Sunday , 24 September 2017
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आयुर्वेद का सदैव स्वास्थय रहने के लिए खाने में अपनाये ये 10 मंत्र.

अगर आप अपनी दिनचर्या में ये 10 चीजें शामिल कर लें तो दुनिया का कोई भी रोग आपको छू भी नहीं पायेगा. हृदय रोग, शुगर – मधुमेह, जोड़ों के दर्द, कैंसर, किडनी, लीवर आदि के रोग आपसे कोसों दूर रहेंगे. ऐसी ग़ज़ब हैं ये. आइये जानते हैं इनके बारे में.

swasthya mantra aanwla

1. आंवला।

किसी भी रूप में थोड़ा सा आंवला हर रोज़ खाते रहे, जीवन भर उच्च रक्तचाप और हार्ट फेल नहीं होगा, इसके साथ चेहरा तेजोमय बाल स्वस्थ और सौ बरस तक भी जवान महसूस करेंगे।

swasthya mantra methi

2. मेथी।

मेथीदाना पीसकर रख ले। एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर नित्य पिए। मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले इस पानी में। इस से आंव नहीं बनेगी, शुगर कंट्रोल रहेगी जोड़ो के दर्द नहीं होंगे और पेट ठीक रहेगा।

swasthya mantra chhachh

3. छाछ।

तेज और ओज बढ़ने के लिए छाछ का निरंतर सेवन बहुत हितकर हैं। सुबह और दोपहर के भोजन में नित्य छाछ का सेवन करे। भोजन में पानी के स्थान पर छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।

swasth mantra harad

4.हरड़।

हर रोज़ एक छोटी हरड़ भोजन के बाद दाँतो तले रखे और इसका रस धीरे धीरे पेट में जाने दे। जब काफी देर बाद ये हरड़ बिलकुल नरम पड़ जाए तो चबा चबा कर निगल ले। इस से आपके बाल कभी सफ़ेद नहीं होंगे, दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे और पेट के रोग नहीं होंगे, कहते हैं एक सभी रोग पेट से ही जन्म लेते हैं तो पेट पूर्ण स्वस्थ रहेगा।

swasth mantra dalchini aur shahad

5. दालचीनी और शहद।

सर्दियों में चुटकी भर दालचीनी की फंकी चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ दिन में दो बार लेने से अनेक रोगों से बचाव होता है।

swasth mantra nak me tel

6. नाक में तेल।

रात को सोते समय नित्य सरसों का तेल नाक में लगाये। और 5 – 5 बूंदे बादाम रोगन की या सरसों के तेल की या गाय के देसी घी की हर रोज़ डालें.

swasth mantr kano me tel

7. कानो में तेल।

सर्दियों में हल्का गर्म और गर्मियों में ठंडा सरसों का तेल तीन बूँद दोनों कान में कभी कभी डालते रहे। इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

swasth mantra lahsun

8. लहसुन की कली।

दो कली लहसुन रात को भोजन के साथ लेने से यूरिक एसिड, हृदय रोग, जोड़ों के दर्द, कैंसर आदि भयंकर रोग दूर रहते हैं।

swasth mantr tulsi kali mirch

9. तुलसी और काली मिर्च।

प्रात: दस तुलसी के पत्ते और पांच काली मिर्च नित्य चबाये। सर्दी, बुखार, श्वांस रोग, अस्थमा नहीं होगा। नाक स्वस्थ रहेगी।

swasth mantr saunth

10. सौंठ।

सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम और कफ से बचने के लिए पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में इतना उबाले के आधा पानी रह जाए। रात क सोने से पहले यह पिए। बदलते मौसम, सर्दी व् वर्षा के आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं। सौंठ नहीं हो तो अदरक का इस्तेमाल कीजिये।

10 comments

  1. I m nitin gupta from shahganj

  2. Thanks for information of aurved

  3. राजेन्द्र

    very good Adia

  4. Sharad purohit

    सर मुझे अस्थमा कि प्रोब्लम है कोई ईलाज बताए सास लेने मे दिक्कत होती है mobile no.9898458545

    • अशोक कुमार डाणी

      मैंने तो नियमित रूप से त्रिफला का सेवन किया । त्रिफला हम, 4,2,1, आंवला, बेहडा , बडी हरडे लेकर धर पर ही तैयार करते हैं । 1 रती प्रति वर्ष की उम्र के हिसाब से लेते है । सन्दर्भ स्वदेशी चिकित्सा सार डा अजीत मेहता , कल्याण चिकित्सा प्रकाशन,1200,चुरुको का रास्ता (जयपुर बैंक गली ),चौडा रास्ता ,जयपुर 302003 फोन 9414250700 व0141-2327306 है । इसका इलाज पेट साफ रखना ही है । 09468776238/08946925800

  5. Sir mujhe screen allergy n cold allergy ki problem hai plzz koi ilaaj bataiye

  6. Very useful information

  7. Aaj sehat ke liye ye bahut jaruri

  8. Sir I have a problem of vitiligo from last 20 yrs but later it is not too much and I am taking homeopathy medicine but now it will increasing day by day please refer me some medicine or Aurvedic treatment.

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