स्त्रियों के रक्त प्रदर में अनुभूत, विश्वसनीय उपचार – जरुर आजमाएं
परिचय –
ऋतुकाल में यदि योनी से अत्यधिक रक्तस्राव और ऋतुकाल के अतिरिक्त काल में भी रक्तस्राव होता रहे तो उसे
रक्त प्रदर कहते है |
1.- रक्त प्रदर –
दवा —-गोदन्ती भस्म 2 रती ,प्रवालपिष्टी 2 रती =यह एक समय की दवा है ,ऐसी दिन में दो बार आंवले के रस
के साथ लेने से रक्त प्रदर में लाभ होता है .
2.- मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव –
दवा —- मुली के बीज 2 चम्मच लेकर इसे किसी खरल में डालकर ऊपर से 2 चम्मच पानी डालकर घोट ले यह
पानी दुधिया हो जायेगा .यह पानी पिला दे .यह एक मात्रा की दवा हे ऐसी ही मात्रा सुबह -शाम दे .2-3 दिन लेने से
यह रोग हमेशा के लिए मिट जायेगा . अनुभूत नुस्खा हे
3.- रक्त प्रदर –
दवा —- पुराने से पुराने टाट (बोरी) की राख 1 भाग ,देशी खांड 1 भाग ,भुने चनो का आटा आधा भाग इन सबको
कूट -पीसकर मिला ले और इसकी आधा चम्मच गाय के कच्चे दूध की लस्सी के साथ सुबह शाम ले .
यह नुस्खा रामबाण हे .
दवा —- रसोंत 3 ग्राम ,दही 50 ग्राम ये एक मात्रा है .इसे केवल सुबह खाली पेट तीन दिनों तक दे .लाभ होगा .
4.- कई सालो से रक्त प्रदर हो –
दवा —- गोंद कतीरा 2 ग्राम ,सेलखड़ी 2 ग्राम ,सोनागेरू 4 रती यह सब मिलाकर एक मात्रा है इसे मिलाकर
केप्सूल भर ले .1 केप्सूल सुबह उठते ही कुल्ला करके ताजा पानी से दे दूसरा दोपहर और तीसरा शाम को दे केप्सूल
के बाद आधे घंटे तक कुछ ना दे . 7 दिनों में लाभ हो जायेगा .
5.- रक्त प्रदर चाहे कितना पुराना हो –
दवा —- मांजुफल चूर्ण 200 ग्राम ,साधारण सुपारी 250 ग्राम ,मुनक्का
Only Ayurved आयुर्वेद जीवन जीने की कला हैं, हम बिना दवा के सिर्फ अपने खान पान और जीवन शैली में थोड़ा बदलाव कर के आरोग्य प्राप्त कर सकते हैं।

















