Wednesday , 5 August 2020
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सिर के सफेद बालो के लिए रामबाण आयुर्वेदिक उपचार |

सिर के सफेद बालो के लिए रामबाण आयुर्वेदिक उपचार |

परिचय –

आयुर्वेद में बाल सफेद होने को ,पलित ,रोग कहते है .आयुर्वेद के अनुसार शोक एंव परिश्रम आदि से कुपित

हुई वायु शरीर की गर्मी को सिर में ले जाती है .मस्तक में रहने वाला भ्राजक पित भी कुपित हो जाता है कुपित

हुआ दोष दुसरे दोष को भी प्रकुपित करता है ,वात एंव पित ,कफ को भी कुपित करते है ,इस तरह कुपित हुआ

कफ बालो को सफेद कर देता है ,इस प्रकार तीनो दोषों के प्रकुपित होने से बाल सफेद हो जाते है ..

उपचार –

बालो की सुरक्षा के लिए उनकी उचित देखभाल ,पोष्टिक एंव सन्तुलित भोजन ग्रहण करने का विशेष महत्व है .

सिर के बालो को काले बनाये रखने के लिए त्वचा की स्नहे ग्रन्थियो में पर्याप्त चिकनाई बनी रहनी चाहियें ,रक्त

संचार सुचारू रूप से होने पर बालो का विकास समुचित रूप से होता है ,पोष्टिक आहार की कमी से जंहा बाल निर्जीव

होकर गिरने लग जाते है ,वंही असमय सफेदी आने लग जाती है ,अत बालो की विशेष देखभाल जरूरी है .

बालो में प्रतिदिन तेल लगाना चाहिए ,आयुर्वेद में ऐसे अनेक गुणकारी तेल एंव ओषधिया उपलब्ध है

जेसे -भ्रंग राज तेल ,आंवला ,ब्राह्मी ,तिल तेल आदि ,

. भ्रंग राज तेल सिर में मालिश करने के अलावा इसका सेवन करना भी लाभप्रद है ,भ्रंग राज को खूब बारीक़

पीसकर चूर्ण बनाकर इसमें काले तिल साबुत दोनों बराबर मात्रा में मिलाकर रख ले और प्रतिदिन सुबह उठते ही

मुंह धोकर इस मिश्रण को एक चम्मच की मात्रा में खूब चबाकर खाए और ताजा पानी पी ले .इसके लगातार

6 महीने के प्रयोग से बालो का पकना एंव झड़ना ठीक हो जाता है .बाल काले बने रहते है .

. भ्रंग राज सुखा ,काले तिल ,सुखा आंवला ,मिश्री  चारो को बराबर मात्रा में कूट पीसकर चूर्ण बना ले प्रतिदिन

6 ग्राम की मात्रा मे खाकर ऊपर से पाव भर दूध पिने से लाभ होता है .

. नींबू के छिलके को नारियल के तेल में डुबोकर आठ -दस दिनों तक धुप में रखे फिर इसे छानकर बालो की जडो

में रगड़े ,बाल काले होते है .

. आंवले पांच नग ,हरड दो नग , बेहडा एक नग ,लोहे चूर एक तोला ,आम की मींगी 5 तोला इन सबको लोहे के बर्तन

में महीन पीसकर थोडा सा पानी मिलाकर रात भर खरल में ही रहने दे ,दुसरे दिन इसका लेप बालो पर करे .इस तरह

निरंतर  प्रयोग करने से बाल काले हो जाते है ,

.आधा किलोग्राम सरसों का तेल ,रतनजोत ,महंदी के पत्ते ,जल ,भांगरा के पत्ते ,आम की गुठलिया प्रत्येक

50 ग्राम इन सबको कूटकर लुगदी बनाकर एंव पानी में दो दिन भिगो दे .पानी इतना होना चाहिए की सभी ओषधि

डूब जाये ,फिर पानी को छान ले और लुगदी को निचोड़ ले .इसमें सरसों के तेल में इतनी देर पकाए की पानी जल जाये

और तेल रह जाये .तेल को छानकर रखे और प्रतिदिन बालो में लगाये लाभ होगा .

. उपचार के अलावा आहार-विहार सम्बन्धी समुचित सावधानी रखना भी आवश्यक हे ,भोजन पोष्टिक एंव

सन्तुलित लेना चाहिए ,रात को देर से सोना ,अधिक सहवास ,अधिक चिंता ,अधिक भूखा रहना ,या उपवास करना ,

कब्ज ,बालो को गरम पानी से धोना एंव हेयर ड्रायर से सुखाना ,अधिक गरम भोजन का सेवन ,शारीरिक शक्ति से

अधिक श्रम करना आदि

. बालो को साबुन से नही धोना चाहिए ,साबुन के स्थान पर मुल्तानी मिटटी या बेसन का प्रयोग करना उचित है ,सप्ताह

में दो बार बेसन को पानी में भली भाती भिगोकर बालो में लगाकर एक घंटे के बाद सिर धोना चाहिए .

. मुल्तानी मिटटी का प्रयोग करना हो तो 100 ग्राम मिटटी एक बर्तन में लेकर पानी में भिगो दे .जब यह एक -दो घंटे

में फूलकर लुगदी सी बन जाये तो हाथ से मसलकर गाढ़ा-सा घोल बना ले ,इस गाढे घोल को सूखे बालो में ही

डालकर हाथो से धीरे-धीरे रगड़े और पांच मिनट बाद पानी से धो ले ,यदि शीत ऋतू हो तो गुनगुने पानी से एंव गर्मी

में ठंडे पानी से धोये ,सप्ताह में दो बार मुल्तानी मिटटी का लेप लाभाकरी है .

. साबुन के स्थान पर दही का प्रयोग भी किया जा सकता है .100 ग्राम दही में एक ग्राम काली मिर्च बारीक़ पीसी हुई

सप्ताह में एक बार सिर धोने से लाभ होता है .दही लगाने पर बालो को गुनगुने पानी से धोना उचित होता है ,इससे बाल

ले व झड़ना बंद होते है .

. आंवला भी बालो के झड़ना एंव असमय सफेद होने में प्रभावी है ,एक चम्मच आंवला  चूर्ण पानी के साथ रात को

सोते समय लेना चाहिए .

. आंवलो का इसके अलावा लेप बनाकर भी बालो में लगा सकते है ,इसके लिए आंवला चूर्ण को पानी के साथ पेस्ट

बनाकर  सिर पर हल्के हाथो से लेप करने तथा पांच-दस मिनट बाद बालो को धोने से बाल सफेद होने एंव गिरने बंद

हो जाते है .

.250 ग्राम सूखे आंवले को मोटा दरदरा टुकडों को पाव भर पानी में रात को भिगो दे ,सुबह फुले हुए आंवलो को

कड़े हाथ से मसलकर इसका पूरा पानी साफ वस्त्र से छानकर इस निथरे हुए पानी को बालो की जडो में हल्के हाथ से

मसलकर इसका पूरा पानी साफ वस्त्र से छानकर इस निथरे हुए पानी को बालो की जडो में हल्के हाथ से मसले एंव

10-20 मिनट बाद बालो को धो ले .

. बाल सूखे हो तो सप्ताह में एक बार ,चिकनाई युक्त हो तो सप्ताह में दो बार धोना उपयुक्त है ,चाहे तो सप्ताह में 3-4

बार भी धो सकते है ,इस प्रयोग से बालो का गिरना एंव बाल टूटना बंद हो जाता है ,बालो की जडो में मजबूती आती है

बाल काले ,घने एंव चमकदार बनते है .

. नींबू के रस में दो गुना नारियल का तेल मिलाकर उंगलियों की पोरों से धीरे-धीरे बालो की जडो में मालिश करना

भी लाभप्रद है ,इससे बालों से सम्बंधित सभी रोग दूर हो जाते है व बाल मुलायम बनते है .

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