Sunday , 23 September 2018
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जाने गर्भनिरोधक गोलियों के खतरनाक और जानलेवा नुकसान

अनचाहे गर्भ को रोकने के लिये अक्‍सर महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्‍स यानी गर्भ निरोधक गोलियों पर विश्‍वास रखती हैं।

सही समय पर ली गईं दवाई अपना काम ठीक तरीके से करती है , लेकिन इस में हुयी देरी आपको मुश्किल में डाल सकती है |दुनिया में कोई भी ऐसी चीज नहीं है जिसके सिर्फ फयदे ही हो , हर चीज के फ्य्दो के साथ साथ उसके नुक्सान भी होते है , जिन के बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए | बर्थ कंट्रोल के भी कुछ साइड इफेक्‍ट होते हैं, जैसे मतली, यौन रुचि में बदलाव, वजन का बढऩा, सिरदर्द, चक्कर आना, स्तन में सूजन आना आदि, जैसी बातें हर महिला को पता होती हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी साइड इफेक्‍ट हैं, जो डॉक्‍टर आपको नहीं बताएगा। आइये जानते हैं इनके बारे में…

सिरदर्द का दर्द गोलियों की वजेह से शरीर में होने वाले हार्मोन स्तर के उतार चढाव की वजह से सिरदर्द या माइग्रेन हो सकता है। कई बर्थ कंट्रोल पिल एस्‍ट्रोजन के लेवल को घटा देते हैं जिससे सिरदर्द होने लगता है। अगर आपको भी सिरदर्द महसूस हो (गोलियों की वजेह से ) तो अपने चकित्सक को सूचित करे

स्तन की सुजन

गर्भनिरोधक द्वायिओं से कुछ दिनों के लिए स्तन में सुजन आम बात है । यह केवल हार्मोन के बदलाव की वजह से होता है। इस दौरान कॉफी और नमक का सेवन कम कर दें और सपोर्ट वाली ब्रा ही पहनें। अगर आपको छाती में दर्द, सांस लेने में दर्द हो, तो आपको डाक्टरी सलाह लेनी ही चाहिए। पीरियड्स के चलते असामान्य ब्लीडिंग पिल लेने के दो या तीन महीने कें अंदर महिलाओं को पीरियड के दरमियान असामान्य ब्लीडिंग से जूझना पड़ता है। हार्मोनल पिल लेने से यूट्रस में एंडोमेट्रियल की लाइनिंग कमजोर हो कर गिरने लगती है और इसी वजह से ब्‍लीडिंग शुरु हो जाती है। अगर आपको पिल लेते वक्‍त 5 या उससे अधिक दिनों तक ब्‍लीडिंग हो तो डॉक्‍टर से मिलना अनिवार्य है |
वजन का बढना

गोलियां लेने के कुछ दिन बाद शरीर का वजह बढ़ने लगता है, लेकिन यह केवल वॉटर रिटेंशन की वजह से होता है जो कि बाद में चला जाता है। बर्थ कंट्रोल में भारी मात्रा में एस्‍ट्रोजन होता है, जो भूख खतक कर के वजन बढाने का काम करता है। इससे जांघों, हिप्‍स और ब्रेस्‍ट पर चर्बी बढ़ जाती है।

इन्फेक्शन

गोलियों की वजेह से योनि में घुजली, जलन होने की संभावना होती है। यह रोग तब और ज्‍यादा बढ सकता है अगर महिला को मधुमेह है या फिर वह बहुत ज्‍यादा शक्‍कर या शराब का सेवन करती हो या फिर उसका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो। मनोदशा में बदलाव:- गोलियों के सिंथेटिक हार्मोन दिमागी नसों पर असर डालते हैं, जिया की वजेह से आपके मूड में बदलाव आ सकता है ।

आखों की रौशनी पर असर :- गोलियों से आखों की रौशनी पर अधिक असर होता है ख़ास कर उन महिलाओं पर जो शुरु से ही चश्‍मा लगाती है। हार्मोन की वजह से आंखों की पुतलियों में सूजन आ जाती है, जिसकी वजह से यह पेशानी होती रकत के धक्के :- गर्भनिरोधक दवाइयों से रक्त के धक्के जमने लग जाते है , जोकि बोहत गंभीर बात है | यह समस्या जयादातर उन महिलाओं को होती है जो ओवरवेट, 35 की उम्र पार कर चुकी है या फिर हाल ही में बच्‍चे को जन्‍म दिया है। अगर आपको सांस लेने में दिक्‍कत, सीने में दर्द या पैरों में सूजन महसूस हो तो यह फेफड़े या दिल में रक्‍त जमने का संकेत हो सकता है।

सेक्स की रूचि में कमी

कई महिलाओं में यह गोलियां, यौन रूचि में कमी डाल सकती हैं। यह हार्मोनल गोलियां, टेस्‍टोस्‍ट्रोन का प्रॉडक्‍शन रोक देती हैं, जिससे आपकी सेक्‍स लाइफ पर असर पड़ सकता है। इससे सेक्‍स के दौरान दर्द भी होता है। पहली बात ! जितना हो सके इन गोलिओं से दूर रहे , अगर किसी कर्ण यह गोलियों का सेवन आपके लिए अनिवार्य हो चूका है तो इन बातो का धयान रखें | I. ओरल पिल्‍स को रोजाना एक ही समय पर लें। II. ये गोलियां आपको यौन संक्रमित बीमारियों से नहीं बचाएंगी। III. यह गोलियां उनको सूट नहीं करेंगी, जो स्‍मोकिंग करती हैं या फिर जिन्‍हें ब्‍लड क्‍लॉटिंग की बीमारी है। IV. जैसे ही लगे कि आप प्रेगनेंट हो सकती हैं, वैसे ही यह गोली खाएं।

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