Sunday , 12 July 2020
Home » Major Disease » ulcerative colitis » Pechish ka ilaj – पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज.

Pechish ka ilaj – पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज.

Pechish aanv ka ilaj – पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज.

Dysentery Meaning in hindi – पेचिश को इंग्लिश में Dysentery कहते हैं.

Pechish kya hai ?

Pechish ka ilaj – पेचिश को आमतिसार और रक्तातिसार के नाम से भी जाना जाता है. इसके रोगी को भूख कम लगती है और दुर्बलता प्रतीत होती है. पेचिश रोग में शुरू शुरू में बार बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में दस्त, पेट में ऐंठन की पीड़ा, मल के साथ सफ़ेद चिकना पदार्थ (Mucus) निकलता है, परन्तु धीरे धीरे दस्तों की संख्या बढती जाती है और रक्त भी साथ में आने लग जाता है. दस्त के समय पेट में असहनीय दर्द होता है. पेचिश का मुख्य कारण इलियम के निचले हिस्से व् बड़ी आंत में प्रदाह होता है. पेचिश दो प्रकार की होती है.

  1. दण्डाणुका पेचिश.
  2. अमीबिक पेचिश.

दण्डाणुका पेचिश – Dandanuka pechish ka ilaj

pechish ka ilaj – दण्डाणुका पेचिश – Pchish rog में रोगी को बार बार दस्त जाने की इच्छा होती है. दस्त में रक्त का अंश अधिक होता है. कभी कभी ऐसा लगता है मानो केवल रक्त ही रह गया है. दिन में 20 – 30 दस्त तक हो जाते हैं. और कभी कभी ज्वर भी हो जाता है. यह शीघ्र ठीक हो जाती है. इसके लिए होम्योपैथिक की मर्क कोर 30 एक ड्राम गोलियां लेकर दस दस गोली, पांच बार चूसने से शीघ्र ही रोगी ठीक हो जाता है.

[पढ़िए – बवासीर का इलाज – bawasir ka ilaj]

अमीबिक पेचिश – Amibic pechish ka ilaj

Amibic Pechish ka ilaj – अमीबिक पेचिश Entamoeba Histolytia नामक कीटाणु से होती है. यह Pechish rog गंदे खान पान से यह कीटाणु आंतड़ियों में चला जाता है और वहां प्रदाह पैदा करता है. इसमें दस्त लगते हैं. 24 घंटे में 2 – 4 से लेकर 8 – 10 दस्त आ जाते हैं, दस्त मात्रा में बड़ा, ढीला सा, और तुरंत मल त्याग की इच्छा वाला होता है. दस्त में आंव और रक्त दोनों मिश्रित रहते हैं. रक्त मिश्रित दस्त पतला और ढीला हो जाता है. कुछ में रक्तातिसार (Melaena) का ही लक्षण विशेष होता है और कुछ में कब्ज. दस्तों के अलावा भोजन से अरुचि, आफरा, पेट दर्द या बेचैनी सी रहती है. श्रम करने से थकान, चक्कर आते हैं. इस रोग के कारण श्वांस रोग, पामा (Eczema), यकृत में शोथ (Fatty liver), घाव भी हो सकता है. यह जितना पुरानी होती जाती है उतना इसको दवाओं से ठीक करना कठिन रहता है, लेकिन भोजन और घरेलु चिकित्सा से इसको आसानी से ठीक किया जा सकता है.

आइये जानते हैं अब पेचिश को सही करने के रामबाण घरेलु उपाय.

पेचिश आंवयुक्त नई या पुरानी का रामबाण घरेलु इलाज – pechish aanv ka ilaj

pechish के लिए आवश्यक सामग्री.

सौंफ – 300 ग्राम.

मिश्री – 300 ग्राम.

Pechish ki dawa बनाने की विधि.

Pechish ki dawa – सबसे पहले सौंफ के दो बराबर हिस्से कर ले। एक हिस्सा तवे पर भून ले। भुनी हुई सौंफ और बची हुई सोंफ दोनों को लेकर बारीक़ पीस ले और मिश्री (मिश्री को पहले पीस लीजिये) को मिला लें। इस चूर्ण को छ; ग्राम (दो चम्मच) की मात्रा से दिन में चार बार खाएं। ऊपर से दो घुट पानी पी सकते है। आंवयुक्त पेचिश ( मरोड़ देकर थोड़ा-थोड़ा मल तथा आंव आना ) के लिए रामबाण है। सोंफ खाने से बस्ती-शूल या पीड़ा सहित आंव आना मिटता है।

[BUN test in hindi]

Pechish rog ka सहायक उपचार – pechish aanv ka ilaj

दही- भात(चावल) मिश्री के साथ खाने से आंव-मरोड़ो के दस्तो में आराम आता है।

1. दाना मेथी से pechish ka ilaj

मैथी (शुष्क दाना) का साग बनाकर रोजाना खाएं अथवा मैथी दाना का चूर्ण तीन ग्राम दही मिलाकर सेवन करे। आंव की बीमारी में लाभ के अतिरिक्त इससे मूत्र का अधिक आना भी बंद होता है। मैथी के बीजो को डा.पि. बलम ने काड लिवर ऑयल के समान लाभकारी बताया है।

2. चंदलिया (चोलाई) का साग से pechish ka ilaj

चंदलिया (चोलाई) का साग (बिना मिर्च या तेल में पका हुआ) लगभग १५० ग्राम प्रतिदिन ११ दिन तक खाने से पुराने से पुराना आंव का रोग जड़ से दूर होता है। गूदे की पथरी में भी चोलाई का साग लाभकारी है। यह साग राजस्थान में खूब होता है।

3. छोटी हरड़ तथा पीपर का चूर्ण से pechish ka ilaj

हरड़ छोटी दो बाग़ और पीपर छोटी एक भाग दोनों का बारीक़ चूर्ण कर ले। एक से डेढ़ ग्राम चूर्ण गर्म पानी से दोनों समय भोजन के बाद आवश्यकता अनुसार तीन दिन एक सप्ताह तक नियमित ले। इससे आंव और शुलसहित दस्त शांत होते है। यह अमीबिक पेचिश में विशेष लाभप्रद है।

 

Liver Reactivator – लीवर की संजीवनी – मात्र 380 रु में लीवर को दीजिये जीवनदान

liver reactivator, liver ka ilaj, jaundice ka ilaj, liver reactivator

Liver ReActivator – लीवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस, फैटी लीवर सहित लीवर की सभी बिमारियों के लिए रामबाण

Liver ReActivator – लीवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस, फैटी लीवर, बढे हुए SGPT और SGOT सहित लीवर की सभी बिमारियों के लिए रामबाण है, इसको हमने लीवर के अनेक मरीजों को दिया और बहुत ही सकारात्मक परिणाम भी पायें हैं.

Liver ReActivator Formulation

इसकी Formulation बहुत बढ़िया है. यह भूमि आंवला, पुनर्नवा, कासनी, मकोय, भृंगराज,अरंड, दारुहल्दी, हरड, कुटकी जैसी 9 नायाब औषधियों का मिश्रण है. इसमें सबसे अधिक मात्रा में भूमि आंवला मिलाया गया है. जो के लीवर के सभी रोगों के लिए अमृत है.

Liver ReActivator Price

Liver Reactivator को हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से Only Ayurved ने इसके मूल्य बहुत कम रखा है. यह 200 ml की बोतल है और इसकी कीमत सिर्फ 160 रुपैये है,  500 ml की बोतल है और इसकी कीमत सिर्फ 380 है.  वो रोगी जिनको लीवर की कोई भी समस्या हो चाहे वो Fatty liver, Liver cirrhosis, Alcoholic liver, digestive problem, hepatitis, jaundice इत्यादि हों, उनमे इसका उपयोग बेहद लाभकारी है.

[SGOT Test In Hindi]

Liver Reactivator का सेवन.

Liver Reactivator को अगर सुबह खाली पेट एलो वेरा और पंच तुलसी के साथ लिया जाए तो ये बहुत ही ग़ज़ब का रिजल्ट देगा, इसके लिए Only Ayurved का एलो वेरा जो के क्वालिटी में कई विदेशी कंपनी को टक्कर देता है 500 ml सिर्फ 380 रुपैये का है और पंच तुलसी जो 30 ml 120 की है, एक गिलास पानी में 30 ml एलो वेरा मिला कर 10 ml Liver Re activator और 2 बूँद मिला कर लेना चाहिए.

[Jaundice ka ilaj]

Liver ReActivator Result

उपरोक्त विधि से Liver Reactivator लेने पर इसके नतीजे सिर्फ 15 दिन में दिखेंगे. पूर्ण आराम के लिए इसको 3 महीने तक लेना चाहिए.

Liver ReActivator Availability

आपके नजदीकी Only Ayurved Dealer list और उनकी Location

बिहार

पटना – 7677551854

गोपालगंज – 9431059379

गया (इमामगंज) – 9771898989

मधेपुरा – 9546552233

छत्तीसगढ़

बिलासपुर – 9584891808, 9926758959, 9300333438

रायपुर – 9644133772

दुर्ग भिलाई – 9691305217

झारखण्ड

मनिका – लातेहार – 9801290105

धनबाद – 7004458228

महाराष्ट्र

मालेगांव (नासिक) – डॉ. फरीद शेख 9860785490

धुले – 8999909029

नासिक – 9270928077

पुणे – 9209211786

नागपुर – 8830998853

*शोलापुर – 8308604642

कोल्हापुर – 9923280004

अहमद नगर – राओरी – 8605606664

कल्याण – 8454050864

टिटवाला – 9821315415

मलाड – 9967293444

घाटकोपर – 07738350032

भंडारा – 9422174853

औरंगाबाद – 7020505445

जालना – 7020505445

तामिलनाडू

चेन्नई – 9884164854

गुजरात

अहमदाबाद – 9974019763, 7874559407

पालनपुर ( डॉ. हिदायत मेमन )  –  9428371583

द्वारिका – 9033790000

चिकली – 9427869061

अंकलेश्वर – भरूच – 8460090090

वड़ोदरा – 7574857452

सूरत –  8866181846, 9879157588

भुज / मुंद्रा  – 9974576143

जामनगर – 9974199748

मध्यप्रदेश

भोपाल – 7987552689

इंदौर – 9713500239

जबलपुर – 9039868554

ग्वालियर – 9229239248

उत्तर प्रदेश

मेरठ – 8449471767

हापुड़ – 9528777776

हाथरस ( U. P. ) –  9997397043, 7017840020

मथुरा ( वैध रविकांत जी ) – 9259883028

फ़िरोज़ाबाद – 8445222786 वैध रविन्द्र सिंह

फ़र्रुख़ाबाद – 9839196374

सुल्तानपुर – 9125131178

रायबरेली – 9236038215

वाराणसी – 9125349199

गोरखपुर – 9792960999

सिद्धार्थ नगर – 9936404080

महाराजगंज – 9455426806

लखनऊ – 9140546350

लखनऊ आयुष चिकित्सालय –  7071332332

इटावा – 9557463131 डॉ. कौशलेन्द्र सिंह

उत्तराखंड

ऋषिकेश – 7456987328

देहरादून – 9897890225

दिल्ली –  NCR

सराय कालें खां –  9015439622, 9871490307

गाज़ियाबाद – 9719077555

Greater Noida – 9310299100

गुडगाँव – 9310330050

फ़रीदाबाद – 9315154682

हरियाणा

रोहतक – 9518103148

फ़रीदाबाद – 9315154682

चंडीगढ़ – 9877330702

डबवाली – 9416218182

पंजाब

बठिंडा – 9779566697

डबवाली – 9416218182

मलोट – 9878100518

मलेर कोटला – 9872439723

लुधियाणा – 9803772304

मोगा – 9988009713

जालंधर – 9814832828

अमृतसर – 8872295800

होशियारपुर उड़मुड टांडा – 9803208718

मोहाली – 09216411342

मुकेरियां – 9815296322

राजस्थान

जयपुर – 8107329121

जोधपुर – 8005724956

सिरोही – 9875238595

उदयपुर – 9875238595

फतेहपुर शेखावाटी – 9636648998

चुरू – 7976194800

उदयपुर वाटी (झुंझुनू)  डॉ राकेश कुमार – 9351606755

संगरिया – 7597714736

हिमाचल प्रदेश

नालागढ़ – 9816022153

चिन्तपुरणी – 9816414561

अगर आप Only Ayurved के साथ मिलकर ये काम करना चाहते हैं तो संपर्क कीजिये

उत्तर प्रदेश 7017840020

महाराष्ट्र – 9860785490

मुंबई – 8454050864

गुजरात – 8866141846

बिहार – 7677551854

हरियाणा – 9315154682

पंजाब – 9779566697

मध्य प्रदेश – 7987552689

छत्तीसगढ़ – 9300333438

अन्य राज्यों के लिए संपर्क करें. 7014016190

2 comments

  1. राजकुमार सिंह

    गर्मियों में होने वाली पेचिश एवं रक्‍त पेचिश में एक अनुभूत प्रयोग इस प्रकार है- एक चम्‍मच काला नमक, एक चम्‍मच मीठा सोडा एक गिलास पानी में मिला लेवें । फिर थोडा सी टाटरी मिला कर तुरंत पानी एक साथ पी जावें । दिन में तीन से चार बार प्रयोग करने से रक्‍त आना बंद हो जाता है ।

  2. मुझे बहुत आराम मिला, बहुत बहुत धन्यवाद। मेरे लिए मेथी दाना बहुत कारगर साबित हुआ । ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

DMCA.com Protection Status