Friday , 20 July 2018
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अगस्त – पहचान, गुण धर्म, प्रयोग मात्रा एवं प्रयोग विधि

 

आज हम आपको अगस्त (Wisteria Tree) के बारे में विस्तार से बताने जा रहें हैं. आइये जाने इसकी पहचान, गुण धर्म, प्रयोग मात्रा एवं प्रयोग की विधि.

अगस्त (Wisteria Tree) का वानस्पतिक नाम: Sesbania Grandiflora (Linn.) pers.

Syn- Agati Grandiflora (Linn.) Desv. 

कुल – Fabaceae

English Name – Scarlet Wisteria Tree

संस्कृत – मुनिद्रुम, अगस्त्य, मुनिप्रिया, सुर्यप्रिया, वंगसेन, वक्रपुष्प, स्थूल, पुष्प, वर्णारि, मुनिपुष्प, खारध्वंशी, पवित्र 

हिंदी – अगस्त, हथिया, अगस्तिया, बास्ना, 

उर्दू- अगस्त (Agast), दरख्ते अगस्त (Darakhte Agast)

उड़िया- बुको  (Buko), ओगोस्ती (Ogosti),

कन्नड़- अगासे (Agase), केम्पागासे (Kempagase)

कोंकणी- अगहस्ती (agahasti)

गुजरती- अगाथियो (Agathiyo)

तमिल- अगत्ति  (Agathi), अचम (Acham),

तेलगु- अविसे (Avise), अगिसे (Agise)

बंगाली- अगस्ती (Agasti), बागफल (Bagfal), बुको, (Buko) 

नेपाली- अगस्ति (Agasti),  

मराठी- अगस्त (Agusta) अगाती (Agati), 

मलयालम- अक्त्ती  (Akatti)

अंग्रेजी- Wisteria Tree, West Indian Pea, Sesban, Sisa Ban, Saysaban, Sisaban

अगस्त (Wisteria Tree) के बारे में परिचय , एवं औषधीय परयोग और विधि निचे दी गई फोटो को देख कर जाने .

 

 

 

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