Friday , 3 April 2020
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आपकी आँखों की बीमारियों में अपनाये आयुर्वेदिक चिकित्सा |

आपकी आँखों की बीमारियों में अपनाये आयुर्वेदिक चिकित्सा |

परिचय –

सभी आँखों के रोगों की शुरुआत अभिष्यन्द से होती है साधारण भाषा में इसे आँख उठना ,आँख दुखना ,आँख का आना

कहते है .यह बीमारी ग्रीष्म या वर्षा ऋतू में फेलती है .

आँखों में 76 प्रकार के रोग होते है इनमे से कोई न कोई रोग नेत्र में होता ही रहता है कई रोग तो आँखों के लिए इतने

घातक होते है की व्यक्ति अँधा .हो जाता है .किसी रोग में आँखों का लाल होना ,पानी आना ,धुंधला  दिखाई देना ,

दूर व पास की नजर पर पभाव होना आदि रोग हो जाते है .हम इस पोस्ट में नेत्रों की चिकित्सा के लिए अनुभूत प्रयोग

लाये हे इन्हें बनाकर लाभ ले .

1.- आँखों का जाला ,लाली व कम दिखाई देना –

दवा —- ग्वारपाठा का रस 100 ग्राम ,सफेद फिटकरी 1-2 ग्राम ले दोनों को मिलाकर छानकर शीशी में डक्कन

लगाकर रख ले और 2-2 बूंद आँख में डाले लाभ हो जायेगा .

2.- आँखों में फुला ,व आँखों की लाली –

दवा —- गुलाब जल 250 ग्राम ,सफेद फिटकरी कच्ची 4 ग्राम ,हल्दी चूर्ण 10 ग्राम ,भीमसेनी कपूर 2 ग्राम ,

पिपरमेंट आधी रती ये ले .अब गुलाब जल में फिटकरी व हल्दी डालकर उबाले दो उबाल आने पर उतार ले और छानकर

शीशी में रख ले कुछ देर रहने पर इसमें कपूर और पिपरमेंट डालकर रख ले और दिन में 2-3 बार 2-2 बूंद डाले .

3.-मोतियाबिंद ,आँखों में जलन के लिए –

दवा —- सफेद प्याज का रस ,अदरक का रस ,नींबू का रस ,छोटी मख्खी का शहद चारो चीजे 100-100 ग्राम ले

ये सभी 400 ग्राम हो गई इसका 12 गुना अर्थात  4 किलो 800 ग्राम गुलाब जल लेकर उसमे मिला ले और ये दवा

तेयार हे इसकी 2-2 बूंद आँखों में डाले इससे मोतियाबिंद 50-60 दिनों में खत्म हो जाता है .

4 .- आँखों में जाला ,फुला ,पडवाल होना ,रोशनी बढ़ाना –

दवा —-  लटजीरा के पत्तो की राख 40 ग्राम ,शुद्ध काला सुरमा 10 ग्राम ,पिपरमेंट 2-4 रती ले .सबसे पहले

लटजीरे के पत्तो को सुखाकर जला ले और राख ले अब तीनो को खरल करके एक जगह मिक्स कर ले और डिब्बी

में रख ले यह सुरमा प्रतिदिन सुबह आँखों में लगाये .कुछ दिनों में ही अपना असर दिखाना शुरू कर देती है .

5.- आँखों की फूली –

दवा —- सफेद पुनर्नवा ले और धोकर इसके छोटे -छोटे टुकड़े कर छाया में सुखा ले और इन्ही टुकडों को पत्थर पर

पानी के साथ घिसकर लेप बनाकर फूली पर लगाये लाभ हो गा

6.- काला मोतिया –

दवा —- गुलाबी फिटकरी कच्ची ,सेंधा नमक दोनों को बराबर -बराबर ले तथा गुलाब अर्क के साथ चार घंटो तक

खरल करे  और सोते समय 2-2 सलाई दोनों आँखों में लगाये ,2 महीने तक लगाये .मोतियाबिंद का पानी जड से समाप्त

हो जायेगा और चश्मा भी हट जायेगा .

7.- आँखों का जाला और चश्मा हटाने हेतु –

दवा —- सफेद प्याज का रस ,सरसों तेल ,शहद तीनो को बराबर लेकर मिलाकर रख ले और 3 दिन बाद से 1-1 बूंद

दो बार आँखों में डाले .दवा को डालने से पहले हिला ले .

8.- नेत्रज्योति तेज करना – खाने वाली दवा –

दवा —- बादाम गिरी 50 ग्राम ,चारो मगज 200 ग्राम ,ब्रह्मी 50 ग्राम ,शंखपुष्पी 50 ग्राम ,सोंफ 100 ग्राम ,कालीमिर्च

10 ग्राम ,आंवला 50 ग्राम ,लोह भस्म साधारण 5 ग्राम ,मिश्री 250 ग्राम .सबको कूट पीसकर  रख ले और 5-10 ग्राम

सुबह खाकर ऊपर से दूध पि ले .बहुत लाभकारी है .

9.- नजर तेज करने के लिए –

दवा —- बादाम गिरी रात को भिगो कर रखी हुई 4 नग ,2 ग्राम सोंफ ,और 2 ग्राम मिश्री तीनो को मिलाकर चबा ले और ऊपर से गुनगुना दूध पी ले .पानी बिल्कुल ना पिए .लाभ हो जायेगा .

दवा —- रोज रात को सोने से पहले पेरो के तलवों में गाय के घी की मालिश करे .इससे चश्मा उतर जाता है .

10 .-आँखों की जलन व पानी आना –

दवा —- हरड ,बेहडा ,आंवला 20 -20 ग्राम ले ,सिरस के बीज काले वाले 10 ग्राम ,रसोंत 10 ग्राम ,कालीमिर्च 4 रती

छोटी पीपल 4 रती ,सोंठ आधा ग्राम ,गुलब जल 750 ग्राम ,सबको कूट -पीसकर गुलाब जल में 4-5 दिनों तक भिगोकर

रखे और ऊपर से पानी को निथारकर शीशी में डाल ले और 2-2 बूंद आँखों में डाले .इसमें पिपरमेंट 1रती अवश्य डाले .

11.- आँखों का अंधापन –

दवा —- सत्यानासी बूटी का रस इकट्टा करके सुखाकर बत्ती बना ले और पत्थर पर पानी के साथ घिसकर आँखों में

लगाये लाभ होगा .

12.- रतोंधी के लिए अनुभवी योग –

दवा —- नीम के पत्ते छाया में सुखाये हुए 100 ग्राम ,अजवायन 50 ग्राम ,यवक्षार 25 ग्राम ,हरड ,बेहड़ा ,आंवला

20-20 ग्राम ,सोंठ ,कालीमिर्च ,पीपल ,वीडलवण ,सेंधा नमक ,काला नमक .10-10 ग्राम लेकर कूट-पीसकर

छान ले और 3-4 ग्राम की मात्रा में 200 ग्राम ताजा पानी के साथ दिन में 3 बार दे

बहुत जल्दी लाभ हो जाएगा .

13 .- रतोंधी –

दवा —- सफेद प्याज के रस की 3 बूंद केवल सांयकाल आँखों में डाले इससे 3-4 दिनों के प्रयोग से रोग नष्ट हो जाता है

 

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