Wednesday , 14 November 2018
Home » Thyroid » घेंघा ( Goiter ) रोग Enlarged Thyroid Gland के लक्षण, कारण और इलाज !!

घेंघा ( Goiter ) रोग Enlarged Thyroid Gland के लक्षण, कारण और इलाज !!

घेंघा यानि गोइटर ( Goiter ) रोग थॉयराइड ग्लैंड के असामान्य तरीके से बढ़ने Enlarged Thyroid Gland के कारण होता है। घेंघा ( Goiter ) रोग अस्थाई भी हो सकता है जो कि समय के साथ खुद ही ठीक हो जाता है लेकिन कुछ कारणों में यह गंभीर होता है जिसे चिकित्सकीय सलाह की जरूरत होती है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

क्यों होता है घेंघा ( Reason for Goiters )

घेंघा ( Goiter ) अधिकतर आयोडीन की कमी से होता है। इस रोग में गर्दन या ठोड़ी में छोटी या बड़ी सूजन आ जाती है, जिससे गले वाला हिस्सा कुछ फूला हुआ नजर आता है। अगर इसकी अनदेखी की जाए तो यह कैंसर का भी रूप धारण कर लेता है।

[ ये भी पढ़िए किडनी का इलाज, kidney ka ilaj ]

घेंघा के लक्षण

  • कफज घेंघा ( Goiter ) होने पर जहां पैदा होता है उस स्थान की खाल के रंग जैसा ही होता है।
  • कफज घेंघा ( Goiter ) होने पर भारी, थोड़े दर्द वाला, छूने में ठंडा, आकार में बड़ा तथा ज्यादा खुजली वाला होता है।
  • मेदज घेंघा ( Goiter ) होने पर खुजली वाला, बदबूदार, पीले रंग की, छूने में मुलायम तथा बिना दर्द का होता है।
  • मेदज घेंघा ( Goiter ) होने पर रोगी का मुंह तेल की तरह चिकना होता है तथा उसके गले से हर समय घुर्र-घुर्र जैसी आवाज निकलती रहती है।
  • वातज घेंघा ( Goiter ) होने पर गर्दन में सूजन और सुई के चुभने जैसा दर्द
  • वातज घेंघा ( Goiter ) होने पर गला और तालु सूखा रहता है

[ ये भी पढ़िए Asthma ka ilaj , अस्थमा का इलाज ]

घेंघा Goiter होने के कारण   ( Reason for Goiters )

घेंघा Goiter बहुत अधिक हाइपरथाइरॉडिज्म ( hyperthyroidism ) हार्मोन के स्त्रावित होने या हाइपोथाइरोडिज्म  ( hypothyroidism ) के बहुत कम स्त्रावित होने या एकदम सामान्य होने पर भी हो सकता है। घेंघा रोग होने का मतलब है कि थॉयराइड ग्लैंड एब्नॉर्मल तरीके से बढ़ रही है। घेंघा रोग के विषय में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी निम्न है:

[ ये भी पढ़िए लीवर का इलाज , liver ka ilaj ]

घेंघा ( Goiter ) के विषय में जानकारी ( Information of Goiters in Hindi )

* खाने में आयोडीन की कमी से भी घेंघा ( Goiter ) रोग होता है।

* घेंघा ( Goiter ) रोग में दूध से बने हुई पदार्थ, ईख के पदार्थ, खट्टी-मीठी चीजें, भारी तथा देर में पचने वाली चीजें, ज्यादा मीठी खाने वाली चीजें, मोटापा बढ़ाने वाला भोजन और ज्यादा रस वाले पदार्थ हानिकारक हैं। ऐसी चीजें घेंघा ( Goiter ) को बढ़ाने का काम करती हैं।

* घेंघा ( Goiter ) रोग में पुराना लाल चावल खाने से, पुराना घी, मूंग, परवल, करेला, तथा पुष्टिकारक (शक्ति देने वाला) और जल्दी पचने वाला भोजन करने से लाभ मिलता है। साथ ही आयोडिन की सही मात्रा भी खाने में लेना आवश्यक है।

सामान्य उपचार  Home remedies for Goiter

घेंघा ( Goiter ) रोग का इलाज बेहद आसान है। लेकिन इसकी जानकारी होना भी आवश्यक है। घेंघा रोग में कुछ जरूरी और असरदार उपाय निम्न हैं:

[ ये नही पढ़िए कब्ज का इलाज , kabj ka ilaj ]

घेंघा का उपचार  ( Treatment of Goiter in Hindi )

1. नमक- खाने में हमेशा आयोडीन वाला नमक खाने से घेंघा ( Goiter ) रोग में बहुत लाभ मिलता है।
2. करजनी- गूंजा या करजनी की जड़ और बीज से निकाला हुआ तेल लगाने से और नाक में डालने से गलग्रंथि और गले की गांठ में लाभ होता है।
3. अपराजिता- सफेद अपराजिता की जड़ के एक से दो ग्राम चूर्ण को घी में मिश्रित कर पीने से अथवा कटु फल के चूर्ण को गले के अन्दर घर्षण करने से घेंघा ( Goiter ) रोग शांत होता है।
4. पीपल- पीपल और थूहर का लेप करने से मेदज घेंघा ( Goiter ) (मोटापे की वजह से गले की गांठे) ठीक हो जाती हैं।
5. देवदारू- देवदारू और इन्द्रायण को एक साथ पीसकर लेप करने से कफज घेंघा ( Goiter ) ठीक हो जाती है।
6. अरंडी- अरंडी की जड़ को पीसकर चावल के पानी में मिलाकर सुबह-शाम लेप करने से घेंघा ( Goiter ) रोग ठीक हो जाता है।
7. समुद्रफल- समुद्रफल, सहजन के बीज और दशमूल की सारी औषधियों को सिल पर पीसकर हल्का-हल्का गर्म लेप करने से वातज गलगंड यानि घेंघा ( Goiter ) (गैस की वजह से गले की गांठे) रोग ठीक हो जाता है।
8. अमलतास- अमलतास की जड़ को बारीक पीसकर पानी में मिलाकर गलगंड (घेंघा) तथा गंडमाला (गले की गांठे) पर लेप करने से दोनों रोग ठीक हो जाते हैं।

कैंसर रोगियों के लिए बड़ी खबर – हर स्टेज का कैंसर हो सकता है सही – कैंसर का इलाज

Miracle Roots

9. लौकी- लौकी के पके हुए फल में पानी भरकर एक सप्ताह तक रखे रहने दें। उसके बाद पीने से घेंघा ( Goiter ) रोग समाप्त हो जाता है।
10. लाल अरंडी- लाल अरंडी की जड़ को पीसकर चावलों के पानी में मिलाकर लेप करने से घेंघा ( Goiter ) रोग ठीक हो जाता है।
11. सूरजमुखी- सूरजमुखी की जड़ और लहसुन दोनों को पीसकर, टिकिया बनाकर गले पर बांधने से घेंघा ( Goiter ) फूट जाता है और बहकर साफ हो जाता है मगर इससे दर्द बहुत होता है।

[ ये भी पढ़िए Heart Blockage ka ilaj , हार्ट ब्लॉकेज का इलाज ]

Leave a Reply

Your email address will not be published.

DMCA.com Protection Status