Wednesday , 18 July 2018
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Pathri ka desi ilaj – कितनी भी बड़ी हो पथरी – निकलेगी तो पता नहीं चलेगा

पथरी का इलाज – pathri ka desi ilaj

pathri ka desi ilaj – यह योग ऐसा है के अगर पथरी मुर्गी के अंडे के बराबर भी हो तो भी ये उसको निकाल देता है. यह योग आल इंडिया आयुर्वेदिक एंड तिब्बी कांफ्रेंस के वार्षिक उत्सव पर बदायूं के एक हकीम साहब ने बताया. वो अपने साथ 300 पथरियां लेकर आये थे जो उन्होंने भरी सभा में दिखलाई थी. उनका कथन था के चाहे पथरी मुर्गी के अंडे के बराबर ही क्यों ना हो इस दवा से स्वतः टूट टूट कर निकल जाती है. उन्होंने यह योग मानवता के हित के लिए विशेष रूप से दिया है. आइये जाने ये विशेष योग.

पथरी का इलाज – pathri ka desi ilaj

pathri ka desi ilaj – योग – संग यहूद जिसको हजरुल यहूद भस्म भी कहा जाता है (यह किसी भी औषिधि केंद्र से बड़ी आसानी से मिल जाती है) 50 ग्राम, कलमी शोरा 100 ग्राम.(यह भी आयुर्वेदिक दवा केंद्र से मिल जायेगा), मूली का रस 3 किलो.

इन तीनो औषधियों को एकत्रित कर लीजिये. कलमी शोरे को दो हिस्सों में 50-50 ग्राम बाँट लीजिये, और मूली के रस को 6 हिस्सों (500 – 500 ग्राम.) में बाँट लीजिये  अभी सब से पहले एक मिटटी के बर्तन में 50 ग्राम कलमी शोरा डाल दीजिये, इसके ऊपर संगेयहूद भस्म डाल दीजिये, अभी इसके ऊपर दोबारा बचा हुआ 50 ग्राम कलमी शोरा डाल दीजिये इस पर आधा किलो मूली का रस डाल दीजिये.

[सफ़ेद दाग का इलाज – Safed daag ka ilaj]

Pathri ka desi ilaj – एक ईंटों का चूल्हा निर्माण कर लीजिये जिसमे 5 किलो उपले ले कर (उपले अर्थात गोबर की पाथियाँ जो अक्सर गाँवों में चूल्हा जलाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं) अग्नि जला लीजिये. अभी मिटटी के बर्तन को जिसमे सभी सामग्री डाली हो उपलों की आग में आंच दीजिये. आग शांत होने पर दोबारा इसमें 500 ग्राम. मूली का रस डाल दीजिये और फिर से इसी प्रकार 5 किलो उपलों की आग में पकाएं. ऐसा 6 बार तक करना है जिस से पूरा मूली का रस डाल देना है. पूरी आंच देने के बाद दवा तैयार है.

अभी इस दवा का सेवन भी उन्होंने जिस विधि से बताया वो बता रहें हैं.

उपरोक्त बनी हुयी दवा को 2 ग्रेन लेकर, यवक्षार 2 ग्रेन, मूलीक्षार 2 ग्रेन इन तीनो को मिलाकर शरबत बजूरी के साथ दिन में तीन बार प्रतिदिन खिला दिया करें. गुर्दे व् मसाने की पथरी सरलतापूर्वक निकल जाती है. यवक्षार, मूलीक्षार, शरबत बजूरी, कलमी शोरा, सगेयहूद (हजरुल यहूद भस्म) सब किसी विश्वसनीय दूकान से अच्छी फार्मेसी की लेवें या खुद बना लेवें. यवक्षार और मूलीक्षार बनाने की विधि बहुत आसान है. वो आप हमारी इन नीचे दी गयी दोनों पोस्ट से क्लिक कर के पढ़ सकते हैं. Pathri ka desi ilaj

1 ग्रेन 0.06 Gram होता है. इस प्रकार उपरोक्त दवा 2 ग्रेन = 0.12 ग्राम तीनो को लेनी है अर्थात तीनो को मिलाकर 0.36 ग्राम बनती है. ज्यादा से ज्यादा इसको 1 ग्राम तक लीजिये.

50 लोगों की पथरी निकाल दी – अनुभव श्री Rashmikant Parmar

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Experience Rashmikant parmar.

एक अनुभव जो हमको श्री रश्मिकांत परमार जी ने भेजा और आप सब लोगों तक पहुँचाने के लिए कहा. इन्होने अनेक लोगों की पथरी सही कर दी. आइये जाने इनका घरेलु उपयोग इनके ही शब्दों में.

एक अनुभव जो आप लोगों से मैं शेयर करना चाहता हूँ. पथरी की दवा जिस से काफी लोगों को फायदा हुआ और जिस से पथरी रेत बन कर मूत्र के साथ निकल जाती है और चाय छानने वाली छन्नी से मूत्र को छानने से हम रेत देख सकते हैं. हमने करीब 60 लोगों को यह दवाई करवाई तो उसमे 40 लोगों को एक बार में ही ठीक हो गयी 10 लोगों को दूसरी बार यह प्रयोग करना पड़ा मगर करीब 10 लोगों को 3-4 बार में भी कोई फायदा नहीं हुआ.

[ये भी ज़रूर पढ़ें – किडनी यूरेटर या ब्लैडर की पत्थरी का बिलकुल सरल सा रामबाण घरेलु इलाज.]

तो आइये जाने क्या प्रयोग किया था रश्मिकांत परमार जी ने.
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  1. पत्थरचट जिसको पखानबेद भी कहते हैं इसके 12 – 15 पत्ते. (ये पौधा आपको किसी भी नर्सरी में मिल जायेगा).
  2. जवाखार 15 – 20 ग्राम. (ये किसी अच्छे विश्वसनीय पंसारी से लीजिये, क्यूंकि इसमें मिलावट भी आती है, प्रयोग की सफलता के लिए उच्च कोटि की जवाखार चाहिए.) असली जवाखार करीब रेत के रंग का होता है.

pathri ka desi ilaj – प्रयोग की विधि.

pathri ka desi ilaj – पत्थरचट के पत्तों को अच्छे से धो कर मिक्सर में डाले और उसमे एक गिलास पानी और जवाखार भी डाले फिर मिक्सर में करीब 4-5 मिनट तक उन्हें अच्छे से क्रश कर लें. अब इसमें 7 गिलास पानी और डाल लीजिये. अब इस को अच्छे से मिक्स कर के कांच के बर्तन में भरें और उसको छानना नहीं है ऐसे ही इस्तेमाल करना है. अभी आपके पास 8 गिलास लिक्विड है. एक दिन में 4 गिलास पीने हैं. 4 घंटे के अंतर में एक गिलास पीना है. दिन में 4 गिलास पीने हैं. और बाकी के चार गिलास अगले दिन पीने हैं. और इसके साथ हर आधे घंटे के बाद मटके का शुद्ध पानी पीना है. और ये दो दिन हो सके तो पूरा रेस्ट करना है. इन दो दिनों में बहुत पेशाब लगेगी. और हर बार छन्नी से अपना मूत्र छाने, आपको रेत जैसे कण दिखाई देंगे जो इस प्रयोग के सफल होने की और इशारा करेंगे. pathri ka desi ilaj

इस प्रयोग के एक हफ्ते के बाद आप दोबारा पथरी के लिए जांच करवाएं, यदि थोड़ी पथरी रह गयी हो तो एक हफ्ते या पंद्रह दिनों के बाद फिर से यह प्रयोग करे. इस प्रयोग से 80 % केसेस में पथरी कितनी भी बड़ी हो वो निकल जाती है. ज़्यादातर केसों में इस प्रयोग के बाद ऑपरेशन करवाने की नौबत नहीं आती.

[ये भी ज़रूर पढ़ें – किडनी यूरेटर या ब्लैडर की पत्थरी का बिलकुल सरल सा रामबाण घरेलु इलाज.]

पत्थर चट के बारे में General Information

Latin name: Kalanchoe Pinnata Synonym: Bryophyllum calycinum, Bryophyllum pinnatum Family: Crassulaceae

संस्कृत नाम : पर्ण बीज, हेमसागर

हिंदी: पत्थर चट्टम, पत्थर चूर, पत्थर चट, पाषाणबेद, पखान बेद

बंगाली : कोप्पट, पत्थर कुची

तेलुगु: रानापला

तमिल: रुनाकली

Other Names: Cathedral Bells, Air Plant, Life Plant, Miracle Leaf, Goethe Plant.

pathri ka desi ilaj – यह पौधा साधारणतः लोग घरों में शोभा बढ़ाने के लिए गमलों में ही लगा देते हैं. यह सर्व्सुलुभ है. और किसी भी नर्सरी से आसानी से मिल जायेगा. इसके पौध की कीमत भी 15 से 20 रुपैये होती है. और ये कलम लगाने से ही फूट पड़ता है. ये गमलों में तो क्या ये पत्थरों के बीच में भी निकल जाता है. यह सिर्फ मूत्र मार्ग ही नहीं बल्कि पित्ताशय की पथरी को भी निकालने में सक्षम है. इसको अनेक औषधीय प्रयोगों में प्रयोग किया जाता है. शरीर में कहीं गाँठ बन जाए और उसका मुंह ना बन रहा हो तो उस जगह इस पत्ते को थोडा गर्म करके बाँध दें. कुछ ही दिनों में चाहे वो स्तन की गांठ हो या शरीर के किसी और अंग की गाँठ हो तो वो भी मुंह बना लेती है. ऐसा ग़ज़ब है ये पौधा. pathri ka desi ilaj
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Rashmikant parmar.

रश्मिकांत जी ने अपने फेसबुक प्रोफाइल से हमको कांटेक्ट किया और अपना अनुभव हमसे शेयर किया और इसको जनहित में प्रसारित करने को कहा और उनके कहने के बाद हमने उनका अनुभव यहाँ पर आप लोगों तक पहुँचाया, अगर ये प्रयोग आप करना चाहे और किसी प्रकार की कोई मदद या संपर्क आप रश्मिकांत जी से करना चाहे तो आप ऊपर दिए गए लिंक से जा कर उनसे बात कर सकते है.. धन्यवाद. pathri ka desi ilaj

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[Click here to Read – यवक्षार बनाने की विधि]

[Click here to Read – मूलीक्षार बनाने की विधि]

[Click here to Read – शरबत ऐ बजूरी बनाने की विधि]

[Watch This – pathri ka desi ilaj – Stone Away]

18 comments

  1. 15.3mm kidney stones

  2. Anil Singh Rathore

    आप की बनीं दवाई मिल सकती हैं कया

    • ये तो बनानी पड़ेगी सर.. बहुत सरे वैद लोग भी ये बनाते हैं.

  3. hazrul yahud kaha milega bhai

  4. Kya Bina apple juice ke hibiscus powder le sakte hain

  5. I highly appreciate you, Admin Sir; for replying every questions of your followers and also advising Ayurvedic medical treatment perfectly with very good informations. Thanks a lot from your all followers. Again I will highly appreciate you if you will help me by giving me your contact number for any Ayurvedic medical information if I need in future. Thanks.

  6. Sir , apki jankri bhuot achi rahti hi , muje pad ke mja at a hi me ASA krta hu ki ap ESE hi jankariya de te rajege

  7. Sir , koi English dva ho to btane ki krupa kre

  8. Stonil capsule is also best for removing kidney stone.

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