Tuesday , 22 August 2017
Home » Health » headache » आयुर्वेद में बताये गए आधासीसी अर्थात माइग्रेन के ऐसे 13 प्रयोग जो अर्जुन के तीर की तरह हैं.

आयुर्वेद में बताये गए आधासीसी अर्थात माइग्रेन के ऐसे 13 प्रयोग जो अर्जुन के तीर की तरह हैं.

Migraine के लिए आयुर्वेद के 13 रामबाण घरेलु इलाज.

माइग्रेन आधुनिक जीवन शैली का एक ऐसा बुरा रोग है, जो आज कल हर दुसरे व्यक्ति को हो चूका है. इसके अनेक कारण हैं जिनमे अति भावुकता, मानसिक शारीरिक थकावट, क्रोध, चिंता, आँखों के अधिक थक जाने से, भोजन सम्बन्धी गड़बड़ी, अनपच इत्यादि हैं. इसके लक्षणों में प्रातः उठकर चक्कर आते हैं. आँखों के सामने अँधेरा छा जाता है. इसके रोगी को उल्टी होना, कनपटी में चुभने वाला दर्द होता है. यह दर्द धीरे धीरे फैलता हुआ तेज़ होता जाता है. शोर गुल में ये ज्यादा हो जाता है. उल्टी होने के बाद दर्द कम होता है. सूर्योदय के साथ दर्द बढ़ता है और सूर्य अस्त के साथ साथ ये कम होता जाता है. जिस तरफ दर्द होता है उस तरफ की आँख की पुतली फैली रहती है. यह दर्द प्रायः अनेक वर्षों तक चलता रहता है. और एलॉपथी में इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है. बस दवा लेते रहें जिंदगी भर.

आज हम आपको इसी माइग्रेन के लिए आयुर्वेद में बताये हुए 13 ऐसे बेहतरीन घरेलु नुस्खे बता रहें हैं जो सदियों से भारतीय घरों में सफलता पूर्वक आजमायें जाते रहें हैं. आप भी इनको आजमा कर एक दो दिन से एक हफ्ते में ही इस कष्टकारी दर्द से निजात पा सकते हैं. आइये जाने इनको और दुसरो तक भी शेयर करें.

माइग्रेन का इलाज, migraine ka ilaj, migraine ka gharelu ilaj, headache, aadhasheeshi, आधा शीशी, आधाशीशी, आधाशीशी का घरेलु इलाज, migraine ke liye gharelu nuskha

माइग्रेन के लिए आयुर्वेद के 13 रामबाण घरेलु इलाज.

माइग्रेन का पहला रामबाण इलाज – अंगूर का रस

migraine 1 angoor ka ras

अंगूर का रस माइग्रेन में अत्यंत लाभकारी है. जैसा ऊपर फोटो में बताया है. वैसे इसका सेवन करना चाहिए. तो माइग्रेन में आशातीत लाभ होता है.

माइग्रेन का दूसरा रामबाण इलाज – दूध जलेबी.

migraine 2 doodh jalebi

माइग्रेन में दूध और जलेबी बहुत कारगर हैं. ऊपर चित्र में बताये अनुसार इसका सेवन करने से कुछ ही दिनों में पुराने से पुराना माइग्रेन सही होता है.

माइग्रेन का तीसरा रामबाण घरेलु इलाज – दही चावल में मिश्री.

migraine 3 dahi chawal mishri

माइग्रेन होने पर गाँवों में ये नुस्खा आज भी इस्तेमाल किया जाता है. आप भी इसको ऊपर चित्र में बताये अनुसार इस्तेमाल कर के फायदा उठा सकते हैं.

माइग्रेन का चौथा रामबाण इलाज – देशी घी.

migraine 4 desi ghee

देशी घी का ये नुस्खा रामबाण में अत्यंत लाभकारी है. इस से सर की कमज़ोर हो चुकी नसें भी दोबारा मज़बूत होती हैं. अगर सर दर्द सूर्योदय के साथ घटता बढ़ता हो तो इसको ज़रूर अपनाएं.

माइग्रेन का पांचवा रामबाण इलाज – हींग.

migraine 5 heeng

माइग्रेन में हींग भी अत्यंत लाभकारी है. इसके उपयोग से तुरंत आराम मिलता है.

माइग्रेन का छठा रामबाण इलाज – सेंध नमक और शहद

migraine 6 sendha namak

माइग्रेन के लिए सेंध नमक और शहद भी बेहद कारगार उपाय है.

माइग्रेन का सातवां रामबाण घरेलु इलाज – सौंठ

migraine 7 saunth

माइग्रेन में सौंठ भी बेहद कारगर है. इसको सूंघने मात्र से भी माइग्रेन में तुरंत आराम आता है. ज़रूर आजमाना चाहिए.

माइग्रेन का आठवां रामबाण घरेलु इलाज – सरसों का तेल

migraine 8 sarson ka tel

सरसों का तेल माइग्रेन में तुरंत लाभ दिलाने में बेहद असरकारक है. आर सरसों का तेल ना हो तो बादाम रोगन भी अत्यंत लाभकारी है.

माइग्रेन का नौवां रामबाण घरेलु इलाज – गुड और देशी घी.

migraine 9 gud deshi ghee

माइग्रेन में गुड और देशी घी भी बेहद लाभकारी है. गाँवों में पुराने वैद यही नुस्खा करवा कर माइग्रेन जैसे दर्द को ठीक कर देते थे. आप भी आजमायें.

माइग्रेन का दसवां रामबाण घरेलु इलाज – काली मिर्च और देशी घी.

migraine 10 kali mirch deshi ghee

माइग्रेन रोग में काली मिर्च और देशी घी का ये प्रयोग भी बेहद कारगर है.

माइग्रेन का ग्यारहवां रामबाण घरेलु इलाज – शहद.

migraine 11 a shahad

 

migraine 11 shahad

माइग्रेन के लिए शहद के ऊपर बताये गए दोनों प्रयोग ही बेहद असरकारक और तुरंत आराम देने वाले हैं. अगर माइग्रेन होने पर उल्टी होती हैं तो उसमे ये बेहद असरकार है.

माइग्रेन का  बारहवां रामबाण घरेलु इलाज – तुलसी और शहद.

migraine 12 tulsi shahad

माइग्रेन में तुलसी और शहद का ये उपचार बहुत बहुत लाभकारी है और किसी चमत्कार से कम नहीं… सर दर्द के साथ अनेक सर्दी से हुए रोग भी इस से सही हो जाते हैं.

माइग्रेन का  तेहरवां रामबाण घरेलु इलाज – देशी शक्कर.

migraine 13 desi shakkar

माइग्रेन में शक्कर का ये इलाज भी बेहद कारगर है.

ऊपर बताये गए तेरह के तेरह प्रयोग बेहद असरकारक और आयुर्वेद में सदियों से प्रयोग में लाये जाने वाले बिलकुल साधारण से उपचार है. इनको ज़रूर आजमाना चाहिए. कई बार अलग अलग प्रकृति के लोगों के कारण कोई एक इलाज सफल नहीं होता तो ऐसे में निराश ना हो कर दूसरा प्रयोग आजमा कर देखना चाहिए. माइग्रेन का इलाज इनसे ही निकलेगा. आपने पोस्ट पढ़ी. आपका बहुत बहुत धन्यवाद. अभी आप आगे भी इसको शेयर ज़रूर करें. जय हिन्द. और हाँ ऐसी अपडेट के लिए आप हमारे पेज को लाइक करना ना भूलें. [Only Ayurved]

 

One comment

  1. I WANT YOUR AURVEDA ADVICE REGULARLY ABOUT DISEASE & THEIR CURING ON MY EMAIL

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Share
DMCA.com Protection Status