लिक करें 

शुक्तिन टेबलेट (shuktin tablet)

भोजन के बिच में अथवा खाना खाने के बाद 2-2 टेबलेट दिन में तिन बार सेवन करें ।लक्षणों कि अधिकता के अनुसार दिनभर में 3-4 बार 3 से 6 वटि तक एक साथ सेवन कि जा सकती हैं ।बच्चों को आधी से एक वती सिन में तीन बार दें ।यह उदर यानि पेट में सभी प्रकार के acidity को कम करने के लिए अत्यधिक गुणकारी औषधि है ।यह लीवर यानि यकृत को भी स्वस्थ अवस्था में रखती है ।यह आपको किसी भी आयुर्वेदिक मेडिकल से आसानी से मिल जाएगी ।वैसे अलारसिन मुंबई कंपनी  कि सबसे अधिक परभाव साली होती है

10 कारगर घरेलू उपाय, जो किडनी के स्‍टोन से निजात दिलाएं

बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर किडनी के स्‍टोन से निजात पाई जा सकती है। आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में।

मेनोलेट टेबलेट (menolet teb)

यह चरक फार्मेसी कि मिलती है स्टोर पर ,दो गोली दिन में दो -तिन बार जल अथवा दूध के साथ सेवन करें ।बच्चों को  आधी से एक गोली उम्र अनुसार ही दें।छाती कि जलन और एसिडिटी के लिए क्ष्रेष्ठ औषधि है ।

इथीज्जाइम टेबलेट

एक दो गोली दिन में दो से तिन बार रोग कि अधिकता अनुसार सेवन करें ।यह पित्त शामक उतम औषधि है ।

अभायासिंन टेबलेट (झंडू)

2 से 4 गोली दिन में तिन बार  गर्म जल अथवा दूध के साथ सेवन कि जा सकती हैं।अम्लपित्त और मलावरोध (रुका हुवा मल)में अत्यंत लाभकारी है ।

झंडूजाइम टेबलेट (झंडू)

मात्रा वही है 2 से 4 गोली दिन में तिन बार दूध या गर्म पानी से सेवन करें ।यह   केवल acidity के लिए ही लाभप्रद है ।

डाइमैक्स सीरप (प्रताप)

एक एक चमच दिन में तिन बार भोजन करने के बाद सेवन करें ।acidity कि रामबाण दवा है ।

अम्लपित्तान्तक योग (वैधनाथ)

अम्लपित (acidity)कि समस्त अवस्थाओं में अत्यंत लाभकारी एवं निरापद औषधि है।इसके सेवन कि पूर्ण विधि इसके  साथ पत्रक में सही से बताई गयी होती है ।

अग्निबल्ल्भ क्षार (धन्वन्तरी कार्यालय)

एक से दो चम्मच पुरे दिन में दो से तीन बार सादे जल से सेवन करें ।अम्लपित और इसके उपद्रवो के लिए परमपयोगी औषधि है ।

अमृत रसायन (त्रिमूर्ति)

5-10  ग्राम दिन में 2-3 बार दें ।अत्यंत स्वादिष्ट और अमल्पित नाशक रसायन है ।

सभी औषधियां आपको किसी भी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर से आसानी से बाजार में मिल जाएँगी।आपमें जो जो उपलब्ध हो वह खरीद कर घर पर या अपने पास रखें ताकि कभी जरुरत पड़ने पर आपको परेशान ना होना पड़े ।एक  बात का विशेष ध्यान रखे कि एक बार में केवल इन सभी औषधियों में से एक ही औषधि का उपयोग करे ।अन्यथा लाभ कि जगह हानि हो सकती है जिसके जवाबदार   आप स्वयं होंगे ।इन   आयुर्वेदिक पेटेंट औषधियों में से किसी का भी  इस्तेमाल करनेसे पहले अपने पारिवारिक डॉक्टर अथवा वैध से एक बार सलाह  जरुर लेवें ।क्युकी हमारे से ज्यादा आपके शरीर को आपका डॉक्टरही जानता है।वैसे इनके सेवन से कोई हानि नही होती है और ना ही ये आपकी आदत बनती हैं ।स्वस्थ रहिए मस्त रहिए इसी कामना के साथ onlyayurved . 

मित्रो आपने पोस्ट को पूरा पढ़ा इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।आशा करते हैं कि हमारी यह पोस्ट आपको जरुर पसंद आएगी ।कृपया इस पोस्ट को शेयर जरुर करें क्या पता आपके एक शेयर से किसी गरीब को कम खर्च में इलाज हांसिल हो जाए ।धन्यवाद ,अगर इस पोस्ट से सम्बंधित आपका कोई भी सवाल है तो आप हमें पोस्ट के निचे कमेंट करके  बेझिझक पूछ सकते हैं ।

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