Tuesday , 17 July 2018
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दांतों का सबसे हानिकारक रोग पायरिया को नष्ट करेंगे ये आयुर्वेदिक नुस्खे

दांतों का सबसे हानिकारक रोग पायरिया इसमें मसूड़ों के छोटे-छोटे चित्रों में से पीक निकलता है प्रतिदिन दांतो की सफाई में करने से अन्न कण दांतो में फस कर सड़न उत्पन्न करते हैं फल स्वरुप अमलीय अंश की उत्पत्ति से मसूड़ों में शोथ हो जाता है और पीक लगने लगती है

आइए जानते हैं दांतो के सबसे हानिकारक रोग पायरिया को जड़ से नष्ट करने के कुछ आसान घरेलू एवं अदभुत आयुर्वेदिक नुस्खे…

दिन में तीन चार बार नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर कुल्ला करें इससे दांतों की गंदगी साफ होती है और पीब के जीवाणु नष्ट होते हैं तथा मसूड़ों का शौथ ठीक हो जाता है.

पोटेशियम परमैंगनेट यानी लाल दवा पानी में मिलाकर कुल्ला करने से तथा नीम का तेल बनाकर मसूड़ों पर लगाने और कुछ देर लाल टपकाकर गुनगुने जल से कुल्ला करने पर मसूड़ों में लगे जीवाणु नष्ट होते हैं.

आंवला जला कर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सरसों के तेल के साथ मंजन करने से पायरिया रोग दूर हो जाता है.

इलायची लौंग और खस के तेल को मिलाकर दातों पर मलने से पायरिया ठीक होकर मुख की दुर्गंध दूर होती है.

नीम की कोमल पत्तियां काली मिर्च और काला नमक प्रतिदिन प्रातः काल सेवन करने से रक्त शुद्ध होकर पायरिया ठीक हो जाता है.

सेंधा नमक खूब बारीक पीस लें और उसे जरा से सरसों के तेल में मिलाकर अपने दांत मसूड़ों को मले नित्यप्रति मंजन करने से पायरिया ठीक हो जाएगा.

फिटकरी खिला हुआ सुहागा और सेंधा नमक तीनों को महीन पीसकर नित्य प्रति इस चूर्ण का मंजन करने से बढ़ा हुआ पायरिया भी नष्ट हो जाता है.

कथा मौलसिरी की छाल नीम की छाल और सेंधा नमक सभी का संभाग लेकर कूट पीसकर कपड़े छान कर लें इससे मंजन करने से पायरिया ठीक हो जाता है.

पीपल की ताजी जटा काट कर नित्य उससे दातुन करने से हिलते हुए दांत भी जम जाते हैं और दुर्गंध का नाश होता है.

सेंधा नमक काली मिर्च और तंबाकू की पत्तियां इनका समभाग लेकर कूट पीसकर कपड़े छान कर ले इस चूर्ण से मंजन करने पर या इसे सरसों के तेल में मिलाकर रगड़ने से दांतों के सभी रोग दूर हो जाते हैं.

कच्‍चा अमरूद कच्चे अमरुद पर थोडा सा नमक लगाकर खाने से भी पायरिया के उपचार में सहायता मिलती है क्योंकि यह विटामिन सी का उम्दा स्रोत होता है जो दाँतों के लिए लाभकारी सिद्ध होता है

पायरिया होने पर कपूर का टुकड़ा पान में रखकर खूब चबाने और लार एवं रस को बाहर निकालने से पायरिया रोग खत्म होता है-

पायरिया(Pyorrhea)में तम्बाखू का मंजन का प्रयोग-

सामग्री-सादी तम्बाकू- 50 ग्राम, सेंधा नमक – 25 ग्राम, फिटकरी – 25 ग्राम

सबसे पहले आप तम्बाखू को लेकर तवे पर काला होने तक भूनें और फिर पीसकर कपडे से छान कर महीन चूर्ण कर लें तथा सेंधा नमक और फिटकरी बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और तीनों को मिलाकर तीन बार छान लें ताकि ये सभी पावडर एक साथ मिल जाएँ अब इस मिश्रण को थोड़ी मात्रा में हथेली पर रखकर इस पर नीबू के रस की पांच से छ: बूँदें टपका दें और अब इससे दाँतों व मसूढ़ों पर लगाकर हल्के-हल्के अँगुली से मालिश करें आप यह प्रयोग सुबह और रात को सोने से पहले 10 मिनट तक करके पानी से कुल्ला करके मुँह साफ कर लें-जो लोग तम्बाकू का प्रयोग नहीं करते उन्हें इसके प्रयोग में तकलीफ होगी तथा उन्हें चक्कर आ सकते हैं अत: आप सावधानी के साथ कम मात्रा में मंजन लेकर प्रयोग करें-

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