Friday , 20 September 2019
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किडनी के इलाज के लिए प्रभावी नुस्खे : – ॐ प्रकाश सिंह

किडनी के इलाज के लिए प्रभावी नुस्खे :

काढ़ा बनाने की विधि और उपयोग:

डायबिटिक नेफ्रोपेथी:- 10 ग्राम कासनी बीज 50 ग्राम छोटा गोखरू को 800 एम्एल पानी में धीमी आंच पर उबालें जब पानी 200 एम्एल रह जाये तो उसे छानकर काँटा फेक दीजिये और काढ़े का सेवन सुबह शाम 100, 100 एम्एल खाली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, काढ़ा पीने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाए पिए.

हाइपरटेंसिव नेफ्रोपेथी:- 50 ग्राम छोटा गोखरू को 800 एम् एल पानी में धीमी आंच पर उबालें जब पानी 200 एम् एल रह जाये तो उसे छानकर काँटा फेक दीजिये और उसमे 1 ग्राम सर्पगंधा मिलाकर काढ़े का सेवन सुबह शाम 100, 100 एम् एल खाली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, काढ़ा पीने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाए पिए.

हिमोग्लोबिन के बढाने के लिए:- 10 ग्राम बड़ा गोखरू 40 ग्राम छोटा गोखरू को 800 एम् एल पानी में धीमी आंच पर उबालें जब पानी 200 एम् एल रह जाये तो उसे छानकर काँटा फेक दीजिये और काढ़े का सेवन सुबह शाम 100, 100 एम् एल खाली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, काढ़ा पिने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाए पिए, बड़े गोखरू का काढ़े में सेवन जब तक हिमोग्लोबिन 7.5 के नीचे है तभी तक कीजिये, इसके ज्यादा सेवन से क्रिएटिनिन बढ़ने की आशंका रहती है.

अन्य किडनी डिजीज:- 50 ग्राम छोटा गोखरू को 800 एम् एल पानी में धीमी आंच पर उबालें जब पानी 200 एम् एल रह जाये तो उसे छानकर काँटा फेक दीजिये और काढ़े का सेवन सुबह शाम 100, 100 एम् एल खाली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, काढ़ा पिने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाए पिए.

जिनकी किडनी में सिस्ट है – वो गोकहरू काढ़े के साथ उसके ठीक ४० मिनट बाद सिस्ट के लिए कचनार की छाल और भूमि आवला का काढ़ा ५० ml लिया करे.

यदि शारीर में सुजन है – यदि शारीर में सुजन है, पानी भरा हुआ है तो १० ग्राम भूमि आवला १ ग्राम कुटकी और एक ग्राम सौंठ का काढ़ा लिया करे सुजन ख़त्म हो जाये या जलोदर की समय ख़त्म हो जाये तो इस काढ़े को बंद कर दे

सावधानी:-
1. गोखरू पका हुआ पीले रंग वाला होना चाहिए या पकने की कगार पर पहुंचा हो, तैयार गोखरू को ही यूज करना चाहिए कच्चा गोखरू तोड़कर सुखाया रहेगा तो कसैला लगेगा, उसमे से अर्क ठीक से नहीं उतरता और कभी कभी पेशेंट्स को वोमिटिंग भी हो जाती है काला रहेगा तो उसमे कोई तत्व नहीं रहता, पीना न पीना बेकार है.
2. गोखरू काढ़ा ३ से 4 महीने तक लगातार पीया जा सकता है इससे ज्यादा लगातार न पिए, कोशिश करे की ३ से 4 महीने ठीक हो जाये कोशिश कैसे करनी है उसके लिए गोल कैसे सेट किया जाये यह आपको भाग-7 में मिलेगा.
3. यदि किसी कारण बस आप आने टारगेट तक नहीं पहुँच पाए और पूरी तरह ठीक नहीं हुए तो 15, 20 दिन के लिए गोखरु काढ़ा बंद करके उसके स्थान पर नीम पीपल की छाल का काढ़ा या गेहू के जवारा और गिलोय का सेवन कीजिये, बाकी खान पान यथावत रखिये.

बड़ा गोखरू का काढ़ा बाने की विधि :
10 ग्राम बड़ा गोखरू लेकर बारीक़ कूट लीजिये 10 ग्राम मिश्री लेकर कूट लीजिये 250 ग्राम गाय के दूध में तब तक उबाले जब तक 125 ग्राम न बचे, दूध जब हलका गरम ही रहे तभी छानकर सुबह शाम पीजिये, काढ़ा पिने के डेढ़ घंटे तक कुछ न खाए पिये.

अपवाद स्वरुप ही कहेंगे की हमारे दो पेशेंट्स अनजाने में बड़े गोखरू का काढ़ा छोटे गोखरू का काढ़ा जैसे बनाते है उसी तरह बड़ा गोखरू का काढ़ा बनाकर पीया और दोनों की डायलिसिस बंद हो गई एक अहमदाबाद के आश्विन भाई है दुसरे डेल्ही के अनिकेत गुप्ता जी, अनिकेत जी ने अपनी माँ को पिलाया था दोनों ही स्वस्थ है उसमे से एक जो डेल्ही वाले अनिकेत जी है आजकल कई ग्रुप में व्हात्सप पर एडमिन बनकर लोगो को सलाह भी दे रहे है और फेसबुक पर भी एक ग्रुप में एडमिन है हमारे भी दोनों ग्रुप में फेसबुक पर और व्हात्सप पर भी एडमिन थे लेकिन कुछ व्यक्तिगत कारणों से अब हमारे साथ नहीं है.

नीम पीपल की छाल का काढ़ा :
10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल को ३ गिलास पानी में उबालिए जब पानी एक गिलास रह जाये तो उसे छानकर रख लीजिये सुबह शाम खली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, बाकी सारी सावधानी पूर्ववत रखिये.

गेहू का जवारा और गिलोय का जूस :
50 ग्राम गेंहू का जवारा एक गिलोय की 1 इंच की डंडी का जूस एक गिलास बनाये और सुबह शाम खाली पेट फ्रेश होने के बाद पीजिये, बाकी सारी सावधानी पूर्ववत रखिये.

मूली के पत्ते का जूस :
50 गम मूली के पत्तो को धोकर उसका एक कप जूस बनाकर दिन भर में 5 बजे के पहले तक दो तीन कप पीजिये.

भुट्टे के बाल का जूस : 50 ग्राम भुट्टे के बाल जो भुट्टे को कवर करके रखते है उसे 3 गिलास पानी में उबले जब एक गिलास रह जाये तो यही पानी दिन में 3 बार नाश्ते दोपहर का भोजन और रात्रि के डिनर के आधे घंटे पहले पीजिये.

गाजर खीरा और अजवायन का जूस :
3 गाजर, एक खीरा और 5 ग्राम अजवायन का एक एक गिलास जूस सुबह शाम खाली पेट पीजिए.

नोट: जब क्रिएटिनिन बहुत ज्यादा नहीं है छोटी मोटी प्रोब्लेम्स है तो छोटे गोखुर के काढ़े के स्थान पर छोटे छोटे प्रयोगों का लाभ उठाये.
धन्यवाद, जय श्री राम / जय गो माता, ओमप्रकाश सिंह, किडनी पेशेंट एंड वेलविषर

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